लुधियाना: श्री भैणी साहिब पहुंचे सीएम चन्नी, नामधारी संप्रदाय प्रमुख सतगुरु उदय सिंह से की मुलाकात
भैणी साहिब में बने एस्ट्रोटर्फ का निरीक्षण करने के बाद सीएम चन्नी ने कहा कि इसी तर्ज पर पंजाब सरकार की तरफ से पंजाब में एस्ट्रोटर्फ का निर्माण किया जाएगा ताकि राज्य में खेलों को बढ़ावा दिया जा सके।
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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शनिवार को लुधियाना में श्री भैणी साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने नामधारी संप्रदाय प्रमुख सतगुरु उदय सिंह से मुलाकात उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ पंजाब कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रधान एचएस हंसपाल, समराला विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों, सुल्तानपुर लोधी विधायक नवतेज सिंह चीमा और गिल हलका विधायक कुलदीप सिंह वैद सभी मौजूद थे।
यहां पर सीएम चन्नी ने भैणी साहिब में बने एस्ट्रोटर्फ का निरीक्षण भी किया। इसे देखने के बाद सीएम चन्नी ने कहा कि इसी तर्ज पर पंजाब सरकार की तरफ से पंजाब में एस्ट्रोटर्फ का निर्माण किया जाएगा ताकि राज्य में खेलों को ज्यादा बढ़ावा दिया जा सके। ऐसे खेल मैदान मिलने पर पंजाब के खिलाड़ी ओलंपिक और अन्य विश्वस्तरीय खेलों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
सीएम चन्नी ने कहा कि जल्द ही पंजाब सरकार के अधिकारी श्री भैणी साहब के प्रबंधकों से मिलकर इस तरह के एस्ट्रोटर्फ और फुटबाल मैदान बनाने की योजना को तैयार करेंगे। इस काम के लिए पंजाब में किसी तरह से फंड की कमी नहीं आने देगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार युवाओं को खेलों को साथ जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब विश्व स्तर पर खेल मुकाबले में सबसे ज्यादा खिलाड़ी भेजेगा।
इस मौके पर सतगुरु उदय सिंह ने बुड्ढा दरिया के कायाकल्प के लिए चल रही 650 करोड़ की योजना के संबंध में विचार किया। सतगुरु उदय सिंह योजना की टास्क फोर्स के मुखिया भी हैं। सीएम ने कहा कि इस योजना को पूरा करने के लिए वह जो भी कहेंगे, उसे सरकार जरूर पूरा करेगी। इस मौके पर डीसी वरिंदर शर्मा, पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, सीनियर कांग्रेसी नेता सतविंदर कौर बिट्टी, विक्रम सिंह बाजवा, सरपंच गुरदीप सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
चुनाव से पहले धार्मिक स्थलों पर नेताओं का नतमस्तक होना शुरू
विधानसभा चुनाव 2022 से पहले राजनीतिक दलों का धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होने का सिलसिला शुरू हो चुका है ताकि इन स्थलों से जुड़े वोट बैंक को किसी तरह अपनी तरफ खींचा जा सके। शनिवार को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी जिला लुधियाना में नामधारी संप्रदाय के सबसे बड़े धार्मिक स्थल श्री भैणी साहिब में पहुंचे।
सीएम के इस पूरे दौरे को अनौपचारिक रखा गया। चंद विधायक और सरकारी अफसरों के अलावा किसी को वहां आने की इज्जात नहीं थी। यहां पर सीएम चन्नी कुछ घंटे रुके और नामधारी संप्रदाय के प्रमुख सतगुरु उदय सिंह से मिले। यहां बताते चले कि नामधारी संप्रदाय का एक बहुत बड़ा वोट बैंक है। केवल पंजाब नहीं आसपास के राज्यों में इस संप्रदाय से जुड़े लोग भारी संख्या में रहते हैं।
राजनीतिक गलियारों में सीएम के इस दौरे को राजनीतिक वोट बैंक की नजर से देखा जा रहा है। यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है, इससे पहले भी पंजाब चुनाव के दौरान धार्मिक कार्ड सबसे महत्वपूर्ण रहा है। विभिन्न राजनीतिक पार्टी दिग्गज धार्मिक स्थलों के अलावा विभिन्न डेरों के वोट बैंक पाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाते रहे हैं।
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक दलों के धार्मिक स्थलों के दौरे शुरू हो चुके हैं। इस मामले में अकाली दल सुप्रीमो सुखबीर बादल भी पीछे नहीं रहे हैं। हिमाचल में हिंदुओं का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी दरबार में दर्शन कर चुके हैं। कुछ समय पहले ही वह राजस्थान स्थित सालासर धाम में दर्शन करने के लिए गए थे। इस बार वह मालवा के कुछ नेताओं को साथ लेकर बस से माध्यम से दर्शन करने के निकले थे।
यहां बता दे कि मालवा एरिया में सबसे ज्यादा लोग सालासर धाम के दर्शन के लिए जाते हैं। इसके अलावा लुधियाना में भी सुखबीर बादल ज्यादातर धार्मिक स्थलों पर अपनी हाजिरी लगवा चुके हैं। इस मामले में आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी पीछे नहीं हैं। वह भी अमृतसर फेरी के दौरान वहां के सभी धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक हो चुके हैं। वहीं आने वाले दिनों में यह सिलसिला और तेजा होगा क्योंकि एक राजनीतिक दल के जाने के बाद दूसरा दल वहां जरूर जाता है।