बीएसएफ क्षेत्राधिकार बढ़ाने का मामला: केंद्र के समर्थन में कैप्टन अमरिंदर, कहा- यह पंजाब पुलिस की क्षमता पर सवाल नहीं
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पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में सर्वसम्मति से बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के केंद्र के फैसले को रद्द कर इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। इसके तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन किया। कैप्टन ने साफ कहा कि बीएसएफ के संचालन क्षेत्राधिकार का विस्तार न तो पंजाब के संघीय अधिकार का उल्लंघन करता है, न ही कानून व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की क्षमता पर सवाल उठाता है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है। उन्होंने दोहराया कि इस मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जो लोग इस मुद्दे को उठा रहे हैं वे कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच अंतर नहीं कर पा रहे हैं। पंजाब पुलिस की तरह बीएसएफ हमारी अपनी ही सेना है। वह कोई बाहरी ताकत या विदेशी सेना नहीं है जो हमारी जमीन पर कब्जा करने आ रही है।
मनीष तिवारी ने किया समर्थन
सांसद मनीष तिवारी ने इस मुद्दे पर ट्वीट किया कि बीएसएफ मुद्दे पर पंजाब विधानसभा का संकल्प पंजाब राज्य की सर्वसम्मत इच्छा को दर्शाता अच्छा कदम है। हालांकि यदि पंजाब का राजनीतिक वर्ग गंभीर है तो अधिसूचना की सामूहिक सांविधानिक चुनौती ही आगे का रास्ता है।
रंधावा ने बीएसएफ अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के फैसले को बताया था पंजाब का अपमान
पंजाब विधानसभा में गुरुवार को बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में बढ़ोतरी के फैसले के खिलाफ प्रस्ताव रखते हुए उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा ने कहा था कि बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने का फैसला पंजाब और पंजाब पुलिस के लोगों के प्रति अविश्वास है। यह उनका भी अपमान है। केंद्र सरकार को इतना बड़ा फैसला लेने से पहले पंजाब सरकार से मशविरा करना चाहिए था। पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत और बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह भारतीय संविधान के संघीय ढांचे की भावना का उल्लंघन है।