पंजाब विधानसभा चुनाव में हार: नवजोत सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के प्रधान पद से दिया इस्तीफा
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के पीसीसी अध्यक्षों से कहा था कि वे पीसीसी के पुनर्गठन की सुविधा के लिए अपना इस्तीफा दें।
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विधानसभा चुनाव में पार्टी की शर्मनाक हार के बाद पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने एक लाइन का इस्तीफा पार्टी प्रधान सोनिया गांधी को भेजा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर के पीसीसी अध्यक्षों से कहा था कि वे पीसीसी के पुनर्गठन की सुविधा के लिए अपना इस्तीफा दें।
Navjot Singh Sidhu resigns as President of Punjab Pradesh Congress Committee.
- Prasar Bharati News Services (@pbns_india) 16 Mar 2022
इससे पहले मंगलवार को विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के कारण तलाशते हुए कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्लूयूसी) की बैठक में सभी पक्षों को सुना गया था। पंजाब के मामले में ज्यादातर नेताओं ने पार्टी की अंदरूनी कलह के अलावा नवजोत सिद्धू, चरणजीत चन्नी और पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ के बीच सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी को जिम्मेदार ठहराया था।
कई मंत्रियों ने सिद्धू पर फोड़ा था ठीकरा
पूर्व मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, बलबीर सिंह सिद्धू, सांसद रवनीत बिट्टू और गुरजीत औजला ने तो हार के लिए सीधे तौर पर सिद्धू को जिम्मेदार ठहराया था। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा सिद्धू समेत पांच प्रदेश प्रधानों के इस्तीफा मांग लिए जाने के बाद माना जा रहा है कि हार के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने का सिलसिला थमेगा और पार्टी में नए प्रधान के चयन संबंधी गतिविधियां तेज हो जाएंगी।
हरीश चौधरी ने मालवा के नेताओं के साथ की थी बैठक
मंगलवार को चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी ने मालवा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशियों और नेताओं की बैठक बुलाई थी। बैठक में पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने भी हिस्सा लिया था। बैठक के दौरान कई नेताओं ने मुख्य रूप से पार्टी के अंदरूनी कलह को हार का कारण बताया। नेताओं ने कहा कि पार्टी के जिम्मेदार नेताओं नवजोत सिद्धू, चरणजीत चन्नी और सुनील जाखड़ में अनबन ने पार्टी की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक किया, जिसका नुकसान पार्टी को चुनाव में झेलना पड़ा है।