कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- सीएए पर गुस्सा स्वाभाविक, कानून रद्द न हुआ तो और बढ़ेगा गुस्सा
- कहा- ट्रंप के स्वागत के दौरान सोनिया गांधी को न बुलाना दुर्भाग्यपूर्ण।
- ट्रंप की पत्नी के स्कूल दौरों में दिल्ली के सीएम को न बुलाना गलत।
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर ऐसी सार्वजनिक प्रतिक्रिया की उम्मीद की जानी स्वाभाविक है क्योंकि केंद्र की भाजपा सरकार इस सख्त कानून को लागू करके भारत के संवैधानिक और सामाजिक ताने-बाने को बिखेरने की कोशिश कर रही है।
विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार सीएए, एनआरसी और एनपीआर को लागू करने की अपनी योजनाओं पर लोगों की संभावित प्रतिक्रिया का अंदाजा लगाने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि समाजवाद और धर्म निरपेक्षता वाले देश के लोकतांत्रिक आदर्शों को कुचलने की केंद्र की कोशिश पर प्रतिक्रिया होना लाजिमी थी। कहा कि जब तक केंद्र सरकार अपनी गलती का एहसास नहीं करती और इस कानून को हटा नहीं देती, तब तक लोगों का गुस्सा खत्म नहीं होगा बल्कि और बढ़ता जाएगा।
कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी को भारत दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति की मेजबानी में आयोजित रात्रिभोज पर न बुलाने के केंद्र के फैसले पर पूछे गए सवाल के जवाब में कैप्टन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय ऐसा कभी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रथम अमेरिकी महिला के दिल्ली के स्कूलों के दौरे के समय दिल्ली के सीएम को बुलाया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि हालांकि वह आप की नीतियों के समर्थक नहीं हैं लेकिन जब एक वीआईपी, जैसे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय दौरे पर हैं और उनकी पत्नी किसी राज्य के स्कूलों का दौरा करने जा रही हैं तो ऐसे मौके पर उस राज्य के मुख्यमंत्री को बुलाना दस्तूर बनता है। एसएस बोर्ड के पूर्व सदस्य और अकाली नेता अनवर मसीह के खिलाफ नशे के आरोपों की जांच के बारे में पूछे जाने पर कैप्टन ने कहा कि इस संबंध में जांच जारी है।
इसी सत्र में आएगा बिजली समझौतों के संबंध में श्वेत पत्र
निजी बिजली कंपनियों के साथ पीपीए रद्द करने की मांग पर सीएम ने कहा कि प्लांटों को बंद करना एक संभव विकल्प नहीं हो सकता लेकिन उनकी सरकार इन समझौतों पर फिर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि हालांकि उन्होंने विधानसभा के मानसून सत्र में पूर्व अकाली-भाजपा सरकार द्वारा दस्तखत किए पीपीए पर श्वेत पत्र लाने संबंधी अपनी सरकार के फैसले का एलान किया था लेकिन सरकार इसी सत्र में ही समक्ष पेश करने की कोशिश कर रही है। वहीं पंजाब के स्मार्ट स्कूलों के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने विधानसभा में भाषण का इंतजार करने को कहा।