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लॉटरी घोटाला: पंजाब में 65 करोड़ का ठेका उसी व्यक्ति को 35 करोड़ में दिया, अब वित्त मंत्री ने जांच का दिया आदेश
Thu, 30 Jun 2022 10:45 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 30 Jun 2022 10:45 PM IST
सार
पंजाब के वित्त मंत्री ने बताया कि पिछली सरकार के समय लॉटरी का ठेका 65 करोड़ रुपये में अलॉट किया गया था लेकिन इसके बाद इस राशि को घटाकर उसी व्यक्ति को नया ठेका 35 करोड़ में दे दिया गया। उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जा रही है और दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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पंजाब विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब में पिछली कांग्रेस सरकार के समय राज्य लॉटरी के एक बड़े घोटाले की जांच का आदेश मान सरकार ने जारी कर दिया है। यह जानकारी गुरुवार को पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक प्रश्न के जवाब में सदन को दी। विधायक अवतार सिंह जूनियर ने जानना चाहा था कि जालंधर जिले के विभिन्न स्थानों पर खुली लॉटरी की दुकानों पर केवल सरकारी लॉटरी ही मिलती है, क्या इस संबंध में जनवरी से मार्च 2022 और अप्रैल व मई 2022 के दौरान कोई चेकिंग की गई है? इस जिले में उक्त दुकानों से उक्त अवधि के दौरान कितना राजस्व एकत्र किया गया?
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वित्त मंत्री ने बताया कि जालंधर की लॉटरी दुकानों पर केवल सरकारी लॉटरी ही बिक सकती है। इस पर पुलिस द्वारा निगरानी रखी जाती है और गलत तरीके से या गैरकानूनी लॉटरी बेचने वालों पर पुलिस कार्रवाई की जाती है। उक्त अवधि के दौरान जालंधर में अनाधिकृत लॉटरी के कुल 71 केस दर्ज किए गए।
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वित्त मंत्री ने इसके साथ ही बताया कि जनवरी से मई 2022 तक कुल 16.05 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। पूरक प्रश्न पूछते हुए जूनियर ने कहा कि पंजाब में आईपीएल मैचों पर सट्टा लगाया जाता है, इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि आईपीएल समेत किसी भी तरह के सट्टे की बात सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पिछले समय दौरान लॉटरी की बिक्री का राजस्व घटने के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के समय लॉटरी का ठेका 65 करोड़ रुपये में अलॉट किया गया था लेकिन इसके बाद इस राशि को घटाकर उसी व्यक्ति को नया ठेका 35 करोड़ में दे दिया गया। उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जा रही है और दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।