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संकट से लिया सबक: पीएसपीसीएल को कैप्टन अमरिंदर सिंह का आदेश, बिजली समझौता रद्द या दोबारा जांच करें
Thu, 29 Jul 2021 12:39 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 29 Jul 2021 12:39 AM IST
सार
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि तलवंडी साबो पावर लिमिटेड मौजूदा सीजन में बिजली की मांग पूरी नहीं कर सका। इस कारण बिजली बाहर से खरीदनी पड़ी। इससे खपतकारों को तो परेशानी हुई, साथ ही पीएसपीसीएल पर वित्तीय बोझ पड़ा।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पीएसपीसीएल को आदेश दिया है कि धान की बिजाई और गर्मी के सीजन में बिजली की मांग पूरा करने में असमर्थ निजी कंपनियों के साथ हुए सभी एकतरफा बिजली खरीद समझौते (पीपीए) रद्द करें या दोबारा जांच की जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को मौके का दौरा कर कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाले समझौतों की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
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तलवंडी साबो पावर लिमिटेड की बड़ी असफलता पर गंभीर नोटिस लेते हुए मुख्यमंत्री ने इसके पीपीए रद्द करने को कहा है, क्योंकि यह समझौता कंपनी के हक में बहुत ज्यादा जाता है। कैप्टन ने पीएसपीसीएल को कहा कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार द्वारा विभिन्न स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (आईपीपी) से किए बिजली खरीद समझौतों की जांच की जाए। आईपीपी मूलभूत तौर पर राज्य में धान की बिजाई और गर्मी के मौसम के दौरान पैदा होती मांग को पूरा करने के लिए स्थापित किए गए थे।
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तो क्या सिद्धू की चली
पंजाब में धान की रोपाई और भीषण गर्मी के दौरान इस बार हुए बिजली संकट को लेकर यह विवाद उठा था। विपक्षी दल आम आदमी पार्टी और नवजोत सिद्धू ने बिजली संकट के लिए अकाली-भाजपा सरकार में हुए बिजली समझौतों को जिम्मेदार ठहराया था। सिद्धू ने बिजली समझौतों को लेकर ट्वीट कर मुख्यमंत्री पर ही सवाल खड़े कर दिए थे।
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दो जुलाई से पंजाब में बिजली संकट को लेकर सिद्धू ने ट्वीट कर सरकार को घेरना शुरू कर दिया था। 10 जुलाई तक सिद्धू ने बिजली संकट और अकाली-भाजपा सरकार के दौरान हुए निजी बिजली खरीद के समझौतों को लेकर 17 ट्वीट किए थे। इस दौरान सिद्धू ने समझौतों को रद्द करने के साथ ही 300 यूनिट मुफ्त और 24 घंटे बिजली की मांग की थी।
सुखबीर ने कैप्टन को दी थी चुनौती
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल बिजली समझौतों के पक्ष में खुलकर समर्थन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को चुनौती दी थी कि इन समझौतों को वह रद्द करके दिखाएं। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री कैप्टन हो या आम आदमी पार्टी या अन्य नेता सभी राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस मुद्दे को उठा रहे हैं। हकीकत यह है कि पंजाब में बिजली संकट के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ही जिम्मेदार हैं।