SYL मुद्दे पर पंजाब कांग्रेस जल्द करेगी राष्ट्रपति से मुलाकात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सतलुज यमुना लिंक नहर को लेकर छिड़ी सियासी लड़ाई अब दिल्ली दरबार पहुंचेगी। पंजाब कांग्रेस वीरवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मुलाकात करेगी।
उन्हें इस मुद्दे पर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपेगी। प्रदेश कांग्रेस राष्ट्रपति से अपील करेगी कि वह एसवाईएल पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पंजाब के हित में नजरंदाज करें।
प्रदेश कांग्रेस ने एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला न लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को राज्यस्तरीय रोष प्रदर्शन किया था। जबकि, रविवार को एसवाईएल के आखिरी छोर पर बड़ी रैली की थी, जिसमें कैप्टन ने एलान किया था कि आखिरी सांस तक पंजाब के पानी की रक्षा की जाएगी।
अब इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस राष्ट्रपति से मुलाकात करेगी। सुखजिंदर रंधावा व तृप्त रजिंदर बाजवा ने कहा कि राष्ट्रपति को बताया जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू होने पर पंजाब के लोगों के लिए गंभीर नतीजे होंगे।
कैप्टन अमरिंदर की अगुवाई में सौंपा जाएगा विस्तृत ज्ञापन
अगर राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट की राय मान कर फैसला लागू करते हैं तो गिरते भूजल स्तर और पानी की किल्लत से जूझ रहे पंजाब में अफरा-तफरी मच जाएगी। यह पंजाब के लोगों के अधिकार की नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी का मसला है।
एसवाईएल बनने से पंजाब के लोग, खासकर मालवा बेल्ट के किसान बुरी तरह प्रभावित होंगे। उनको अपनी लाइफलाइन से वंचित नहीं किया जा सकता। राष्ट्रपति को ऐतिहासिक और मौजूदा तथ्यों के आधार पर बताया जाएगा कि पंजाब पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रहा है।
एसवाईएल बनने से यह समस्या कई गुना बढ़ जाएगी। राष्ट्रपति से मांग की जाएगी कि फिलहाल इस पर फैसला लंबित रखें और वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी लें। सरकार को निर्देश दें कि पानी की वास्तविक स्थिति का पता लगाने को ट्रिब्यूनल गठित किया जाए। उनसे अपील की जाएगी कि यह सुनिश्चित करें कि पंजाब के लोगों के साथ कोई अन्याय न हो।