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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नशे के खिलाफ गृह मंत्री और पड़ोसी राज्यों से मांगा सहयोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 19 Jul 2018 08:34 PM IST
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
- फोटो : ANI
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नशे की तस्करी और पैदावार पर नियंत्रण के लिए हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों से सहयोग के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री से भी सहयोग की मांग की है, जिनके नियंत्रण में दिल्ली पुलिस है। उन्होंने इन नेताओं को कहा है कि वह अपने संबंधित क्षेत्रों को नशे के तस्करों के लिए सुरक्षित अड्डा न बनने दें।
कैप्टन ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को नशे की समस्या संबंधी अलग-अलग पत्र लिखे हैं। नशे को भावी पीढ़ियों के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे उनकी सरकार ऐसा न होने देने के लिए वचनबद्ध है फिर भी वह उनका पूरा सहयोग चाहते हैं और इस संबंध में उन्हें अपील करते हैं। उन्होंने पंजाब में नशा रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों के लिए उनके सक्रिय समर्थन की मांग की।
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पत्र में मुख्यमंत्री ने नेताओं से विनती की है कि वह पुलिस सहित कानून लागू करने वाली एजेंसियों को सलाह दें कि वह नशों के संबंध में पंजाब पुलिस के साथ तालमेल करें और नशों की कुरीति को नकेल डालने के लिए साझा कोशिशें करें। सरहद पार से नशे की तस्करी होने के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली जैसे पड़ोसी राज्यों के द्वारा भी पंजाब में नशे की तस्करी होने की रिपोर्ट हैं। उन्होंने कहा कि नशे के पौधों की खेती पंजाब के लिए चिंता वाली बात है क्योंकि नशे की खेती वाले राज्यों से पंजाब को नशे की सप्लाई हो रही हैं ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय शासित प्रदेश दिल्ली सीधे तौर पर भारत सरकार के गृह मंत्री के नियंत्रण और निगरानी में है। लेकिन उपलब्ध सूचना के मुताबिक, नशा तस्करों के लिए दिल्ली सुरक्षित अड्डा बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से कहा कि वह दिल्ली पुलिस को निर्देश जारी करें कि वह नशे के तस्करों को काबू करें और नशा रोकने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करें । चारों नेताओं को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा तीन चरणों में ईडीपी रणनीति लागू की गई है, जिसके तहत कानूनों को सख्ती से लागू करना, नशा छुड़वाना और नशे की रोकथाम करना शामिल हैं।
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Punjab CM seeks cooperation of his counterparts in Haryana,Himachal Pradesh & Rajasthan, &also Union Home Minister to whom Delhi Police reports, in controlling cultivation&smuggling of narcotics & also ensuring that no safe havens are allowed to drug peddlers&smugglers (File pic) pic.twitter.com/1HvyQJGJxK
— ANI (@ANI) July 19, 2018विज्ञापन
कैप्टन ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को नशे की समस्या संबंधी अलग-अलग पत्र लिखे हैं। नशे को भावी पीढ़ियों के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे उनकी सरकार ऐसा न होने देने के लिए वचनबद्ध है फिर भी वह उनका पूरा सहयोग चाहते हैं और इस संबंध में उन्हें अपील करते हैं। उन्होंने पंजाब में नशा रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों के लिए उनके सक्रिय समर्थन की मांग की।
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पत्र में मुख्यमंत्री ने नेताओं से विनती की है कि वह पुलिस सहित कानून लागू करने वाली एजेंसियों को सलाह दें कि वह नशों के संबंध में पंजाब पुलिस के साथ तालमेल करें और नशों की कुरीति को नकेल डालने के लिए साझा कोशिशें करें। सरहद पार से नशे की तस्करी होने के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली जैसे पड़ोसी राज्यों के द्वारा भी पंजाब में नशे की तस्करी होने की रिपोर्ट हैं। उन्होंने कहा कि नशे के पौधों की खेती पंजाब के लिए चिंता वाली बात है क्योंकि नशे की खेती वाले राज्यों से पंजाब को नशे की सप्लाई हो रही हैं ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय शासित प्रदेश दिल्ली सीधे तौर पर भारत सरकार के गृह मंत्री के नियंत्रण और निगरानी में है। लेकिन उपलब्ध सूचना के मुताबिक, नशा तस्करों के लिए दिल्ली सुरक्षित अड्डा बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से कहा कि वह दिल्ली पुलिस को निर्देश जारी करें कि वह नशे के तस्करों को काबू करें और नशा रोकने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करें । चारों नेताओं को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा तीन चरणों में ईडीपी रणनीति लागू की गई है, जिसके तहत कानूनों को सख्ती से लागू करना, नशा छुड़वाना और नशे की रोकथाम करना शामिल हैं।