गजब की धांधलीः पंजाब के वित्तमंत्री चुनाव में देने नहीं गए वोट, कोई दूसरा ही कर गया मतदान
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पंजाब पंचायत चुनाव में धांधली के आरोप विरोधी दल लगा रहे हैं। लेकिन अब वित्तमंत्री के एक बयान से चुनाव निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने रोपड़ में कहा कि उनकी सेहत ठीक नहीं थी इसलिए वह पंचायत चुनाव में वोट देने नहीं गए। लेकिन उनका वोट कोई और ही डाल गया। विरोधी दल अब चुनाव को लेकर तरह-तरह के सवाल कर रहे हैं।
पंचायत चुनाव में पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का वोट किसी और ने ही डाल दिया। यह खबर फैलते ही जहां राज्य चुनाव आयोग सकते में आ गया, वहीं विपक्षी दलों को सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया। राज्य चुनाव आयोग ने आनन-फानन में सोमवार को मामले की जांच के आदेश दे दिए। मनप्रीत बादल बीमार होने के कारण रविवार को वोट डालने नहीं जा सके।
वे चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर ही रहे। लेकिन बादल गांव के बूथ नंबर 107 में उनका वोट किसी और ने डाल दिया। इस पर राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता व आप विधायक हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंचायत चुनाव में कांग्रेस ने इतनी ज्यादा धांधलियां कीं कि उसके नेताओं को यह भी ध्यान नहीं रहा कि उनके अपने मंत्री भी इसका शिकार हो रहे हैं।
कम से कम अपने वित्त मंत्री का तो ख्याल रखना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि हर गांव में कांग्रेस समर्थकों ने बूथ कैप्चरिंग की, जाली वोट डलवाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इन सभी धांधलियों की जांच करवानी चाहिए। उधर, शिरोमणि अकाली दल के सीनियर उपप्रधान और प्रवक्ता डा. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के दौरान अकाली दल के किसी मंत्री का वोट तो दूर, किसी एमएलए का वोट भी ऐसे कोई अन्य नहीं डाल पाया।