पंजाब: सीएम चन्नी ने अपनी सुरक्षा घटाने का डीजीपी को दिया आदेश, मंत्रियों से भी सुरक्षा कम करने को कहा
निर्देश का पालन नहीं होने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने डीजीपी को सुरक्षा कम करने का आदेश जारी किया है। डीजीपी को पत्र लिखकर सीएम ने अपनी सुरक्षा कम करने का आदेश दिया। वहीं अपने मंत्रियों से भी सीएम ने कम सुरक्षा अमला लेकर चलने को कहा है।
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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने ओहदा संभालते ही वीआईपी कल्चर खत्म करने और आम आदमी की सरकार कायम करने के अपने दावे को मूर्तरूप दिया। मुख्यमंत्री ने अपनी सुरक्षा में तैनात अमले को घटाने का आदेश डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता को जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि चन्नी ने बीते दिनों मुख्यमंत्री की सुरक्षा में 1000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पर सवाल उठाए थे। सोमवार को डीजीपी को लिखित आदेश जारी कर मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 सितंबर को बतौर मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण के बाद मैंने अपनी सुरक्षा में तैनात अमले को घटाने का निर्देश डीजीपी को दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने 22 सितंबर को फिर से डीजीपी को पत्र लिखकर अपना निर्देश दोहराया लेकिन डीजीपी की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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सोमवार को मुख्यमंत्री ने फिर से लिखे पत्र में कहा, मैं अब मौजूदा पुलिस प्रमुख को आदेश देता हूं कि मेरी सुरक्षा में तैनात अमले को कम करने की तुरंत कार्रवाई करें। सोमवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि वह आम आदमी के नुमाइंदे हैं और आम लोगों के लिए ही काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हद से ज्यादा सुरक्षा की उन्हें जरूरत नहीं है, जो उनके और आम लोगों के बीच रुकावट बने।
मंत्रियों को भी सुरक्षा कम करने को कहा
वीआईपी कल्चर पर अंकुश लगाने की जरूरत पर जोर देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को अपने कैबिनेट मंत्रियों को कम से कम सुरक्षा कर्मियों के साथ चलने को कहा, जैसा कि वह अपनी सुरक्षा में पहले ही कटौती कर चुके हैं।
सोमवार सुबह मुख्यमंत्री कार्यालय में मंत्रिमंडल की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए चन्नी ने कहा कि यह कदम न सिर्फ अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों के उचित प्रयोग में सहायक होगा, बल्कि इस संबंध में आम लोगों को होने वाली अनावश्यक असुविधा से भी निजात मिलेगी।
सरपंचों, पार्षदों आदि निर्वाचित प्रतिनिधियों की विभागों में एंट्री को सुविधाजनक बनाने के लिए बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि संबंधित डिप्टी कमिश्नर/एसडीएम कार्यालय से एंट्री कार्ड जारी किए जाएंगे और ऐसे कार्ड धारकों को चंडीगढ़ स्थित दोनों सिविल सचिवालयों समेत राज्य के सरकारी कार्यालयों में बिना रोकटोक प्रवेश की अनुमति होगी।
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लोगों को पारदर्शी और कुशल शासन देने के लिए चन्नी ने मंत्रियों को अपनी क्षमता और योग्यता के मुताबिक काम करने को कहा, जिससे आम जनता के बीच भरोसा पैदा किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उनको अतिरिक्त समय तक काम करना होगा, ताकि लोगों को अच्छा शासन देने में उनकी उम्मीदों पर खरा उतरा जा सके।
उन्होंने सभी मंत्रियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ डटकर काम करने का आग्रह किया, ताकि सरकार के अक्स को और निखारने के साथ-साथ लोगों खासकर जमीनी स्तर तक आम लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति की जा सके।