{"_id":"5d2564b98ebc3e6cc05040eb","slug":"punjab-cm-captain-amrinder-singh-decision-against-navjot-sidhu","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंजाबः कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फिर छोड़ा नवजोत सिद्धू के खिलाफ सियासी तीर, उठा लिया बड़ा कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाबः कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फिर छोड़ा नवजोत सिद्धू के खिलाफ सियासी तीर, उठा लिया बड़ा कदम
Wed, 10 Jul 2019 09:43 AM IST
खुशबू गोयल
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 10 Jul 2019 09:43 AM IST
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह, नवजोत सिद्धू
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिद्धू के बीच विवाद गहराता जा रहा है। सीएम ने सिद्धू के खिलाफ एक और सियासी तीर छोड़ा है। दरअसल, सीएम ने सिद्धू के विरोधी रहे युवा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश बस्सी को अमृतसर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट का चेयरमैन नियुक्त कर दिया है। सिद्धू से स्थानीय निकाय विभाग छीनने के बाद दिनेश बस्सी को ट्रस्ट का चेयरमैन नियुक्त करके कैप्टन सिद्धू का प्रभाव अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव में दिनेश बस्सी पूर्वी विधानसभा हलके से कांग्रेस के बड़े दावेदार थे। उन्होंने टिकट के लिए अप्लाई भी किया हुआ था। तब सिद्धू कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद कैप्टन के आदेश पर दिनेश बस्सी ने अपना नाम वापस लेकर सिद्धू के लिए सीट छोड़ दी थी। बस्सी ने सिद्धू के लिए चुनाव प्रचार भी किया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद सिद्धू ने बस्सी से दूरियां बना लीं। निगम चुनाव में जब बस्सी ने चुनाव लड़ने के लिए अपने वार्ड से टिकट मांगा, तो सिद्धू ने इसका जमकर विरोध किया।
उन्होंने बस्सी के स्थान पर अपने एक समर्थक को टिकट देने की मांग रखी। मुख्यमंत्री के ओएसडी कैप्टन संदीप सिंह और सिद्धू के बीच इस मामले को लेकर तल्खी भी हुई। कैप्टन अमरिंदर के दखल के बाद बस्सी एक बार फिर पीछे हट गए। अब कैप्टन अमरिंदर ने बस्सी को बड़ा इनाम दिया है। ट्रस्ट के ट्रस्टियों की नियुक्तियों में भी सिद्धू समर्थकों की अनदेखी होगी, बस्सी की नियुक्ति से यह स्पष्ट हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में दिनेश बस्सी पूर्वी विधानसभा हलके से कांग्रेस के बड़े दावेदार थे। उन्होंने टिकट के लिए अप्लाई भी किया हुआ था। तब सिद्धू कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद कैप्टन के आदेश पर दिनेश बस्सी ने अपना नाम वापस लेकर सिद्धू के लिए सीट छोड़ दी थी। बस्सी ने सिद्धू के लिए चुनाव प्रचार भी किया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद सिद्धू ने बस्सी से दूरियां बना लीं। निगम चुनाव में जब बस्सी ने चुनाव लड़ने के लिए अपने वार्ड से टिकट मांगा, तो सिद्धू ने इसका जमकर विरोध किया।
विज्ञापन
उन्होंने बस्सी के स्थान पर अपने एक समर्थक को टिकट देने की मांग रखी। मुख्यमंत्री के ओएसडी कैप्टन संदीप सिंह और सिद्धू के बीच इस मामले को लेकर तल्खी भी हुई। कैप्टन अमरिंदर के दखल के बाद बस्सी एक बार फिर पीछे हट गए। अब कैप्टन अमरिंदर ने बस्सी को बड़ा इनाम दिया है। ट्रस्ट के ट्रस्टियों की नियुक्तियों में भी सिद्धू समर्थकों की अनदेखी होगी, बस्सी की नियुक्ति से यह स्पष्ट हो गया है।
विज्ञापन
ट्रस्ट में हुए घोटालों की जांच बड़ी जिम्मेदारी
दिनेश बस्सी के लिए सबसे बड़ी चुनौती नगर सुधार ट्रस्ट में फैले भ्र्रष्टाचार की जांच करवाना है। कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता मनजिंदर सिंह मन्ना पिछले तीन साल से ट्रस्ट में फैले भ्र्रष्टाचार को लेकर दस्तावेजों के साथ जानकारी देते रहे हैं। इसी आधार पर विजिलेंस विभाग ने बीते हफ्ते ट्रस्ट कार्यालय में छापेमारी कर दर्जनों फाइलों को कब्जे में लिया था।
कार्यप्रणाली में सुधार लाना पहली जिम्मेदारी
बस्सी ने कहा की नगर सुधार ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में सुधार लाना उनकी पहली जिम्मेदारी है। पिछले कुछ वर्षों में ट्रस्ट में जितने भी घोटाले हुए हैं, उनकी जांच में विजिलेंस को पूरा सहयोग दिया जाएगा। ट्रस्ट में आने वाले हर शहरी का काम हो, इसे सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यप्रणाली में सुधार लाना पहली जिम्मेदारी
बस्सी ने कहा की नगर सुधार ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में सुधार लाना उनकी पहली जिम्मेदारी है। पिछले कुछ वर्षों में ट्रस्ट में जितने भी घोटाले हुए हैं, उनकी जांच में विजिलेंस को पूरा सहयोग दिया जाएगा। ट्रस्ट में आने वाले हर शहरी का काम हो, इसे सुनिश्चित किया जाएगा।