एक से अधिक ट्यूबवेल तो लग सकता है झटका, बिजली सब्सिडी छीनने के मूड में सरकार
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पंजाब कैबिनेट की 24 जुलाई को होने वाली बैठक में सरकार कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाने की तैयारी कर रही है। सरकार उन बड़े जमींदारों को बिजली सब्सिडी के दायरे से बाहर कर सकती है, जिनके पास एक से ज्यादा टयूबवेल कनेक्शन हैं। वहीं, प्रदेश में निजी यूनिवर्सिटी की राह आसान करते हुए इससे संबंधित शर्तों में राहत देने के प्रस्ताव पर भी फैसला लिया जा सकता है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए परफार्मेंस आधारित कार्यप्रणाली स्थापित करने को भी मंजूरी मिल सकती है। इसके साथ ही कर्मचारियों के पदोन्नति के लिए सर्विस अवधि घटाने का भी प्रस्ताव है। सूत्रों के अनुसार, बिजली सब्सिडी के बढ़ते बोझ और किसान आयोग की सिफारिशों के तहत राज्य सरकार बड़े जमींदारों को उन आर्थिक सुविधाओं से अलग करना चाहती है, जिन्हें छोटे व मझोले किसानों के लिए जरूरी किया गया है।
आयोग की ओर से अपनी सिफारिशों में बड़े जमींदारों को केवल एक ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए ही बिजली सब्सिडी देने की बात कही गई है। आमतौर पर छोटे व मझोले किसानों के पास केवल एक ही ट्यूबवेल कनेक्शन हैं। जिन पर सरकार बिजली सब्सिडी जारी रखेगी लेकिन जिन किसानों के पास एक से अधिक ट्यूबवेल कनेक्शन हैं। उन्हें भी केवल एक कनेक्शन पर बिजली सब्सिडी देने का प्रस्ताव है।
इस बीच, राज्य सरकार प्रदेश में निजी यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए तय शर्तों में छूट देने पर विचार कर रही है। राज्य में इस समय 14 निजी यूनिवर्सिटी हैं। फिलहाल राज्य में निजी यूनिवर्सिटी के लिए कम से कम 35 एकड़ भूमि होना जरूरी है, जिसे नए प्रस्ताव के तहत घटाकर 25 एकड़ किया जा रहा है। कैबिनेट की बैठक में पंजाब प्राइवेट यूनिवर्सिटी पॉलिसी एक्ट 2010 के अनुच्छेद 4.5 (3) में संशोधन पर मुहर लग सकती है।
इसके अलावा, कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी रिटायर्ड मोहिंदर पाल सिंह और मुख्य सचिव के ओएसडी रिटायर्ड बलदेव सिंह के सेवाकाल का निर्धारण भी किया जा सकता है। इन दोनों रिटायर्ड अधिकारियों को 16 जून, 2017 को नियुक्ति दी गई थी लेकिन इनका कार्यकाल निर्धारित नहीं किया गया है। दूसरी ओर, सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रदर्शन आधारित कार्यप्रणाली के मापदंड तय किए जा सकते हैं, जिनके बारे में हाल ही में मंत्रियों की सब कमेटी ने सुझाव दिए थे।