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Punjab: निवेशकों को जालंधर और संगरूर लाएगी मान सरकार, पंजाब इन्वेस्टर्स समिट में बताएगी जिलों की खूबियां
Tue, 21 Feb 2023 12:10 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 21 Feb 2023 12:10 PM IST
सार
पंजाब में इससे पहले भी पूर्व की सरकारों में इस तरह के निवेशक सम्मेलनों का आयोजन होता रहा है। पहले की तीन सरकारों ने वर्ष 2013, 2015, 2019 और 2021 में इनवेस्ट समिट करवाई थीं, जिनमें कंपनियों के 523 एमओयू के तहत 1.94 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश में से असल में 15 प्रतिशत निवेश ही पंजाब में हो पाया।
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पंजाब के सीएम भगवंत मान।
- फोटो : @BhagwantMann
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विस्तार
23-24 फरवरी को होने जा रहे प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन (प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट) के लिए पंजाब सरकार ने निवेश की नई संभावनाओं वाले जिलों की तलाश की है। इसके तहत सरकार का फोकस देश के सबसे बड़े स्पोर्ट्स हब जालंधर के अलावा संगरूर जिले पर होगा।
सरकार निवेशक सम्मेलन में जिला स्तर पर पंजाब की खूबियों को निवेशकों के सामने रखेगी। पहले चरण में सैंपल के तौर पर इन्वेस्ट पंजाब में जालंधर और संगरूर जिले को तरजीह दी गई है। गौर हो कि जालंधर पूरे देश में स्पोर्ट्स गुड्स के निर्माण में 75 फीसदी हिस्सेदारी रखता है। वहीं, संगरूर मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है। ब्यूरो ऑफ इन्वेस्ट पंजाब ने चरणबद्ध तरीके से जिलों की खूबियों को सामने लाने का प्लान तैयार किया है। फिलहाल इन दो जिलों को फोकस जिलों के रूप में रखा गया है।
पंजाब में इससे पहले भी पूर्व की सरकारों में इस तरह के निवेशक सम्मेलनों का आयोजन होता रहा है। पहले की तीन सरकारों ने वर्ष 2013, 2015, 2019 और 2021 में इनवेस्ट समिट करवाई थीं, जिनमें कंपनियों के 523 एमओयू के तहत 1.94 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश में से असल में 15 प्रतिशत निवेश ही पंजाब में हो पाया। इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ केके यादव का कहना है कि प्रोग्रेसिव पंजाब समिट में निवेश को आकर्षित करने के लिए जिलों की खूबियों पर फोकस किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समिट ऐतिहासिक होने जा रही है।
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इसलिए खास है जालंधर
गेट वे ऑफ पंजाब के नाम से मशहूर जालंधर राज्य का तीसरा सबसे मशहूर शहर और दोआबा क्षेत्र का सबसे बड़ा जिला है। जिला रेल और सड़क मार्ग से पूरी तरह कनेक्टिड है। यहां खेलों से जुड़ा सामान, हैंड एंड मशीन टूल्स और चमड़े का सामान बनाया जाता है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में जालंधर सब्जियों में इसराइल और आलू उत्पादन में नीदरलैंड का पार्टनर है।
जिला एक नजर में
निर्यात में उपलब्धि
टोक्यो ओलंपिक्स 2020, फीफा वर्ल्ड कप 2014 (ब्राजील), कॉमन वेल्थ गेम्स ऑस्ट्रेलिया 2018 और रग्बी वर्ल्ड कप (जापान) 2019 में खेलों से जुड़े सामान का निर्यात किया गया।
संगरूर की विशेषता
संगरूर क्षेत्रफल के लिहाज से पंजाब के दूसरे सबसे बड़े जिलों में शामिल है। पिछले कुछ सालों से संगरूर निवेश के मामले में ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है।
जिला एक नजर में
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सरकार निवेशक सम्मेलन में जिला स्तर पर पंजाब की खूबियों को निवेशकों के सामने रखेगी। पहले चरण में सैंपल के तौर पर इन्वेस्ट पंजाब में जालंधर और संगरूर जिले को तरजीह दी गई है। गौर हो कि जालंधर पूरे देश में स्पोर्ट्स गुड्स के निर्माण में 75 फीसदी हिस्सेदारी रखता है। वहीं, संगरूर मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है। ब्यूरो ऑफ इन्वेस्ट पंजाब ने चरणबद्ध तरीके से जिलों की खूबियों को सामने लाने का प्लान तैयार किया है। फिलहाल इन दो जिलों को फोकस जिलों के रूप में रखा गया है।
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पंजाब में इससे पहले भी पूर्व की सरकारों में इस तरह के निवेशक सम्मेलनों का आयोजन होता रहा है। पहले की तीन सरकारों ने वर्ष 2013, 2015, 2019 और 2021 में इनवेस्ट समिट करवाई थीं, जिनमें कंपनियों के 523 एमओयू के तहत 1.94 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश में से असल में 15 प्रतिशत निवेश ही पंजाब में हो पाया। इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ केके यादव का कहना है कि प्रोग्रेसिव पंजाब समिट में निवेश को आकर्षित करने के लिए जिलों की खूबियों पर फोकस किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समिट ऐतिहासिक होने जा रही है।
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इसलिए खास है जालंधर
गेट वे ऑफ पंजाब के नाम से मशहूर जालंधर राज्य का तीसरा सबसे मशहूर शहर और दोआबा क्षेत्र का सबसे बड़ा जिला है। जिला रेल और सड़क मार्ग से पूरी तरह कनेक्टिड है। यहां खेलों से जुड़ा सामान, हैंड एंड मशीन टूल्स और चमड़े का सामान बनाया जाता है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में जालंधर सब्जियों में इसराइल और आलू उत्पादन में नीदरलैंड का पार्टनर है।
जिला एक नजर में
- स्पोर्ट्स गुड्स हब के रूप में देश में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी
- 2020-21 में 500 करोड़ रुपये का निर्यात
- स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्री में 2000 करोड़ से ज्यादा का राजस्व
- दिल्ली से दूरी- 391 किमी, चंडीगढ़ से दूरी 141 किमी
- एयरपोर्ट- डोमेस्टिक आदमपुर 25 किमी, इंटरनेशनल अमृतसर 75 किमी
- खेल के लिए ओडीओपी यानी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में चिह्नित
निर्यात में उपलब्धि
टोक्यो ओलंपिक्स 2020, फीफा वर्ल्ड कप 2014 (ब्राजील), कॉमन वेल्थ गेम्स ऑस्ट्रेलिया 2018 और रग्बी वर्ल्ड कप (जापान) 2019 में खेलों से जुड़े सामान का निर्यात किया गया।
संगरूर की विशेषता
संगरूर क्षेत्रफल के लिहाज से पंजाब के दूसरे सबसे बड़े जिलों में शामिल है। पिछले कुछ सालों से संगरूर निवेश के मामले में ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है।
जिला एक नजर में
- कुल क्षेत्रफल : 2921 वर्ग किमी
- एयरपोर्ट कनेक्टिविटी : लुधियाना एयरपोर्ट 69 किमी, चंडीगढ़ एयरपोर्ट 107 किमी
- अंतरराष्ट्रीय निवेश : पैप्सीको
- घरेलू निवेश : इंडियन एक्रेलिक्स, एचपीसीएल, नाहर ग्रुप ऑफ फाइबर्स, राइसिला हेल्थ फूड आदि