Punjab News: पंजाब सरकार ने गोइंदवाल थर्मल प्लांट खरीदा, 1080 करोड़ में हुआ सौदा, सस्ती मिलेगी बिजली
गोइंदवाल थर्मल प्लांट खरीदने के बारे में पावरकॉम ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की है। अब उपभोक्ताओं को दस रुपये की बजाय पांच रुपये यूनिट बिजली मिलेगी।
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पंजाब के लोगों को नए साल का तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को बताया कि पंजाब ने 1080 करोड़ रुपये की लागत के साथ प्राइवेट कंपनी जीवीके पावर के स्वामित्व वाला गोइंदवाल पावर प्लांट खरीद लिया है। राज्य का यह वही निजी थर्मल प्लांट है, जिससे सबसे महंगी 9-10 रुपये यूनिट बिजली मिलती थी। अब सरकार के अधीन आने पर 4-5 रुपये यूनिट बिजली मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह 540 मेगावाट के क्षमता वाला पावर प्लांट दो करोड़ रुपये प्रति मेगावाट के हिसाब के साथ खरीदा गया है। मान ने कहा कि यह किसी पावर प्लांट के लिए अब तक की सबसे कम कीमत है, जबकि अब तक हुई खरीद के मुताबिक कीमत तीन करोड़ रुपये प्रति मेगावाट पड़ी है।
मान ने कहा कि इस प्लांट का नाम तीसरे गुरु साहिब के नाम पर श्री गुरु अमरदास थर्मल पावर प्लांट होगा। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब सरकार ने कोई प्राइवेट पावर प्लांट खरीद कर विपरीत दौर शुरू किया है, क्योंकि पिछले समय में राज्य सरकारें अपने चहेतों को कम कीमतों पर सरकारी संस्थान बेचने की आदी रही हैं। बीते समय में किए गए बिजली समझौतों की भी जांच कराई जा रही है। किसी राज्य सरकार की तरफ से पावर प्लांट का यह सबसे कम कीमत पर किया गया समझौता है, क्योंकि 600 मेगावाट के क्षमता वाले कोरबा वेस्ट, झाबुआ पावर और लैंको अमरकंटक जैसे पावर प्लांट क्रमशः 1804 करोड़ रुपये, 1910 करोड़ और 1818 करोड़ रुपये में खरीदे गए थे।
31 दिसंबर 2023 तक बिजली सब्सिडी का किया भुगतान
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब राज्य सरकार के पास तीन सरकारी प्लांट हो गए हैं। राज्य में दो निजी प्लांट रह गए हैं। इससे बिजली खरीद समझौतों में से 33 प्रतिशत की कटौती हो जाएगी। इस थर्मल प्लांट की क्षमता 61 प्रतिशत थी लेकिन इसमें से सिर्फ 34 प्रतिशत तक का ही इस्तेमाल होता था। अब इस प्लांट की क्षमता को 75 से 80 प्रतिशत तक किया जाएगा ताकि राज्य में बिजली पैदावार में विस्तार हो।
बिजली खरीद में होगी 350 करोड़ रुपये की बचत
मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीद समझौते से बिजली की दर में प्रति यूनिट एक रुपये की कटौती करने में मदद मिलेगी, जिससे बिजली खरीद पर 300 से 350 करोड़ रुपये की बचत होगी। इससे राज्य के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। पछवाड़ा कोयला खदान से कोयला मिलने के कारण बिजली की उच्च पैदावार (दोगुनी से अधिक) करने में मदद मिलेगी, क्योंकि प्लांट लोड फैक्टर अब तक के औसतन 34 प्रतिशत के मुकाबले 75 से 80 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 540 मेगावाट (2×270) की क्षमता वाले गोइंदवाल प्लांट के प्रोजेक्ट का विचार साल 1992 में किया गया था। अब पीएसपीसीएल ने 11 और कंपनियों के मुकाबले में इसे खरीद लिया।
प्लांट के उद्घाटन में बतौर एक कलाकार शामिल हुआ था: मान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2009 में जब गोइंदवाल प्लांट का उद्घाटन समागम हुआ तो वह बतौर एक कलाकार शामिल हुए थे और उन्होंने अपनी प्रस्तुति दी थी। अब मुख्यमंत्री बनकर वह उस प्लांट को खरीदने जा रहे हैं। जो लोग उन्हें 600 रुपये दिहाड़ी लगाने वाला कहते हैं। वह उन्हें कहना चाहते हैं कि दिहाड़ी वाले काम करना जानते हैं। 1981 जब हम आटे के बिस्कुट खाते थे तो मुझ पर तंज कसने वाले सोने के बिस्कुट खाते थे।
सुनील जाखड़ धीरे-धीरे झूठ बोलना सीख रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़ पंजाब की झांकियों के मसले पर झूठ बोल रहे हैं, क्योंकि उन्हें अपने आकाओं की तरह झूठ बोलने की कला में परिपक्वता हासिल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जाखड़ ने हाल ही में भाजपा का दामन थामा है, जिस कारण वह अभी हाईकमान की तरफ से तैयार की स्क्रिप्ट पढ़ने के आदी नहीं हुए। उन्होंने कहा कि जाखड़ धीरे-धीरे झूठ बोलना सीख रहे हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा लीडरशिप पंजाब को दरकिनार करके झांकियां दिखाने के बारे में सोच रही है।
घोड़े वालों के समय हुए सोलर प्रोजेक्ट के समझौते
मुख्यमंत्री मान ने पिछली सरकारों के समय सोलर ऊर्जा खरीदने संबंधी किए गए समझौतों का जिक्र किया। उन्होंने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम लिए बिना कहा कि घोड़ों वालों के समय में एमओयू हुए थे, जिनमें कई खामियां हैं। इनकी भी जांच करवाई जा रही है। जल्दी ही सारी स्थिति साफ हो जाएगी।