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खुलासा: एक साल में सिर्फ 175 बेरोजगारों को मिला भत्ता

Wed, 23 Mar 2016 02:21 PM IST
Updated Wed, 23 Mar 2016 02:21 PM IST
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विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते कांग्रेसी विधायक - फोटो : amar ujala
पिछले साल सूबे के सिर्फ 175 बेरोजगारों को ही बेरोजगारी भत्ता दिया गया। यह खुलासा प्रश्नकाल के दौरान सुनील जाखड़ के सवाल पर हुआ। कांग्रेस ने बेरोजगारी भत्ते के मुद्दे पर सरकार को घेरा। बाद में विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए वाक आउट कर दिया।
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जाखड़ ने पिछले दो सालों के दौरान बेरोजगारी भत्ते के लिए जारी फंड और इसकेनियमों के बारे में जानकारी मांगी। विभागीय मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ ने कहा कि रोजगार दफ्तरों में रजिस्टर्ड बेरोजगारों को भत्ता दिया जाता है। जिसकेलिए कुछ शर्तें हैं। 2014-15 के दौरान भत्त्ते केलिए 16 लाख रुपये का फंड रखा गया। 444 बेरोजगारों को करीब 6.52 लाख रुपये भत्ता दिया गया। 2015-16 के दौरान भत्ते के लिए बारह लाख रुपये फंड अलॉट किया गया। 175 बेरोजगारों को करीब 1.93 लाख रुपये भत्त्ता दिया गया।
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जाखड़ ने कहा कि राज्य के रोजगार दफ्तरों में करीब पौने चार लाख बेरोजगार युवा रजिस्टर्ड हैं। उन्होंने सवाल किया कि उनमें से भत्ता लेेने के योग्य कितने नौजवान हैं। जाखड़ ने कहा कि राज्य में करीब एक लाख ऐसे एलिजिबल बेरोजगार हैं, जिन्हें भत्त्ता मिलना चाहिए। पर फिरोजपुर डिवीजन में पिछले दो सालों से भत्ते का एक पैसा नहीं गया। इस डिवीजन में बठिंडा समेत कई जिले आते हैं। शिअद ने चुनाव मेनिफेस्टो में वादा किया था पर भत्ता नहीं दिया। 2012 में जवाब दे दिया कि एलिजिबलिटी भत्ता दिया जाएगा। उसकेबाद हमने मुहिम चलाई और युवाओं को रजिस्टर्ड करवाया। अबोहर में ही करीब एक हजार बेरोजगारों का रजिस्ट्रेशन करवाया गया। जून-16 में पंजाब के एक लाख बेरोजगार भत्ता लेने केएलिजिबल हो जाएंगे। क्या सरकार उन्हें भत्त्ता देगी।
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कोहाड़ ने कहा कि नियमों के मुताबिक जो बनता होगा, दिया जाएगा। इस पर कांग्रेस ने नारेबाजी शुरू कर दी। फिर इस मुद्दे पर विपक्ष ने वाक आउट कर दिया। गुर प्रताप सिंह वडाला ने ग्रामीण रूटों पर बसें न चलने का मुद्दा उठाया। ट्रांसपोर्ट मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ ने कहा कि नए बस परमिट पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा रखा है। वह खत्म होने केबाद परमिट जारी कर दिए जाएंगे। रणदीप नाभा ने भी कहा कि ग्रामीण रूटों पर बिल्कुल बसें नहीं हैं, लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी के सवाल पर सेहतमंत्री सुरजीत ज्याणी ने बताया कि राज्य में 25436 मेन और 1220 मिनी आंगनबाड़ी वर्कर हैं। मेन आंगनबाड़ी सेंटर के वर्करों को पांच हजार और मिनी सेंटर के वर्करों को 3250 रुपये भत्त्ता दिया जाता है।


चन्नी ने कहा कि इसे बढ़ाया जाए, कम से कम हरियाणा के बराबर सात हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। बलबीर सिद्धू के सवाल पर पीडब्ल्यूडी मंत्री जनमेजा सेखों ने बताया कि मोहाली में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2012 से अब तक 2,82,63,000 रुपये की ग्रांट आई है, जो खर्ची जा चुकी है। सिद्धू ने कहा कि कुछ सड़कों का बुरा हाल है। सेखों ने आश्वासन दिया कि जून-16 तक उन्हें ठीक करवा दिया जाएगा।
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