पंजाब में सरकार का बड़ा फैसला: अब कृषि भूमि और लाल लकीर क्षेत्र में भी लग सकेंगे उद्योग
मुख्यमंत्री ने मोहाली के सेक्टर 101 और 103 में औद्योगिक पार्क स्थापित करने के लिए बोर्ड के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उन्होंने बोर्ड को न्यू चंडीगढ़ में 50 एकड़ क्षेत्रफल में आवासीय कालोनी की अनुमति दे दी, जिससे आबादी के घनत्व के नियमों के साथ छेड़छाड़ किए बगैर कम-से-कम अपेक्षित क्षेत्रफल 100 से घटकर 50 एकड़ हो गया। यह संशोधन न्यू चंडीगढ़ में आवास की सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए बचे इलाकों के उचित इस्तेमाल को यकीनी बनाने में सहायक होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब में कृषि भूमि और लाल लकीर क्षेत्र में भी उद्योग लग सकेंगे। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रीन और ऑरेंज जोन के उद्योगों के लिए चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) की मंजूरी दी है। रेड जोन वाले उद्योगों के लिए अलग जोन बनाने का आदेश जारी किया है।
मास्टर प्लान के खेती क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों की अनुमति देने की नीति के अंतर्गत सीएलयू, लाल लकीर या कम-से-कम 6 करम (30-33 फुट) पहुंच मार्ग की नजदीकी आबादी (कम-से-कम 50 पक्के मकान) के लिए क्रमश: 100 मीटर और 250 मीटर दूरी पर ग्रीन और ऑरेंज इंडस्ट्री के लिए लागू होने योग्य होगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग डेवलपमेंट बोर्ड की 42वीं मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री, जोकि इसके चेयरमैन भी हैं, ने कहा कि सभी रेड, ग्रीन और ऑरेंज इंडस्ट्रियल जोन की इकाइयों द्वारा पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के निर्धारित नियमों का पालन किया जाना चाहिए। जीरो डिस्चार्ज या उपचारित पानी के इस्तेमाल के लिए संभावित उपयोगकर्ताओं की सहमति होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मोहाली में मेडिकल ऑक्सीजन मैनुफेक्चरिंग प्लांट के विस्तार की विशेष अनुमति भी दे दी। उन्होंने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को ऐसे सभी प्लांटों को पूरा सहयोग देने को कहा, जिससे मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके।
निगम हद और शहरों से कुछ दूरी पर हाईवे से सटी भूमि पर भी लगेंगे उद्योग
एक अन्य फैसले में मुख्यमंत्री ने लुधियाना, जालंधर और अमृतसर की निगम हद से 4 किलोमीटर की दूरी, निगम वाले शहरों और क्लास-ए शहरों से 3 किलोमीटर समेत बाकी शहरों से 2 किलोमीटर की दूरी पर हाईवे के साथ मिक्स्ड लैंड यूज जोन में उद्योगों की स्थापना को अनुमति दे दी। यह फैसला औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर में अधिकतम स्थान प्रदान करने में सहायक होगा।