अच्छी पहल: पंजाब में अब मोबाइल पर मिलेगा इलाज, ई-संजीवनी मोबाइल एप शुरू
पंजाब में इससे पहले ई-संजीवनी एप की सेवाएं लैपटॉप और डेस्कटॉप पर ही मिल रही थीं। हालांकि खराब इंटरनेट सेवा बाधा बन रही थी। लैपटॉप और डेस्कटॉप पर कम से कम 2 एमबीपीएस की इंटरनेट स्पीड चाहिए।
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संक्रमण के बीच अब पंजाब के अस्पतालों में सामान्य मरीजों की भीड़ नहीं लग पाएगी। सरकार ने इसके लिए ई-संजीवनी एप की ओपीडी सेवाओं को मोबाइल पर भी शुरू कर दिया है। ये सेवाएं राज्य के लोगों को सोमवार से शनिवार तक फोन पर मिल पाएंगी। सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक महिला, सामान्य और मनोरोगी चिकित्सकीय विशेषज्ञों के द्वारा मरीजों को परामर्श दिया जाएगा।
पंजाब में इससे पहले ई-संजीवनी एप की सेवाएं लैपटॉप और डेस्कटॉप पर ही मिल रही थीं। हालांकि खराब इंटरनेट सेवा बाधा बन रही थी। लैपटॉप और डेस्कटॉप पर कम से कम 2 एमबीपीएस की इंटरनेट स्पीड चाहिए, जो पूरे राज्य में कई स्थानों पर संभव नहीं हो पा रही थी। इस परेशानी को देखते हुए अब एंड्राएड मोबाइल फोन एप भी मरीजों के लिए उपलब्ध कर दिया गया है।
अब लैपटॉप और डेस्कटॉप पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है। वह सीधे अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करके टेली कन्सलटेशन ले सकेंगे। ई-संजीवनी ओपीडी मोबाइल एप को आसानी से गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
ऐसे करेगा काम
पहले मरीज को अपने मोबाइल नंबर को ई-संजीवनी मोबाइल एप पर दर्ज करना होगा। जिसके बाद ओपीडी आने के बाद पंजीकरण होते ही टोकन तैयार हो जाएगा। फिर लाभार्थी को एक नोटिफिकेशन आएगा, जिसके बाद लॉगइन प्रक्रिया से गुजरना होगा। फिर मरीज इलाज संबंधी सलाह ले सकेगा। चिकित्सक की तरफ से सुझाई दवा की पर्ची को डाउनलोड करना होगा।
गर्भवती के लिए वरदान
गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए यह एप वरदान है। इस काल में महिलाओं के लिए संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा होता है और उन्हें अस्पताल में अनावश्यक आने-जाने से परहेज करना चाहिए।
संक्रमण के दौरान राज्य के लोगों की सुरक्षा को जरूरी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। ऑनलाइन ढंग से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं मरीजों को उपलब्ध करवाने से अस्पतालों में मरीजों की भीड़ कम होगी। बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब सरकार।