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बड़ा खुलासा: विदेश जाने वाली पंजाब की लड़कियों से धोखाधड़ी, मानव तस्करी और यौन शोषण का शिकार हो रहीं

हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 02 Aug 2022 04:01 AM IST
सार

स्पेन में मौजूद पंजाबी लोगों के अधिकार के लिए काम करने वाले सक्रिय कार्यकर्ता अमरीक सिंह ने पिछले दो दशकों में यूरोप में तस्करी का शिकार हुईं 100 से अधिक पंजाबी महिलाओं को बचाया है। उनका कहना है कि पंजाब की कई युवतियां अपने परिवार के सदस्यों के बिना भी अक्सर बेहतर जिंदगी की तलाश यूरोप आ रही हैं ।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

विदेश में नौकरी करने और बसने के इच्छुक पंजाब के युवाओं में लड़कियां भी भारी संख्या में शामिल हो गई हैं। ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आकर लड़कियां अकेले यात्रा कर विदेश पहुंचती तो हैं लेकिन ज्यादातर मानव तस्करी का शिकार हो जाती हैं। ट्रैवल एजेंट मोटी रकम लेकर लड़कियों को बीच रास्ते में पड़ने वाले देशों में उतार देते हैं। जहां से ट्रैवल एजेंटों के साथी उन्हें अवैध रास्तों से विभिन्न देशों की सीमाओं को पार कराया जाता है। इस दौरान लड़कियों से सुरक्षा के नाम पर पासपोर्ट ले लिए जाते हैं और अधिकांश मामलों में लड़कियों का शोषण शुरू हो जाता है। 



यह खुलासा मानवाधिकार संगठन के शोध में हुआ है। इस शोध को अमेरिका के एक अखबार ने प्रकाशित किया और लिखा है कि पंजाब से अवैध तरीके से विदेश जाने वाली लड़कियों के मानव तस्करी का शिकार हो जाने के मामले 12 से बढ़कर अब 25 फीसदी तक पहुंच गए हैं। इस मामले का अहम पहलू यह भी है कि मानव तस्करी और अवैध तरीके से पंजाब से विदेश जाने वालों की संख्या के बारे में पंजाब सरकार के पास कोई डाटा उपलब्ध नहीं है।


ऐसे होती है धोखाधड़ी
साइप्रस में एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि पंजाब के एक ट्रैवल एजेंट, लखविंदर उर्फ हरमन ने उन्हें पांच लाख रुपये के बदले यूरोप के कानूनी दस्तावेज, वर्क वीजा और इटली के लिए एक टिकट देने का वादा किया था। यात्रा के दिन लखविंदर ने साइप्रस हवाई अड्डे पर वर्क वीजा दिया, जो इमिग्रेशन जांच में नकली पाया गया, जिसके चलते पीड़िता को गिरफ्तार किया गया। जनवरी 2022 में मानव तस्करी का शिकार हुई पंजाबी पीड़िता ने अपने मुश्किल हालात के बारे में बताने के लिए एक वीडियो बनाया लेकिन उसके बाद से उस पीड़िता का कुछ पता नहीं चला है। वीडियो में बताया कि तस्कर ने उससे सात लाख रुपये से अधिक रकम लेकर धोखाधड़ी की थी।

दिसंबर 2021 में, 19 से 22 वर्ष की उम्र की तीन लड़कियां पंजाब के करतारपुर के पास के गांव से यूरोप के लिए निकलीं। उन्होंने इटली और जर्मनी पहुंचने के लिए एक एजेंट को एक साथ मिलकर 16,600 यूरो (13.50 लाख रुपये) का भुगतान किया था। सर्बिया पहुंचने पर एक तस्कर गिरोह के सदस्यों ने उन्हें कई दिनों तक एक होटल में कैद में रखा। इसके बाद इन लड़कियों को पैदल मैसेडोनिया की उत्तरी सीमा से ग्रीस ले जाया गया, जहां उनका यौन शोषण किया गया। उन्हें मारा-पीटा गया और लगभग दो हफ्ते तक कैद में रखा गया था।
 

