Budget 2020: मोदी सरकार पर बरसे कैप्टन, बोले- बजट से साफ उनका एजेंडा नकारात्मक और विभाजनकारी
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केंद्रीय बजट पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कहा कि इसमें कुछ ठोस नहीं है बल्कि शोशेबाजी की घोषणाएं ही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस बजट से साफ कर दिया है कि अर्थव्यवस्था उनकी पहल नहीं है बल्कि उनका एजेंडा नकारात्मकता और विभाजनकारी है।
उन्होंने कहा कि बजट में कुछ नहीं है जो आर्थिक सुधारों का रास्ता साफ करे या सार्वजनिक खपत को बढ़ा सके ताकि अर्थव्यवस्था एक बार फिर से मजबूत हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में बयानबाजी के अलावा कुछ भी नहीं है, जो समाज के किसी भी वर्ग की समस्याओं का हल कर सकता हो, चाहे वह किसान, नौजवान, व्यापारी या मध्यम वर्गीय और गरीब लोग हों।
कैप्टन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह बजट व्यापारियों की भावनाओं को पुनर्जीवित करने की बजाय दिशा और सोच रहित है, जिससे स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार को लोगों की इच्छाओं और जरूरतों की कोई परवाह नहीं है। इस कारण यह अर्थव्यवस्था को और नीचे की ओर लेकर जायेगा। वित्त मंत्री की 2019-20 की आर्थिक मंदी का जिक्र करने में असफलता पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिद्ध करता है कि केंद्र का अर्थव्यवस्था की समस्याओं से निपटने का कोई इरादा नहीं है।
बजट ने सबकी उम्मीदों को चकनाचूर किया है। जो किसान कर्ज और पराली जलाने की चुनौती के मुकाबले के लिए कोई हल का इंतजार कर रहे थे, उनको निराशा ही हाथ लगी। उद्योगों की अनेदखी की गई, नौजवान भी अंधेरे में से आशा की किरण देखता रहा, जिसे सरकार ने और भी अंधेरे में धकेल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के लिए 16 सूत्री एक्शन प्लान में कहीं भी फसलीय विविधता को बढ़ावा देने के लिए स्कीम शुरू करने या प्रोत्साहन देने का जिक्र नहीं है।
उन्होंने कहा कि अनाज के सुरक्षित भंडार पंजाब समेत दूसरे राज्यों में पहले ही किसानों पर दबाव डाल रहे हैं। किसानों के लिए यह बजट पूरी तरह निराशा वाला है। कैप्टन ने कहा कि केंद्र सरकार बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में असफल रही है जोकि आज समय की बड़ी जरूरत है। उन्होंने पूछा, ‘‘बजट में सिंचाई और बिजली क्षेत्र को मजबूत और नवीनीकरण के लिए क्या किया गया है? यह बताया जाए कि इस तरह भारत बिना बुनियादी ढांचे के विकास कैसे कर सकेगा।’’
कैप्टन ने कहा कि बजट उद्योगों को प्रोत्साहन देने में भी असफल रहा। उन्होंने कहा कि उद्योग और वाणिज्य के प्रोत्साहन के लिए जारी किये 27,300 करोड़ रुपए केवल अल्प रकम है। कैप्टन के अनुसार स्वास्थ्य के लिए भी पिछले साल के स्वास्थ्य बजट की अपेक्षा सिर्फ 10 प्रतिशत वृद्धि की गई है जो कि देश के लोगों की जरूरतों को पूरा करने में अपर्याप्त है। उन्होंने कहा कि टीबी को 2025 तक खत्म करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शुरू किया ‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’ प्रोग्राम के लिए भी कोई अतिरिक्त राशि की घोषणा नहीं की गई।
10340 करोड़ का रक्षा बजट हास्यास्पद: कैप्टन
कैप्टन ने कहा कि यहां तक कि रक्षा क्षेत्र को भी बनता हक नहीं मिला जोकि इस खतरनाक समय में किसी भी सरकार के लिए प्रमुख पहल का क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि 10,340 करोड़ रुपए से रक्षा बलों के नवीनीकरण और नये हथियारों की खरीद के बजट को भद्दा मजाक बताया। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि हास्यस्पद है क्योंकि इससे अधिक तो साल के अंत तक एक आम मुलाजिम को भी मिल जाता है।
'राज्यों को विकास के लिए कहां से पैसा मिलेगा'
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र राज्यों की मांगों को भी पूरा करने में असफल रहा, जिनमें पंजाब को जीएसटी का मुआवजा मिलने में देरी का मसला हल नहीं किया गया। उन्होंने मांग करते हुए पूछा, ‘राज्यों को विकास के लिए कहां से पैसा मिलेगा?’ मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अन्य क्षेत्र जो सचमुच पंजाब और अन्य सभी राज्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय है, वह जीएसटी मुआवजा फंड को जीएसटी. सेस अधीन एकत्रित करने तक सीमित करने का केंद्र का फैसला है।
पर्यटन प्रोजेक्ट सिर्फ भाजपा शासित राज्यों को: कैप्टन
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पानी की भारी किल्लत के बावजूद पंजाब को केंद्र द्वारा पानी के संरक्षण के लिए रखे गए जिलों में से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि यहां तक कि विशेष पर्यटन प्रोजेक्टों की घोषणा में सिर्फ भाजपा शासित राज्यों को शामिल किया गया है। ऐसा व्यवहार संघीय देश के लिए असहनीय है।