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पंजाब में हजारों करोड़ के ड्रग रैकेट मामले की सुनवाई पर विवाद, अब विशेष खंडपीठ करेगी हैंडल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 13 Sep 2018 05:07 PM IST
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पंजाब ड्रग रैकेट मामले में आरोपी जगदीश भोला
- फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब में हजारों करोड़ के ड्रग कारोबार मामले की सुनवाई के लिए अब मुख्य न्यायधीश ने विशेष खंडपीठ का गठन किया है। वीरवार को चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस एबी चौधरी की विशेष खंडपीठ के समक्ष इस केस की सुनवाई होगी। इसके अलावा ड्रग्स के मामलों पर भी अब यही विशेष खंडपीठ सुनवाई करेगी।
पंजाब के हजारों करोड़ों रुपये के ड्रग रैकेट में हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की थी। 31 अगस्त को पिछली सुनवाई चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ के समक्ष पहली बार होनी थी। अब तक इस याचिका पर जस्टिस सूर्यकांत पर आधारित खंडपीठ ही सुनवाई कर रही थी।
पिछली सुनवाई पर चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई शुरू हुई तो जस्टिस पल्ली ने इस केस से अलग होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस केस में फंसे एसएसपी राजजीत सिंह हुंदल के मामले की जांच कर रहे डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय इस केस से जुडे़ हैं इसलिए वह इस केस को नहीं सुन सकते।
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इसका कारण यह बताया कि जब वह वकील थे तब चट्टोपाध्याय का बेटा उनका जूनियर था। इस पर चीफ जस्टिस ने इस याचिका पर पर सुनवाई के लिए नए सिरे से बेंच के गठन का आदेश दिए थे। अब इस मामले में लिए गए संज्ञान के साथ ही जमानत और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की भी साथ ही सुनवाई इसी विशेष खंडपीठ में ही होगी।
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पंजाब के हजारों करोड़ों रुपये के ड्रग रैकेट में हाईकोर्ट ने संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की थी। 31 अगस्त को पिछली सुनवाई चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ के समक्ष पहली बार होनी थी। अब तक इस याचिका पर जस्टिस सूर्यकांत पर आधारित खंडपीठ ही सुनवाई कर रही थी।
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पिछली सुनवाई पर चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई शुरू हुई तो जस्टिस पल्ली ने इस केस से अलग होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस केस में फंसे एसएसपी राजजीत सिंह हुंदल के मामले की जांच कर रहे डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय इस केस से जुडे़ हैं इसलिए वह इस केस को नहीं सुन सकते।
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इसका कारण यह बताया कि जब वह वकील थे तब चट्टोपाध्याय का बेटा उनका जूनियर था। इस पर चीफ जस्टिस ने इस याचिका पर पर सुनवाई के लिए नए सिरे से बेंच के गठन का आदेश दिए थे। अब इस मामले में लिए गए संज्ञान के साथ ही जमानत और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की भी साथ ही सुनवाई इसी विशेष खंडपीठ में ही होगी।