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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab CM Bhagwant Mann wrote a letter to the Governor

Punjab: सीएम-गवर्नर के बीच बढ़ी रार, मान ने पत्र लिख कहा-राज्यपाल बार-बार सरकार के काम में दे रहे दखल

Thu, 20 Oct 2022 04:24 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 20 Oct 2022 04:24 PM IST
सार

भगवंत मान ने पत्र में लिखा कि, पीएयू के कुलपति हरियाणा और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम 1970 के तहत नियुक्त किए जाते हैं। इसमें मुख्यमंत्री या राज्यपाल की कोई भूमिका नहीं होती। वीसी की तैनाती विशेष बोर्ड करता है।

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Punjab CM Bhagwant Mann wrote a letter to the Governor
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान। - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब सरकार और राजभवन के बीच टकराव थमता नजर नहीं आ रहा है। अब पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के वीसी डा. सतबीर गोसल की नियुक्ति पर सवाल उठाने पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल को पत्र लिखकर खरी-खरी सुनाई है। सीएम ने कहा कि वीसी की नियुक्ति नियमों के अनुरूप है और आपके आदेश से पंजाबी गुस्से में हैं। लोगों ने भारी बहुमत से सरकार चुनी है। इसके कामकाज में आप दखल दे रहे हैं इससे लोग दुखी हैं। 

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भगवंत मान ने पत्र में लिखा कि, पीएयू के कुलपति हरियाणा और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम 1970 के तहत नियुक्त किए जाते हैं। इसमें मुख्यमंत्री या राज्यपाल की कोई भूमिका नहीं होती। वीसी की तैनाती विशेष बोर्ड करता है। डॉ. सतबीर गोसल एक जाने-माने वैज्ञानिक के साथ बेहद सम्मानित पंजाबी सिख हैं। ऐसे व्यक्ति को हटाने के निर्देश से पंजाबी गुस्से में हैं। पंजाबी भाषा में लिखे पत्र को सीएम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया है। 
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किसी कुलपति की मंजूरी राज्यपाल से नहीं ली गई
मान ने कहा, इससे पहले जो भी पीएयू के कुलपति रहे हैं, उनमें से किसी की भी तैनाती के लिए राज्यपाल से मंजूरी नहीं ली गई। इससे पहले डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों और डॉक्टर एमएस कंग भी वीसी बनाए गए थे लेकिन उनकी नियुक्ति की मंजूरी गवर्नर से नहीं ली गई थी। 
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दखलअंदाजी से जनता दुखी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लिखा है- आप पिछले कुछ महीनों से बहुमत से चुनी गई सरकार के कामकाज में बार-बार दखल दे रहे हैं। इससे पंजाब की जनता काफी दुखी है। पहले पंजाब विधानसभा का सत्र बुलाने में बाधा डाली। फिर बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के वीसी की नियुक्ति के प्रस्ताव को रद्द कर दिया। अब आप पीएयू के वीसी को पद से हटाने को कह रहे हैं। लोगों ने बड़ी उम्मीदों से आम आदमी पार्टी की सरकार बनाई है। मैं लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए दिन रात काम कर रहा हूं। ऐसे में जब कोई व्यक्ति सरकार के काम में बाधा डालता है तो लोग बर्दाश्त नहीं करते।

असांविधानिक काम के लिए उकसाने वालों का विश्वास न करें
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को लिखा, मैं आपसे कई बार मिल चुका हूं। मैंने आपको बहुत अच्छा इंसान पाया। आप इस तरह के काम खुद नहीं कर सकते।  असांविधानिक काम करने के लिए आपसे कौन कहता है?  उन आप विश्वास क्यों करते हैं। वे आपकी पीठ के पीछे रहते हैं। मैं आपसे विनती कर रहा हूं कि कृपया उन लोगों की बात न सुनें। ये लोग पंजाब का भला नहीं चाहते। कृपया चुनी हुई सरकार को अपना काम करने दें। 


राजभवन ने सीएम से मांगा स्पष्टीकरण, कौन सा पत्र सही 
चंडीगढ़। वहीं, देर शाम पंजाब राज भवन की ओर से कहा गया कि पीएयू लुधियाना के कुलपति की नियुक्ति के बारे में मीडिया में एक पत्र प्रचलन में है, जो पंजाबी भाषा में है। यह कथित पत्र मुख्यमंत्री पंजाब का बताया जा रहा है। यह पंजाब राजभवन को प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि, इस संबंध में एक पत्र पंजाब राजभवन को मिला है, जो अंग्रेजी भाषा में है, लेकिन दोनों की सामग्री अलग-अलग है। राजभवन ने सीएम से स्पष्ट करने को कहा है कि उनके दो पत्रों में से कौन सा प्रामाणिक है और पंजाबी में लिखे पत्र को राजभवन को भेजे बिना मीडिया में क्यों प्रसारित किया गया है? 

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