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पंजाब: अमरिंदर सिंह ने गन्ने का मूल्य 35 रुपये बढ़ाया, 360 रुपये क्विंटल हुआ भाव, किसानों का आंदोलन खत्म

Wed, 25 Aug 2021 02:39 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 25 Aug 2021 02:39 AM IST
सार

अमरिंदर ने कहा कि वह हमेशा किसानों के साथ हैं और उनकी भलाई के लिए हमेशा अपना सर्वोत्तम करना चाहते हैं। राज्य के वित्तीय संकट के कारण वह पहले गन्ने का भाव बढ़ा नहीं सके। मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के मद्देनजर सहकारी और प्राइवेट चीनी मिलों से जुड़े किसानों की जरूरतों का संतुलन बनाना बहुत कठिन है। 

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Punjab CM Capt Amarinder Singh increased the price of sugarcane
किसानों के साथ अमरिंदर सिंह ने की बैठक। - फोटो : @capt_amarinder

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साल 2021-22 के गन्ना पिराई सीजन के लिए राज्य में गन्ने का भाव 360 रुपये प्रति क्विंटल देने की घोषणा की है। इससे गन्ना उत्पादकों को अधिकतम 50 और न्यूनतम 35 रुपये का फायदा होगा। इसके साथ ही पड़ोसी राज्य हरियाणा से गन्ने की कीमत दो रुपये अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री के इस एलान के साथ ही पंजाब के गन्ना किसानों ने मंगलवार को अपना आंदोलन समाप्त करने का भी एलान कर दिया।

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गन्ने के मूल्य का विवाद मंगलवार बाद दोपहर मुख्यमंत्री की किसान यूनियनों के नेताओं के साथ बैठक में हल हुआ। बैठक में कैप्टन ने राज्य में घोषित गन्ने के भाव (एसएपी) में वृद्धि की सहमति जताते हुए कहा कि पिछले तीन-चार साल में राज्य की खराब वित्तीय स्थिति के कारण सरकार को गन्ने का उपयुक्त भाव बढ़ाने से रोके रखा। 
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किसान यूनियन के नेताओं ने पहले कहा कि पंजाब पिछले समय में हरियाणा की तर्ज पर गन्ने का भाव बढ़ाने में नाकाम रहा है, जिससे किसानों को वित्तीय नुकसान हुआ है। पंजाब में पहले गन्ने की अगेती किस्म का मूल्य 325 रुपये, मध्यम का मूल्य 315 रुपये और पछेती का मूल्य 310 रुपये था।
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अमरिंदर ने कहा कि वह हमेशा किसानों के साथ हैं और उनकी भलाई के लिए हमेशा अपना सर्वोत्तम करना चाहते हैं। राज्य के वित्तीय संकट के कारण वह पहले गन्ने का भाव बढ़ा नहीं सके। मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के मद्देनजर सहकारी और प्राइवेट चीनी मिलों से जुड़े किसानों की जरूरतों का संतुलन बनाना बहुत कठिन है। 

इस मौके पर मांग मंजूर किए जाने पर ख़ुशी जाहिर करते हुए बलबीर सिंह राजेवाल समेत संयुक्त किसान मोर्चे के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का मुंह मीठा करवाया। मीटिंग में संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों में राजेवाल के अलावा कुलवंत सिंह संधू, हरमीत कादियां, जंगवीर सिंह चौहान, हरिंदर सिंह लक्खोवाल, मुकेश चंद्र, कुलदीप सिंह वजीदपुर, बलदेव सिंह सिरसा, बलदेव सिंह दप्पर और बलविंदर सिंह औलख उपस्थित रहे।


दूसरी ओर, मीटिंग में मुख्यमंत्री के साथ सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, सांसद परनीत कौर और प्रताप सिंह बाजवा, विधायक राणा गुरजीत सिंह, डॉ. राज कुमार वेरका, फतेहजंग सिंह बाजवा, नवतेज सिंह चीमा और सुशील कुमार रिंकू, पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह, शुगरफेड के चेयरमैन अमरीक सिंह आलीवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास अनिरुद्ध तिवारी, वित्त कमिश्नर सहकारिता के शिवा प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, कृषि कमिश्नर बलविंदर सिंह सिद्धू और केन कमिश्नर गुरविंदर सिंह भी उपस्थित रहे।

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