कैप्टन बोले- कच्चे कर्मियों को देंगे वेतन, लॉकडाउन से निकलने के उपाय ढूंढने को बनेगी टास्क फोर्स
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य को लॉकडाउन से धीरे-धीरे बाहर निकालने के उपाय ढूंढने के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी। वहीं, राज्य में बुधवार को कोरोना से संक्रमित सात नए मामले सामने आए हैं। इसी के साथ पीड़ितों की संख्या यहां 106 पर पहुंच गई है।
सीएम ने बुधवार को राज्य के प्रसिद्ध उद्योगपतियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए भरोसा दिलाया कि नाजुक मसलों और चुनौतियों को हल करने के लिए सरकार द्वारा उद्योगों की पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने उद्योग जगत को अपने सुझाव देने के लिए कहा और मौजूदा हालात में राज्य सरकार के फैसले लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनने का भी न्योता दिया।
उन्होंने कहा कि यदि कोई उद्योग चलाना चाहता है तो वह राज्य सरकार के पास पहुंच सकता है। उनके अनुरोध को दिशा-निर्देशों के दायरे के अंदर हल करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। सीएम ने उद्योग विभाग से कहा कि उद्योगपतियों द्वारा उठाए गए मामलों पर गंभीरता से विचार करते हुए इन्हें जल्द से जल्द हल किया जाए।
पंजाब सरकार कच्चे मुलाजिमों को कर्फ्यू अवधि का पूरा वेतन देगी
कांट्रैक्ट, आउटसोर्स और डेलीवेज पर रखे गए पंजाब सरकार के कर्मचारियों को राज्य में कर्फ्यू की अवधि के दौरान का पूरा वेतन दिया जाएगा। वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार के विभागों, कार्यालयों और अन्य सरकारी संगठनों में कार्यरत कांट्रैक्ट, आउटसोर्स और डेलीवेज कर्मी, जिन्हें कर्फ्यू/लॉकडाउन के दौरान घरों में रहने के लिए कहा गया है, को इस अवधि में ऑन ड्यूटी माना जाएगा। इस अवधि के लिए उन्हें पूरा मानदेय दिया जाएगा।
वित्त विभाग की ओर से मुख्य सचिव, सभी अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त कमिश्नर, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, प्रशासनिक सचिव, पंजाब सरकार के विभागों के प्रमुख, उपमंडलों के कमिश्नर, सभी डीसी और विधानसभा सचिव को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि यह निर्देश राज्य में सभी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग, कारपोरेशन, बोर्ड, स्वायत्त और अर्ध स्वायत्त इकाइयों पर भी लागू होंगे। वित्त विभाग का कहना है कि पूरा मानदेय न मिलने पर उनकी स्थिति दयनीय हो सकती है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए ये उद्योगपति
सचित जैन, राजिंदर गुप्ता (ट्राइडेंट), एएस मित्तल (सोनालिका), उपकार आहूजा, हरीश चवन (महिंद्रा), करण गिलहोत्रा, सचिद मदान (आईटीसी), राहुल आहूजा (सीआईआई), पंकज मुंजाल (हीरो साइकिल), गौतम कपूर, रुपिंदर सचदेवा, एसपी ओसवाल, कमल ओसवाल, दिनेश दुआ (फार्मा), अशोक सेठी (बासमती), कोमल तलवार (आईटी), मुकुल वर्मा (स्पोर्ट्स गुड्स) और भवदीप सरदाना
अभी लंबी चल सकती है लड़ाई : कैप्टन
सीएम ने कहा कि यह लड़ाई लंबी चल सकती है जिसके विश्वव्यापी अर्थव्यवस्था और उद्योगों पर बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं। हर कोई इस लॉकडाउन से प्रभावित है। इस महामारी को रोकने के लिए भारत ने शुरुआत में ही पहल कर दी है और शुरुआती समय पर उठाए गए ये कदम बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। इस समय पंजाब में स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है।
प्रवासी मजदूर चले गए तो आसानी से वापस नहीं आ सकेंगे
सीएम ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को रोकने और उनकी देखभाल के लिए उद्योग से की गई उनकी अपील कोई आदेश नहीं था बल्कि एक सुझाव था। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि लॉकडाउन को और कितनी देर जारी रखने की जरूरत होगी, इसलिए उनको वापस न जाने देना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि प्रवासी मजदूर चले जाते हैं तो वह आसानी से वापस नहीं आ सकेंगे। इससे कटाई और खरीद सीजन के लिए तैयार राज्य के सामने बड़ी मुश्किलें पैदा हो सकती हैं।
बैठक में उद्योगपतियों ने रखे ये सुझाव-
- ट्रैक्टर और सहायक उद्योगों को जरूरी राहत दी जाए और गेहूं की कटाई और रबी की फसलों के मंडीकरण के सीजन में किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए उद्योगों को खोलने की इजाजत दी जाए।
- साइकिलों को भी जरूरी वस्तुओं में शामिल करने की मांग उठी।
- पैकिंग उद्योगों को भी खोलने की आज्ञा दी जाए ताकि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
- चंडीगढ़ तक एयर कार्गो सेवाओं को फिर बहाल करने के साथ राज्य में स्वास्थ्य एवं मेडिकल स्टार्टअप को उत्साहित किया जाए।
- पर्यटन उद्योग, जो लॉकडाउन के चलते बुरी तरह प्रभावित हुआ है, को भी राहत दी जाए।
मजदूर लाने पर लगाई पाबंदी से फार्मास्युटिकल कंपनियों को दिक्कत
मीटिंग में उठा बड़ा मामला फार्मास्युटिकल कंपनियों को पेश आ रही मुश्किलों का था, जो कोविड-19 से निपटने में अहम योगदान दे रही हैं। इन मुश्किलों में से एक जम्मू-कश्मीर में अंतरराज्यीय यातायात को बंद करना और हरियाणा से माल और मजदूरों को लाने पर लगाई गई कुछ पाबंदियों का है। उद्योगों द्वारा नकद लेन-देन की दिक्कतों को भी उजागर किया गया।