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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab government presented deficit budget for 2021-22

चुनावी साल में सौगातों के चक्कर में सरकार ने पेश किया घाटे का बजट, पंजाब का कर्ज 273703 करोड़ पहुंचने का अनुमान

Tue, 09 Mar 2021 03:05 AM IST
ajay kumar हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 09 Mar 2021 03:05 AM IST
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Punjab government presented deficit budget for 2021-22
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह। - फोटो : @capt_amarinder

वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने पंजाब विधानसभा में वर्ष 2021-22 के लिए 8622 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का बजट पेश किया। हालांकि खुद वित्त मंत्री का कहना है कि अगर इस साल सरकारी मुलाजिमों के लिए छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मजबूरी न होती तो नया बजट सरप्लस राजस्व वाला होता। 

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वित्त मंत्री ने बजट में वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए 9000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वैसे वर्ष 2020-21 के बजट में राजस्व घाटा 20730 करोड़ रुपये रहा था, जो जीएसडीपी का 3.42 फीसदी रहा था। इस बार यह 1.42 फीसदी पर आ गया है। वित्तीय घाटे में भी पिछले साल की अपेक्षा सुधार हुआ है। पिछले बजट में वित्तीय घाटा 28465 करोड़ रुपये था, जो नए साल में 24240 करोड़ रहने का अनुमान है। 
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ब्याज के भुगतान के बाद कुल प्राथमिक घाटा 3924 करोड़ रहने का अनुमान है जो पिछले साल के 9876 करोड़ के मुकाबले काफी कम है। नए वित्त वर्ष के दौरान राज्य पर कर्ज 273703 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है, जो वर्ष 2020-21 के दौरान 252880 करोड़ रुपये दर्ज हुआ था। 

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मनप्रीत बादल ने सोमवार को कुल 1,68,015 करोड़ रुपये का बजट पेश किया लेकिन चालू वित्त वर्ष के लिए वेज एंड मींस (उपाय और साधन) के लेन-देन के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था कर दिए जाने के बाद वास्तविक बजट का आकार 138015 करोड़ रुपये रह गया है। वैसे कुल प्राप्तियां 162599 करोड़ रहने का सकारात्मक अनुमान भी लगाया गया है।

वित्त वर्ष 2021-22 के बजट प्रस्ताव के अनुसार, कुल राजस्व प्राप्तियां 95258 करोड़ और पूंजीगत प्राप्तियां 67341 करोड़ (कुल 162599 करोड़ रुपये) होने का अनुमान है। वहीं राजस्व खर्च 103880 करोड़ रुपये और पूंजीगत खर्च 14134 करोड़ (कुल 168015 करोड़ रुपये) रहने का अनुमान है। 

कोविड के कारण खत्म नहीं हुआ राजस्व घाटा : मनप्रीत
वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड से अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ा, जिस कारण राजस्व घाटा समाप्त नहीं हो पाया। फिर भी वह प्रदेश के आर्थिक हालात को काफी हद तक सुधारने में कामयाब हुए हैं। यदि वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए रखी गई 9000 करोड़ रुपये की राशि को खर्च में न जोड़ा जाए तो बजट सरप्लस होता।

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