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किसानों का कर्ज देख कैप्टन सरकार को आया पसीना, ये है ग्राउंड रिएलिटी
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 02 Jun 2017 09:55 AM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : File Photo
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यूपी में योगी सरकार द्वारा किसानों का कर्ज माफ करने के लिए अपनाया गया तरीका भी अब पंजाब सरकार को मुश्किल लगने लगा है। पंजाब के किसानों का कर्ज प्रति वर्ष करीब 14 हजार करोड़ रुपये की दर से बढ़ता देख कैप्टन सरकार को पसीना आने लगा है।
स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी से मिली जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 16-17 में राज्य के किसानों ने सरकारी, निजी, ग्रामीण व सहकारी बैंकों से 14383 करोड़ रुपये कर्ज लिए और पूरा कर्ज बढ़कर 84878 करोड़ रुपये हो गया है।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा चुनाव में किया कर्ज माफी का वादा हर हाल में पूरा करने का ऐलान कर चुके हैं और इसके लिए राज्य सरकार ने एक कमेटी का गठन भी कर दिया है, जो किसानों के फसली कर्ज का आंकलन करने के साथ-साथ कर्ज माफी के उपाय भी सरकार को सुझाएगी। मुख्यमंत्री इस वादे को विधानसभा के बजट सत्र में पूरा करना चाहते हैं। फिलहाल कर्ज आकलन कमेटी किसानों के फसली कर्ज की कुल रकम का अनुमान लगाने में जुटी है।
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एसएलबीसी से मिले आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2017 तक राज्य में सभी बैंकों ने 31, 29,831 लोगों को 85 करोड़ 36 लाख रुपये का कृषि कर्ज दिया, जिसमें छोटे व मझोले दर्जे के 17 लाख 19 हजार 038 किसानों को 36 करोड़ 60 लाख रुपये कर्ज दिया गया।
बैंकों ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 1 अप्रैल, 2016 से 31 मार्च, 2017 तक करीब 14905 करोड़ रुपये कर्ज के रूप में जारी किए, जिसमें से 14667.60 करोड़ रुपये अभी कर्जदारों पर बाकी हैं। साल भर में बैंकों को कर्ज राशि की वापसी के रूप में ब्याज सहित 15522 करोड़ रुपये हासिल हो चुके हैं।
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स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी से मिली जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 16-17 में राज्य के किसानों ने सरकारी, निजी, ग्रामीण व सहकारी बैंकों से 14383 करोड़ रुपये कर्ज लिए और पूरा कर्ज बढ़कर 84878 करोड़ रुपये हो गया है।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा चुनाव में किया कर्ज माफी का वादा हर हाल में पूरा करने का ऐलान कर चुके हैं और इसके लिए राज्य सरकार ने एक कमेटी का गठन भी कर दिया है, जो किसानों के फसली कर्ज का आंकलन करने के साथ-साथ कर्ज माफी के उपाय भी सरकार को सुझाएगी। मुख्यमंत्री इस वादे को विधानसभा के बजट सत्र में पूरा करना चाहते हैं। फिलहाल कर्ज आकलन कमेटी किसानों के फसली कर्ज की कुल रकम का अनुमान लगाने में जुटी है।
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एसएलबीसी से मिले आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2017 तक राज्य में सभी बैंकों ने 31, 29,831 लोगों को 85 करोड़ 36 लाख रुपये का कृषि कर्ज दिया, जिसमें छोटे व मझोले दर्जे के 17 लाख 19 हजार 038 किसानों को 36 करोड़ 60 लाख रुपये कर्ज दिया गया।
बैंकों ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 1 अप्रैल, 2016 से 31 मार्च, 2017 तक करीब 14905 करोड़ रुपये कर्ज के रूप में जारी किए, जिसमें से 14667.60 करोड़ रुपये अभी कर्जदारों पर बाकी हैं। साल भर में बैंकों को कर्ज राशि की वापसी के रूप में ब्याज सहित 15522 करोड़ रुपये हासिल हो चुके हैं।
31 मई 2017 तक कृषि कर्ज की स्थिति
कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : File Photo
एसएलबीसी के अनुसार, 31 मई 2017 तक सरकारी, निजी व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों ने कर्ज दिए : 85360 करोड़ रुपये
छोटे व मझोले किसानों का कर्ज : 36600 करोड़ रुपये
सहकारी बैंकों का कर्ज : 10482 करोड़ रुपये
इसमें से छोटे व मझोले किसानों को कर्ज : 5217 करोड़ रुपये
छोटे व मझोले किसानों का कर्ज : 36600 करोड़ रुपये
सहकारी बैंकों का कर्ज : 10482 करोड़ रुपये
इसमें से छोटे व मझोले किसानों को कर्ज : 5217 करोड़ रुपये