पंजाब कैबिनेट के कई अहम फैसले, ऑनलाइन लॉटरी स्कीमों पर रोक, बजट सत्र 20 फरवरी से
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ऑनलाइन लाटरियों की आड़ में अनाधिकृत लॉटरियों की होने वाली बिक्री रोकने के लिए पंजाब कैबिनेट ने राज्य में हर तरह की ऑनलाइन लॉटरी स्कीमों पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है। लॉटरी (रेगूलेशन) एक्ट-1998 की धारा ‘ऑनलाइन लॉटरी स्कीम’ पर पाबंदी लगाने से न सिर्फ राज्य में ऑनलाइन लॉटरियों की आड़ में अनाधिकृत लॉटरियों के व्यापार को रोक लगेगी बल्कि सरकार के टैक्स और गैर-टैक्स राजस्व में भी वृद्धि होगी। इन गैर-कानूनी लॉटरियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए एडीजीपी (अमन और कानून) को नोडल अफसर नियुक्त किया गया है।
विधानसभा का सत्र 20 से 28 तक, 25 को पेश होगा बजट
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह 2020-21 का बजट 25 फरवरी को पेश करेंगे। बजट सत्र 20 फरवरी से 28 फरवरी तक चलेगा। पहले दिन दिवंगत शख्सियतों को श्रद्धांजलि भेंट की जाएगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे पंजाबी भाषा से संबंधित बिल पेश किया जायेगा। इसके बाद 24 फरवरी को सुबह 11 बजे राज्यपाल के भाषण पर धन्यवाद और बहस का प्रस्ताव पेश किया जाएगा और दोपहर 2 बजे भाषण पर बहस फिर से शुरू होगी, जो समाप्त होने तक जारी रहेगी।
उद्योग विभाग और स्टोरेज विंग का होगा पुनर्गठन
उद्योग और वाणिज्य विभाग के कामकाज को और ज्यादा सुचारू और इसके अलग विंग, कंट्रोलर ऑफ स्टोरज को और अधिक कारगर बनाने के लिए पंजाब कैबिनेट ने विभाग का पुनर्गठन करके 683 पुराने पदों की जगह पर 38 नये पद सृजन करने की मंजूरी दे दी है। इन 683 पदों की या तो जरूरत नहीं है या इन पदों का आधार खत्म हो चुका है और लंबे समय से खाली पड़े हैं।
उद्योग और वाणिज्य विभाग में 1644 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 650 पद खाली हैं जबकि कंट्रोलर ऑफ स्टोरज के कार्यालय के 84 स्वीकृत पद हैं और इनमें से 33 पद लंबे समय से खाली हैं। 683 पुराने पदों के एवज में 38 नए पद सृजन करे जाएंगे, जिससे सालाना लगभग 24.90 करोड़ रुपये की बचत होने के साथ-साथ और ज्यादा कुशलता आएगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के इंजीनियरिंग विंग का पुनर्गठन होगा।
पूर्व सैनिकों, उनके वारिसों को आरक्षण में मिलेगी तरजीह
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की निर्देशों के पालन करते हुए कैबिनेट ने पूर्व सैनिकों, पूर्व सैनिकों के वारिसों, वीरता पुरस्कार विजेताओं के पोते-पोतियों को आरक्षण में प्राथमिकता पीढ़ी-दर-पीढ़ी के प्रचलित सिद्धांत के अनुसार निश्चित करने का फैसला किया है। रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर सहमति प्रकट की है। यदि कोई पूर्व सैनिक न हो और आगे उसकी पत्नी या आश्रित बच्चा मौजूद न हो तो ऐसे पद को वीरता पुरस्कार विजेता के पोते /पोती की भर्ती द्वारा भरा जाएगा। गौरतलब है कि सरकार ने वीरता पुरस्कार विजेताओं के पोते /पोतियों को आरक्षण का लाभ पहले ही मिल रहा है।
मेजर रवि इंदर सिंह संधू के आश्रित को नौकरी
कैबिनेट ने भारतीय सेना में शानदार सेवाएं निभाने वाले मेजर रवि इंदर सिंह संधू के वारिस को नौकरी देने की मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने ‘सम्मान एवं आभार की नियुक्ति’ की नीति के अंतर्गत आने वाले लाभों के समान लाभ देने का फैसला किया है। मेजर कॉपर्स ऑफ सिग्नल सूडान में यूएन मिशन में सेवा निभा रहे थे। इस अधिकारी की दिल और फेफड़े की बीमारी के कारण 6 नवंबर, 2019 को मौत हो गई थी।