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किसान नेताओं को लुकआउट नोटिस मिलने पर भड़के कैप्टन, बोले- वे माल्या- नीरव या ललित मोदी तो नहीं

Thu, 28 Jan 2021 11:09 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 28 Jan 2021 11:09 PM IST
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Punjab CM Amarinder singh condemns lookout notices against farmer leaders
कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

किसान नेताओं को लुकआउट नोटिस जारी किए जाने को गलत ठहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को कहा कि किसानों के देश छोड़कर जाने का डर प्रकट करना न सिर्फ तर्कहीन, बल्कि निंदनीय भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये किसान नेता कहां भाग जाएंगे। बहुत से किसान कम जमीन वाले छोटी किसानी से जुड़े हैं, न कि विजय माल्या, नीरव मोदी, ललित मोदी या मेहुल चौकसी जैसे बड़े कॉरपोरेट भगोड़े हैं, जो मुल्क के अरबों रुपये लूटने के बाद भाग गए थे। 

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कैप्टन ने कहा कि आप इन बड़े भगोड़ों पर हाथ डालने में तो नाकाम रहे लेकिन अब अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे किसानों को निशाना बना रहे हो। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि लुकआउट नोटिस वापस लेने के लिए तुरंत दिल्ली पुलिस को आदेश जारी किए जाएं। मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के मौके पर हुई हिंसा में बिना सुबूत एफआईआर में किसान नेताओं का नाम शामिल करने के दिल्ली पुलिस के फैसले पर सवाल उठाया। 
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कैप्टन ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने लाल किले और राष्ट्रीय राजधानी के अन्य हिस्सों में हिंसा को उकसाया। इसके लिए आप सभी किसान नेताओं को कुसूरवार कैसे ठहरा सकते हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली पुलिस को किसानों के संघर्ष को कमजोर करने के लिए हिंसा की आड़ में किसान नेताओं को परेशान नहीं करना चाहिए।
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एफआईआर में जिन प्रमुख किसान नेताओं के नाम शामिल हैं, वह सभी नेता तो पहले ही 26 जनवरी की हिंसा से अपने आप को अलग कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं में से एक भी नेता अभी तक कोई भी भड़काऊ भाषण देता हुआ या ऐसी गतिविधियों में शामिल होते हुए सुना या देखा नहीं गया। यदि पुलिस के पास इन नेताओं में से किसी एक के भी हिंसा में शामिल होने का कोई सुबूत है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

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