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कैप्टन की तल्खी: नवजोत सिद्धू पर फिर साधा निशाना, कहा-उनके लिए अब मेरे दरवाजे बंद
Thu, 29 Apr 2021 09:56 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 29 Apr 2021 09:56 AM IST
सार
कैप्टन ने कहा कि अगर सिद्धू पटियाला से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं तो वहां कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर वह मेरा सामना करेंगे। ऐसे में सिद्धू कांग्रेस के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। उन्हें अन्य पार्टी के टिकट पर ही लड़ना होगा।
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नवजोत सिद्धू के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
पंजाब कांग्रेस में बयानबाजी बढ़ती जा रही है। पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह इस कदर नाराज हैं कि उन्होंने साफ कह दिया है कि सिद्धू के लिए अब मेरे दरवाजे बंद हैं। एक इंटरव्यू के दौरान सिद्धू की ओर से उनके खिलाफ पटियाला से चुनाव लड़ने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में कैप्टन ने यह तल्ख जवाब दिया।
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सिद्धू के सवाल पर कैप्टन काफी गुस्से में दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि सिद्धू एक मौकापरस्त इंसान हैं। अगर वह मुझ पर सियासी हमले कर रहे हैं तो इसका सीधा मतलब है कि वह मेरी लीडरशिप पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि वह अपने आप को समझते क्या हैं। उनकी तरफ से अब सिद्धू के लिए दरवाजे बंद हैं। कैप्टन ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि सिद्धू 3-4 बार अरविंद केजरीवाल से मिले हैं। अब अगर सिद्धू पटियाला से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं तो वहां कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर वह मेरा सामना करेंगे। ऐसे में सिद्धू कांग्रेस के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। उन्हें अन्य पार्टी के टिकट पर ही लड़ना होगा।
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कैप्टन ने सिद्धू को चुनौती दी कि चुनाव लड़ना है तो आ जाओ। जमानत जब्त करवाकर वापस भेजूंगा। कैप्टन इतने गुस्से में थे कि उन्होंने सिद्धू के बारे में कहा कि वह खुद को बहुत बड़ा अभिनेता समझते हैं, लेकिन कुर्सी पर बैठकर हंसना कोई अदाकारी नहीं है। सिद्धू को अब न तो भाजपा और न ही अकाली दल अपनी पार्टी में शामिल करेंगे। वह केवल आप में जा सकते हैं। कैप्टन ने कहा कि सिद्धू भाषण तो बहुत अच्छा देते हैं, लेकिन केवल इतने से काम नहीं चलता।
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बरी होने में 14 साल लगे, बादलों को बख्शूंगा नहीं : कैप्टन
कैप्टन ने इस आरोप से साफ इनकार किया कि उनकी बादलों से कोई मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि उन्हें अदालत से बरी होने में 14 साल लगे हैं। वह बादलों को बख्शेंगे नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि कोटकपूरा गोलीकांड में प्रकाश सिंह बादल का नाम जांच में, एफआईआर और चालान में भी आएगा।
सिर्फ कोटकपूरा व बहिबलकलां केस ही पेंडिंग
हाईकोर्ट के फैसले के बाद जो कुछ फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह गलत है। एक तरफ सिद्धू मामले को उठा रहे हैं, दूसरी तरफ कोई और चर्चा छेड़ रहा है। तथ्य यह है कि जो धार्मिक मामले हैं, उनकी कार्यवाही चल रही है। एफआईआर हो रही हैं, कोर्ट में पेश करने के लिए चालान तैयार हो रहे हैं। बीड़ चोरी होने या अंग फाड़ने जैसी घटनाओं में पहले से केस चल रहे हैं। चालान भी फाइल हो गए हैं और आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। कैप्टन ने कहा कि केवल दो मुद्दे कोटकपूरा और बहिबलकलां पुलिस फायरिंग के हैं, जो अब तक पेंडिंग हैं। बेअदबी वाले सभी केस अंजाम तक पहुंचने वाले हैं।
हाईकोर्ट का फैसला राजनीतिक, चाहे जज मुझे बुला लें : कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि एसआईटी की जांच को लेकर हाईकोर्ट का फैसला किसी भी तरह न्यायिक नहीं है, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक फैसला है। उन्होंने कहा कि अगर चाहें तो हाईकोर्ट के जज मुझे बुला लें, मैं यही बात वहां पर भी कहूंगा। यह जजमेंट देने का कोई तरीका नहीं है। अगर 90 पेज की जजमेंट को पढ़ें तो साफ हो जाता है कि हाईकोर्ट का यह फैसला एकतरफा है। इसका तथ्यों के दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। कैप्टन ने कहा कि कोटकपूरा मामले में जज ने बादलों को सुने बिना ही बरी कर दिया। फैसले में बादलों का नाम तक नहीं आया। जज ने फैसले में उन बिंदुओं को उठाया, जिनका केस में कहीं कोई जिक्र भी नहीं है। यह फैसला पूरी तरह कॉकटेल है। मैं इससे सहमत नहीं हूं।
सिर्फ कोटकपूरा व बहिबलकलां केस ही पेंडिंग
हाईकोर्ट के फैसले के बाद जो कुछ फैलाया जा रहा है, वह पूरी तरह गलत है। एक तरफ सिद्धू मामले को उठा रहे हैं, दूसरी तरफ कोई और चर्चा छेड़ रहा है। तथ्य यह है कि जो धार्मिक मामले हैं, उनकी कार्यवाही चल रही है। एफआईआर हो रही हैं, कोर्ट में पेश करने के लिए चालान तैयार हो रहे हैं। बीड़ चोरी होने या अंग फाड़ने जैसी घटनाओं में पहले से केस चल रहे हैं। चालान भी फाइल हो गए हैं और आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। कैप्टन ने कहा कि केवल दो मुद्दे कोटकपूरा और बहिबलकलां पुलिस फायरिंग के हैं, जो अब तक पेंडिंग हैं। बेअदबी वाले सभी केस अंजाम तक पहुंचने वाले हैं।
हाईकोर्ट का फैसला राजनीतिक, चाहे जज मुझे बुला लें : कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि एसआईटी की जांच को लेकर हाईकोर्ट का फैसला किसी भी तरह न्यायिक नहीं है, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक फैसला है। उन्होंने कहा कि अगर चाहें तो हाईकोर्ट के जज मुझे बुला लें, मैं यही बात वहां पर भी कहूंगा। यह जजमेंट देने का कोई तरीका नहीं है। अगर 90 पेज की जजमेंट को पढ़ें तो साफ हो जाता है कि हाईकोर्ट का यह फैसला एकतरफा है। इसका तथ्यों के दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। कैप्टन ने कहा कि कोटकपूरा मामले में जज ने बादलों को सुने बिना ही बरी कर दिया। फैसले में बादलों का नाम तक नहीं आया। जज ने फैसले में उन बिंदुओं को उठाया, जिनका केस में कहीं कोई जिक्र भी नहीं है। यह फैसला पूरी तरह कॉकटेल है। मैं इससे सहमत नहीं हूं।