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गाइडलाइन जारी: कोरोना से हुई मौत तो पंजाब सरकार देगी 50 हजार रुपये, यहां करना पड़ेगा आवेदन

Wed, 27 Oct 2021 11:33 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 27 Oct 2021 11:33 PM IST
सार

कोरोना की वजह से जान गंवाने वाले लोगों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का पंजाब सरकार ने फैसला किया था। अब सरकार ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। दिशा निर्देश में कहां आवेदन करना है और कौन इसका पात्र होगा, इसकी भी जानकारी दी गई है। 

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Punjab government issues guidelines for release of ex gratia to kin of Covid victims
पंजाब सीएम चरणजीत सिंह चन्नी। - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब सरकार ने कोविड-19 के कारण मारे गए लोगों के परिजनों को सहायता राशि जारी करने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उपमुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों के अनुसार राज्य सरकार की तरफ से कोविड-19 के कारण मारे गए लोगों के वारिसों को 50 हजार रुपये सहायता राशि जारी की जाएगी।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन कोविड-19 मृतकों के वारिसों के पास मौत के कारण संबंधी अस्पताल की तरफ से प्रमाण पत्र मौजूद है, वह उस जिले के अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) को आवेदन सीधे तौर पर देंगे, जिस जिले में कोविड मरीज की मौत हुई थी। इसी तरह कोविड-19 के कारण मारे गए लोगों के जिन वारिसों के पास अस्पताल की तरफ से जारी मौत के कारण संबंधी सर्टिफिकेट नहीं है, वह पंजाब सरकार की तरफ से उस जिले के अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) के नेतृत्व में गठित की गई कमेटी के पास आवेदन पेश करेंगे, जिसमें उनके पारिवारिक सदस्य की मौत हुई थी। 
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इन कमेटियों के गठन संबंधी पंजाब सरकार की तरफ से पहले ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। कमेटी आवेदन प्राप्त होने के 30 दिन में बैठक कर अगली कार्यवाही करने की पाबंद होगी। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई मृतक का वारिस अस्पताल की तरफ से जारी सर्टिफिकेट के साथ सहमत नहीं है, वह सर्टिफिकेट में दर्ज कारण को तथ्यों के आधार पर दुरुस्त करवाने के लिए भी आवेदन दे सकता है।
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इसके अलावा यदि कोविड-19 संबंधी पुष्टि होने के 30 दिनों के अंदर-अंदर मौत होती है तो उसके वारिस भी सहायता राशि के हकदार हैं। यदि किसी अस्पताल में दाखिल किसी कोविड मरीज की अस्पताल में 30 दिनों के बाद भी मौत हो जाती है तो उसके वारिस भी इस सहायता राशि को हासिल करने के लिए हकदार हैं। सोनी ने बताया कि यह सहायता राशि सिर्फ कोविड-19 के कारण मारे गए लोगों के वारिस को ही मिलेगी और यदि किसी की मौत खुदकुशी, हादसे, जहर खाने के कारण हुई है तो उनको यह सहायता राशि नहीं मिलेगी।


कमेटी में ये रहेंगे शामिल
नोटिफिकेशन अनुसार इस कमेटी में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ज) को चेयरपर्सन, सिविल सर्जन को सदस्य सचिव, जबकि सहायक सिविल सर्जन मेंबर कनवीनर लगाया गया है। इसी तरह यदि जिले में कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज है तो उसके प्रिंसिपल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और मेडिसिन विभाग के प्रमुख को सदस्य, जिले के कोविड-19 सेल के इंचार्ज को भी सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।

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