जैसे ही ऐसा कोई मामला सामने आता है, पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। इस संबंध में जो भी कानून है, उसके तहत ट्रैवल एजेंटों पर भी कार्रवाई की जाती है। गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब पुलिस।


साल दर साल उजागर हो रहे मानव तस्करी के मामले
जांच में कई महिलाओं ने इस बात का खुलासा किया कि उनसे कई एजेंटों ने वादा किया था कि वे यूरोप के शहरों में जाने के लिए सीधी उड़ान और वर्क वीजा के साथ ही वैध तरीके से यात्रा करेंगी लेकिन जब वे यूरोप पहुंचीं तब उन्हें अंदाजा हुआ कि वे तस्करों के जाल में फंस गईं हैं। उनको पैदल चला कर कई देशों की सीमाओं को पार कराया जाता है। कई पीड़िताओं ने बताया कि उनके पासपोर्ट भी सुरक्षित रखने के बहाने जब्त किए गए और बाद में पासपोर्ट लेने के लिए उन्हें अधिक पैसे देने पड़े। ब्लैकमेल करने के साथ-साथ उनका यौन शोषण भी किया गया।

दो दशकों में 100 पंजाबी महिलाओं को बचाया
स्पेन में मौजूद पंजाबी लोगों के अधिकार के लिए काम करने वाले सक्रिय कार्यकर्ता अमरीक सिंह ने पिछले दो दशकों में यूरोप में तस्करी का शिकार हुईं 100 से अधिक पंजाबी महिलाओं को बचाया है। उनका कहना है कि पंजाब की कई युवतियां अपने परिवार के सदस्यों के बिना भी अक्सर बेहतर जिंदगी की तलाश यूरोप आ रही हैं ।

अच्छे वेतन और जीवन के धोखे से ले जाया जाता है विदेश: अमनजोत
चंडीगढ़ में एनजीओ ‘हेल्पिंग हेल्पलेस’ चला रहीं अमनजोत कौर रामूवालिया, जोकि लोक भलाई पार्टी के प्रमुख बलवंत सिंह रामूवालिया की बेटी हैं, ने बताया कि लोकलाज और शर्म के कारण अनेक लड़कियां अपनी आपबीती सार्वजनिक नहीं करना चाहती और उनकी संस्था भी ऐसी लड़कियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने तक ही सीमित रहती है। 

हाल ही में दुबई से एक पंजाबी लड़की को 50 हजार रुपये वेतन की बात कह कर ले जाया गया था लेकिन उसे घर में कैद करके नौकर की तरह काम लिया जा रहा था। उन्होंने कहा कि हालत इतनी बुरी थी कि लड़की से घर की मालकिन दिन भर मारपीट करती थी और रात में घर का मालिक उसका यौन शोषण करता था। उन्होंने बताया कि जब पुलिस की मदद से लड़की को छुड़ाया गया तो उसके पांव में चप्पल तक नहीं थी। बठिंडा के एक गांव के साइप्रस ले जाई गई लड़की को भी छुड़ाया गया है और एक मामला मलेशिया का भी सामने आया है, जहां बड़ी बहन ने ही छोटी बहन को बुलाकर देह व्यापार में झोंक दिया।

मुख्यमंत्री से कड़ा कानून बनाने की अपील
अमनजोत कौर रामूवालिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की है कि वह इस मामले में कड़ा कानून लाएं और जगह-जगह दुकानें चला रहे ट्रैवल एजेंटों पर शिकंजा कसें। अमनजोत कौर ने कहा कि पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार ने कड़ा कानून लाने का फैसला तो किया था लेकिन ऐसा कानून बनाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि ट्रैवल एजेंट लोगों से जो पैसा लेते हैं उसे अपनी पत्नी या मां के खाते में दिखाकर साफ बच जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब में बैठे ट्रैवल एजेंट बहुत छोटे हैं। इनके तार देश के चार महानगरों में बैठे एजेंटों से जुड़े हैं, जो मानव तस्करी में भी लिप्त हैं।
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