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पंजाब कैबिनेट के फैसले: आंदोलन में जान गंवाने वाले 104 किसानों के वारिसों को मिलेगी नौकरी, 4853 लोगों का कर्जमाफ

Thu, 26 Aug 2021 10:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 26 Aug 2021 10:37 PM IST
सार

कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में जान गंवाने वाले 104 किसानों के वारिसों को पंजाब सरकार नौकरी देगी। इसके अलावा पंजाब मंत्रिमंडल ने कई और अहम फैसले लिए हैं। पंजाब सरकार ने पराली से बॉयलर चलाने की कुछ उद्योगों को मंजूरी दी है। 

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Punjab government will give jobs to heirs of 104 farmers who lost their lives in Andolan
कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

विस्तार

पंजाब कैबिनेट ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरुद्ध जारी संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले 104 किसानों/कृषि मजदूरों के वारिसों को नौकरी देने के फैसले को कार्योत्तर मंजूरी दे दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने संघर्ष के दौरान जान गंवा चुके अन्य किसानों के वारिसों को भी रोजगार मुहैया करवाने के लिए संबंधित विभागों को नियमों में ढील देने का निर्देश दिया। 

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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि काले कानूनों के विरुद्ध संघर्ष में अपनी जान कुर्बान करने वाले पंजाब के सभी किसानों के पारिवारिक सदस्यों को सरकारी नौकरियां दी जाएं। इससे पहले मंत्रिमंडल द्वारा अनुकंपा के आधार पर नौकरी संबंधी 21 नवंबर 2002 को बनी पंजाब सरकार की नीति के तहत कवर न किए गए उम्मीदवारों को ढील देने की मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री को नियमों में और बदलाव करने के अधिकार दिए। यह नीति सरकारी कर्मचारियों और देश की सुरक्षा के लिए जान कुर्बान करने वाले व्यक्तियों पर लागू होती है।
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बॉयलर में धान की पराली जलाने पर मिलेगी उद्योगों को रियायत
पंजाब सरकार ने उद्योगों की कुछ श्रेणियों को पराली के निपटारे के लिए बॉयलर लगाने की अनुमति देने का फैसला किया है। इसके तहत जिन उद्योगों को यह लाभ मिल सकता है, उनमें चीनी मिलें, पल्प, पेपर मिलें और 25 टीपीएच से अधिक भाप पैदा करने की क्षमता वाले बॉयलर संबंधी उद्योग शामिल हैं। 

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मंत्रिमंडल ने बॉयलर में धान की पराली को ईंधन के तौर पर इस्तेमाल के लिए ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर पहले 50 मौजूदा उद्योगों को 25 करोड़ रुपये की वित्तीय रियायतें देने का भी फैसला किया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में गुरुवार को यह फैसला लिया गया कि पुराने बॉयलरों को बदलने या नए बॉयलरों की स्थापना के प्रस्ताव रखने वाली डिस्टिलरियों/ब्रेवरीज की नई और मौजूदा इकाइयों को धान की पराली को ईंधन के तौर पर अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करना पड़ेगा। 

मंत्रिमंडल ने धान की पराली के भंडारण के लिए पंचायती जमीन की उपलब्धता के लिहाज से उद्योगों को गैर-वित्तीय रियायतों के लिए 33 साल तक के लीज समझौते के साथ लीज में छह प्रतिशत प्रति साल वृद्धि दर की मंजूरी भी दी है। इसके अलावा उन क्षेत्रों में बॉयलर पहल के आधार पर उपलब्ध करवाए जाएंगे, जहां धान की पराली को बॉयलर में ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

4853 कर्जदारों के 50 हजार के कर्ज माफ
कैबिनेट ने पंजाब अनुसूचित जाति भूमि विकास और वित्त निगम (पीएससीएफसी) और पंजाब पिछड़ी श्रेणियां भूमि विकास और वित्त निगम (बैकफिनको) से कर्ज लेने वाले कर्जदारों को 50,000 रुपये प्रति कर्ज राहत देने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया। इस कदम से अनुसूचित जातियों, दिव्यांग पिछड़ी श्रेणियों, आर्थिक तौर पर कमजोर वर्गों और अल्संख्यकों से संबंधित कर्जदारों को राहत मिलेगी। इस फैसले के तहत कुल मिलाकर 62.46 करोड़ रुपये की रकम की कर्ज राहत दी गई है जो 31 मार्च, 2021 तक दिए गए कर्जों पर लागू होगी और माफ की गई कर्ज रकम 30 जून, 2021 को निर्धारित की जाएगी। इस हिसाब से 14853 कर्जदारों (पीएससीएफसी के 10151 और बैकफिनको के 4702 कर्जदारों को राहत मिलेगी।

 ‘मेरा काम मेरा मान’ योजना को मंजूरी

पंजाब के बेरोजगार नौजवानों को अल्पकालिक मुफ्त कौशल प्रशिक्षण द्वारा चुनिंदा क्षेत्र में रोजगार के योग्य बनाने और कौशल वृद्धि में मदद करने के लिए पंजाब कैबिनेट ने गुरुवार को नई स्कीम ‘मेरा काम मेरा मान’ शुरू करने को हरी झंडी दे दी। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार, कैबिनेट द्वारा निर्माण श्रमिकों और उनके बच्चों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह स्कीम मौजूदा वित्तीय वर्ष से ही शुरू करने का फैसला किया गया है। इसके अंतर्गत 30,000 लाभार्थियों को मदद देने का लक्ष्य प्रस्तावित है, जिस पर 90 करोड़ रुपये की लागत आएगी। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को यह स्कीम समाज के अन्य वर्गों तक विस्तारित करने के लिए भी अधिकृत किया। 

प्रशिक्षण के दौरान 2500 रुपये प्रति माह भत्ता भी
स्कीम के तहत पंजाब कौशल विकास मिशन प्रशिक्षण केंद्रों में अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की शुरुआत से लाभार्थी को 12 महीने 2500 रुपये प्रति माह रोजगार सहायक भत्ता मुहैया करवाया जाएगा। उक्त भत्ता, प्रशिक्षण के समय के दौरान प्रोग्राम की शुरुआत से प्लेसमेंट से पहले और प्लेसमेंट के बाद के 12 महीनों के समय के लिए सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद दिया जाएगा।

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