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पंजाब: अगले तीन महीने वेतन नहीं लेंगे मंत्री, सरकार को 22 हजार करोड़ राजस्व घाटे का अनुमान
Thu, 16 Apr 2020 11:05 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 16 Apr 2020 11:05 PM IST
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पंजाब सरकार।
- फोटो : फाइल फोटो
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कोविड -19 संकट के कारण राज्य को मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान 22000 करोड़ रुपये के राजस्व घाटा होने का अनुमान है। इस हालात को देखते हुए सूबे के सभी मंत्रियों ने अगले तीन महीने का वेतन न लेने का फैसला किया। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने सभी सरकारी कर्मचारियों से अपील की है कि वे राज्य को संकट से निपटने में मदद करते हुए स्वेच्छा से अपने वेतन में कटौती करें।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में गठित वित्त सब-कमेटी की बैठक गुरुवार को हुई। बैठक कोरोना महामारी और कर्फ्यू/लॉकडाउन से पैदा हुए वित्तीय प्रभावों का जायजा लेने और मौजूदा संकट से निपटने में घाटे की भरपाई के तरीके ढूंढने को बुलाई गई थी। मुख्यमंत्री ने कमेटी के सदस्यों को इससे उबरने के लिए और नवीनतम उपाय ढूंढने को कहा।
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इस मौके पर मंत्रियों ने अगले तीन महीने तक वेतन न लेने का फैसला किया। वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राज्य को 88 हजार करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र होने का अनुमान था लेकिन अब सिर्फ 66 हजार करोड़ रुपये का ही राजस्व एकत्र होने का अनुमान है, क्योंकि कर्फ्यू /लॉकडाउन के चलते सारा कारोबार, टैक्स प्राप्तियां आदि घट जाएंगी जिसके कारण जीएसटी का संग्रह भी कम होगा।
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कुछ और तिमाही चलेगा मौजूदा संकट
मीटिंग में मौजूदा स्थिति में राजस्व बढ़ाने के लिए कई और कदमों पर भी विचार किया गया। बताया गया कि मौजूदा संकट के कारण राज्य गंभीर वित्तीय घाटे का सामना कर रहा है और इसके कुछ और तिमाही जारी रहने के आसार हैं। मनप्रीत बादल ने बताया कि कोई टैक्स/ड्यूटी न आने के कारण राजस्व की प्राप्तियों में 22 हजार करोड़ रुपये की कमी हो गई है। आने वाले महीनों में स्थिति और खराब होगी।