Punjab: 15 साल में दुल्हनों को छोड़ विदेश भागे 331 एनआरआई दूल्हे, अब संपत्ति कुर्क करेगी मान सरकार
एनआरआई थानों में दर्ज केसों में सबसे अधिक 46 भगोड़े यूके में हैं। इसके अलावा अमेरिका में 35, कनाडा 35, ऑस्ट्रेलिया 23, जर्मनी में सात, न्यूजीलैंड में छह हैं। इसी तरह के केस अन्य थानों में भी दर्ज हैं। नवांशहर में ऐसे मामलों की संख्या सबसे अधिक 42 है।
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पंजाब में धोखे से शाही शदियां रचाकर अपनी पत्नियों को छोड़ विदेश में जाकर ठाट से रह रहे एनआरआई दूल्हों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। राज्य के विभिन्न एनआरआई थानों में दर्ज इस तरह के केसों में 331 लोगों को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। पुलिस ने 15 वर्षों में भगोड़े घोषित इन दूल्हों की संपत्तियां अटैच करने की कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि पीड़ित युवतियों और उनके परिवारों को इंसाफ दिलाया जा सके।
पंजाब के पुलिस थानों में दर्ज मामलों में साफ है कि पंजाब के लोग अपने बच्चों को विदेश में सेटल करने में अधिक दिलचस्पी लेते हैं। इस चीज का वहां बैठे शातिर लोग फायदा उठाते हैं। साथ ही लोग अपनी पढ़ी-लिखी बेटियों की शादी ऐसे लोगों से कर देते है। इनकी डिमांड के हिसाब से सारी चीजें भी देते हैं लेकिन यह लोग शादी के बाद तीन चार महीने तो यहां रुकते हैं। इसके बाद धोखाधड़ी कर निकल जाते हैं। साथ ही लड़कियां परिजनों के सहारे रह जाती हैं।
सबसे अधिक भगोड़े यूके में
एनआरआई थानों में दर्ज केसों में सबसे अधिक 46 भगोड़े यूके में हैं। इसके अलावा अमेरिका में 35, कनाडा 35, ऑस्ट्रेलिया 23, जर्मनी में सात, न्यूजीलैंड में छह हैं। इसी तरह के केस अन्य थानों में भी दर्ज हैं। नवांशहर में ऐसे मामलों की संख्या सबसे अधिक 42 है। लुधियाना व मोगा में 38-38 केस दर्ज हैं। इसी तरह एनआरआई विंग ने 2018 से अब तक विभिन्न केसों 1309 लोगों के सकुर्लर भी जारी किए हैं। हालांकि, एनआरआई मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल पहले ही कह चुके हैं कि उनके ध्यान में सारे मामले हैं।
महिला आयोग ने कनाडा के पीएम को लिखा था पत्र
एनआरआई दूल्हों की वजह से पंजाब की बेटियों की जिंदगी बर्बाद न हो, इस मामले को लेकर पंजाब महिला आयोग भी काफी गंभीर रहा है। पंजाब महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी ने बताया कि उनकी तरफ से इस मामले में कनाडा के प्रधानमंत्री को पत्र लिखा गया था। साथ ही पंजाब की स्थिति से उन्हें अवगत करवाया था। इसके बाद कनाडा के पीएम ने जवाबी पत्र भेजकर उन्हें आश्वासन दिया था कि मामले में उनकी तरफ से पूरा सहयोग दिया जाएगा।