पंजाब: 23 से 27 जून तक कर्मचारियों की कलम छोड़ हड़ताल, पटवारी व कानूनगो ने भी काम किया ठप
पंजाब सिविल सचिवालय के कर्मचारियों की हड़ताल 23 जून से 27 जून तक चलेगी। सोमवार को पंजाब सचिवालय के मेन गेट पर कर्मचारियों ने रैली की। इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि छठे वेतन आयोग की जिन सिफारिशों को सरकार ने मंजूरी दी है उनके लागू होने से वेतन घट जाएगा।
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पंजाब कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को नकारते हुए सोमवार को पंजाब सिविल सचिवालय चंडीगढ़ में मुलाजिमों ने सरकार के खिलाफ रोष रैली की और 23 से 27 जून तक पूरे पंजाब में कलम छोड़ हड़ताल का एलान किया। सोमवार सुबह 9 बजे से सरकारी मुलाजिम सचिवालय के मेन गेट पर जमा होने शुरू हो गए थे।
रैली के दौरान मुलाजिमों की ओर से छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को नामंजूर करते हुए सरकार पर मुलाजिमों से धोखा करने का आरोप लगाया। पंजाब सिविल सचिवालय स्टाफ एसोसिएशन के प्रधान सुखचैन सिंह खैरा ने मुलाजिमों को संबोधित करते हुए कहा कि हाल ही में जो वेतन आयोग की सिफारिशें सरकार ने मंजूर की हैं, उनसे मुलाजिमों का वेतन बढ़ने के बजाय कम हो रहा है। वित्त मंत्री ने बहुत चालाकी से गुमराह करने की कोशिश की है। अब मुलाजिम इसका जवाब देंगे।
खैरा ने बताया कि 23 से 27 जून तक पीएसएमएसयू द्वारा किए गए एलान पर पूरे पंजाब में कलम छोड़ हड़ताल की जाएगी, जिसमें चंडीगढ़ और मोहाली स्थित विभिन्न विभागों के मुलाजिम भी शामिल होंगे। इस बीच, साझा मुलाजिम मंच और साझा फ्रंट की ओर से भी हड़ताल में शामिल होने का एलान किया गया है। सचिवालय के मेन गेट पर रोष रैली के दौरान परसोनल स्टाफ एसोसिएशन की जसवीर कौर ने आरोप लगाया कि सरकार की तरफ से केवल अपनों को ही रेवड़ियां बांटी जा रही है।
मलकीत सिंह औजला ने कहा कि सरकार ने बीते साढ़े चार साल के दौरान मुलाजिमों को कुछ नहीं दिया, बल्कि विकास टैक्स के नाम पर मुलाजिमों की जेब पर डाका डाला गया है। सचिवालय दर्जा-4 के प्रधान बलराज सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने दर्जा-4 की सीधी भर्ती बंद करके अपने विधायकों और उनके बच्चों को नौकरी देकर तानाशाह होने का सबूत दिया है।
पंजाब में पटवारियों और कानूनगो ने काम किया ठप
पंजाब में सोमवार को पटवारियों ने 12153 में से करीब 8445 गांवों में पटवारी की तैनाती न होने के कारण और 666 सर्कलों में पटवारियों के प्रमोशन न होने के कारण कानूनगो ने 156 खाली पड़े कानूनगो सर्कलों में काम रोक दिया है। यह जानकारी रेवेन्यू पटवार यूनियन पंजाब के प्रधान हरवीर सिंह ढींढसा और कानूनगो एसोसिएशन पंजाब के विधि सचिव मोहन सिंह भेडपुरा ने दी।
उन्होंने बताया कि पंजाब में 4716 पटवारियों के स्थान पर इस समय करीब 1900 पटवारी ही तैनात हैं। पटवारियों के करीब 2800 पद खाली हैं जो अगले 2 साल में बढ़कर 3500 तक पहुंच जाएंगे। पटवारी और कानूनगो तालमेल कमेटी की मांग है कि पटवारियों के सभी खाली पद तुरंत भरे जाएं।
इसके साथ ही वर्ष 2016 में भर्ती पटवारियों का प्रोबेशन पीरियड 3 साल से घटाकर 2 साल किया जाए और पटवारियों की ट्रेनिंग को तहसीलदारों की तरह प्रोबेशन पीरियड में गिना जाए। अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में राज्य में पूरी तरह काम ठप किया जाएगा।