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...तो पांच घंटे का सफर 30 मिनट में होगा पूरा, पंजाब सरकार ने वर्जिन हाइपरलूप से किया समझौता

Wed, 04 Dec 2019 12:26 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 04 Dec 2019 12:26 AM IST
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Punjab government signs agreement with Virgin Hyperloop
प्रतीकात्मक तस्वीर

पंजाब सरकार ने अमृतसर, लुधियाना, चंडीगढ़, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में हाइपरलूप ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की संभावना तलाशने का फैसला किया है। कंपनी के अनुसार इस अमृतसर-लुधियाना-चंडीगढ़ कॉरिडोर के जरिए सड़क मार्ग का पांच घटों का सफर 30 मिनट में तय हो जाएगा।  

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अतिरिक्त मुख्य सचिव विन्नी महाजन ने बताया कि सरकार ने लॉस एंजिल्स की कंपनी वर्जिन हाइपरलूप वन के साथ समझौता किया है जो आर्थिक पक्ष से इस प्रोजेक्ट की संभावनाएं तलाशेगी। कंपनी को दुबई की निवेशक डीपी वर्ल्ड द्वारा सहयोग किया जाएगा। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और डीपी वर्ल्ड के सीईओ व एमडी रिजवान सुमर की मौजूदगी में इस समझौते पर प्रमुख सचिव (ट्रांसपोर्ट) के शिवा प्रसाद और कंपनी के मध्य-पूर्व और भारत के एमडी हर्ज धालीवाल ने दस्तखत किए। 
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वर्जिन हाइपरलूप द्वारा हरियाणा सरकार के साथ अलग समझौते की भी बातचीत चल रही है ताकि पंजाब से इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक बढ़ाने की संभावना ढूंढी जा सकें। 

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Punjab government signs agreement with Virgin Hyperloop
पंजाब सरकार ने किया समझौता।

सीएम ने कहा कि हाइपरलूप सिस्टम निर्माण के लिए महाराष्ट्र के बाद पंजाब देश का दूसरा सूबा होने की इच्छा रखता है। हम खासतौर पर सूबे में हाइपरलूप सिस्टम की संभावना तलाशने की इच्छा रखते हैं जिससे देश के दूसरे हिस्सों से जुड़ा जा सके। इंवेस्ट पंजाब के सलाहकार मोशे कोहली के मुताबिक हाइपरलूप प्रोजेक्ट का पूर्व संभावित अध्ययन छह हफ्तों में पूरा हो जाएगा। प्रोजेक्ट की कीमत, मांग और सामाजिक, आर्थिक लाभ जैसे पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा। 

वहीं धालीवाल ने कहा कि पंजाब में हाइपरलूप रूट बड़ा बदलाव ला सकता है। महाराष्ट्र की तरह हम यहां भी इस प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ना चाहते हैं। इससे पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और चंडीगढ़ को उत्तर भारत के दूसरे शहरों से जोड़ने की अपार संभावना है। कंपनी के मिसूरी, टेक्सस, मध्य पश्चिम भारत, मध्य पूर्व में कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। 

रिजवान सुमर ने कहा कि हाइपरलूप तकनीक का बड़े स्तर पर परीक्षण किया है। कंपनी ने इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक लैविटेशन के प्रयोग से हाइपरलूप वन को सफलता से चलाया है जोकि मौजूदा प्रणाली से तेज, सुरक्षित और सस्ता है। कंपनी दुनिया भर में सरकारों, निवेशकों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि कुछ ही सालों में इस प्रणाली को हकीकत का रूप दिया जा सके। 

क्या है हाइपरलूप
हाइपरलूप खरबपति एंटरप्रेन्योर एलन मस्क के आइडिया पर आधारित है। इसमें एक वैक्यूम टनल या ट्यूब, एक रेलवे ट्रैक और एक वाहन होता है। तेज रफ्तार पर यह ट्रैक से ऊपर तैरता है। यह पैसेंजर या कारगो कम घर्षण की वजह से रफ्तार पकड़ता है। इसमें यात्री परंपरागत ट्रेन की तरह यात्रा करते हैं लेकिन हाई स्पीड वैक्यूम की वजह से उन्हें हवाई यात्रा का एहसास होता है।

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