फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab farmers said, Allow goods trains first, will think over passenger trains later

किसान बोले- केंद्र पहले मालगाड़ियां चलाए फिर यात्री गाड़ी के लिए ट्रैक खोलने पर करेंगे विचार

Wed, 18 Nov 2020 10:35 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 18 Nov 2020 10:35 PM IST
विज्ञापन
Punjab farmers said, Allow goods trains first, will think over passenger trains later
पंजाब में किसानों का प्रदर्शन। - फोटो : फाइल फोटो

कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार का रवैया अड़ियल है। यदि केंद्र सरकार पंजाब में मालगाड़ियां चलाएगी तो वे यात्री गाड़ियों के लिए भी ट्रैक खोलने पर विचार करेंगे। केंद्र जब तक अपना अड़ियल रवैया नहीं बदलेगा, तब तक वे पंजाब में अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

विज्ञापन


21 नवंबर को दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक से पहले बुधवार को चंडीगढ़ में किसान भवन में 30 किसान संगठनों ने बैठक की। आठ घंटे से अधिक समय तक चली इस बैठक में पंजाब के मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखविंदर सिंह सरकारिया, सुखजिंदर सिंह रंधावा और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार कैप्टन संदीप संधू भी पहुंचे। मंत्रियों ने किसानों से अपील की कि वह पैसेंजर ट्रेनों के लिए भी रेल ट्रैक खोल दें। इस पर किसानों ने मंत्रियों को दो टूक में जवाब दिया कि जब तक केंद्र अपने अड़ियल रवैये से पीछे नहीं हटेगा तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। 
विज्ञापन



केंद्र का निमंत्रण मिलने के बाद ही करेंगे 21 नवंबर की बैठक पर फैसला 
किसान नेता रुलदू सिंह ने कहा कि बैठक में कई अहम फैसले हुए हैं। किसान संगठनों ने तय किया है कि दिल्ली से निमंत्रण के बाद ही 21 को होने वाली केंद्रीय स्तर की वार्ता पर कोई फैसला लेंगे। 26 और 27 नवंबर को दिल्ली में होने वाले देशव्यापी आंदोलन के संबंध में पंजाब में जिला स्तर पर 21 नवंबर को बैठकों का आयोजन होगा। इसमें दिल्ली आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


किसानों के आगे झुकी सरकार
बैठक में किसानों ने पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में धान खरीद पर रोक लगाने के सरकार के फैसले की आलोचना की। उनका कहना है कि यह किसान विरोधी फैसला है, जिसे पंजाब सरकार को पलट देना चाहिए। मंत्रियों के आगे किसानों ने इसका पुरजोर विरोध किया। इसके बाद आखिरकार मंत्रियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि इस फैसले को सरकार वापस लेगी। बता दें कि धान खरीद पर रोक के फैसले का विपक्ष ने जमकर विरोध किया था। विपक्ष का कहना है कि सरकार का किसान विरोधी चेहरा सामने आ गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed