पंजाब : रोपड़ में नए बस स्टैंड का रास्ता साफ, बजट सत्र में बुनियादी ढांचा संशोधन बिल होगा पेश
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पंजाब में बुनियादी ढांचा फीस की वसूली द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए पंजाब मंत्रिमंडल ने सोमवार को पंजाब बुनियादी ढांचा (विकास एवं विनियमन) संशोधन बिल -2021 को विधानसभा के चालू बजट सत्र में पेश करने की मंजूरी दी है।
विशेष बुनियादी ढांचा फीस लागू करने के लिए मौजूदा प्रावधान में संशोधन करते हुए एक नई धारा 25-ए (विशेष फीस की वसूली) संबंधी जोड़ी जाएगी, जो यह दिखाएगी कि इस एक्ट में शामिल किसी भी मद के बावजूद, राज्य सरकार की तरफ से विशेष आईडी फीस लागू की जा सकती है, जिसके लिए एक विशेष हेड का सृजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत यह विशेष आईडी फीस एकत्रित की जाएगी और धारा 27 (1) के प्रावधानों के अंतर्गत गठित विकास फंड में जमा करवाई जाएगी।
रोपड़ में नए बस स्टैंड के निर्माण का रास्ता साफ
आम लोगों को बेहतर सुविधा मुहैया करवाने और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने रोपड़ में नए बस स्टैंड सहित प्रशासनिक ब्लॉक /वर्कशॉप बनाने की मंजूरी दी है। इस संबंध में नगर सुधार ट्रस्ट रोपड़ से प्राप्त 1.16 एकड़ जमीन के बदले सभी कर्ज खत्म होने के बाद बस स्टैंड की आय में होने वाले मुनाफे (सभी खर्च निकालने के बाद) में से जमीन की प्रतिशतता के अनुसार बनते राजस्व का 15.06 प्रतिशत हिस्सा नगर सुधार ट्रस्ट रूपनगर के लिए आरक्षित रख लिया जाएगा।
कैबिनेट ने पंजाब सहकारी सोसायटी एक्ट-1961 में संशोधन को दी मंजूरी
सहकारी सोसायटियों की कार्यप्रणाली को सुचारु बनाने के लिए पंजाब मंत्रिमंडल ने पंजाब सहकारी सोसायटी एक्ट, 1961 में संशोधन को मंजूरी दी है। यह एक्ट, 1961 में पंजाब एक्ट नंबर 25 द्वारा अस्तित्व में आया था और पिछले कई साल के दौरान इसमें कुछ कमियां सामने आईं, जिससे राज्य में क्षेत्रीय दफ्तरों के लिए कई व्यावहारिक मुश्किलें पैदा हो रही थीं।
इसके अलावा पंजाब सहकारी सोसायटी एक्ट, 1961 में संशोधन के लिए पंजाब सरकार और आरबीआई से भी सहकारिता विभाग को कई सुझाव /हिदायतें मिलीं। इन कमियों को दूर करने और राज्य सरकार और आरबीआई की हिदायतों का पालन करते हुए पंजाबी सहकारी सोसायटी एक्ट में विभिन्न संशोधन किए गए हैं।
इन संशोधनों की मुख्य विशेषताओं का जिक्र करते हुए सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब सहकारी सोसायटी एक्ट, 1961 में धारा 7 (1) शामिल की गई है, जिससे रजिस्ट्रेशन के लिए अर्जी के साथ रजिस्ट्रेशन फीस ली जा सके।
धारा 70-ए के अंतर्गत आरबीआई के आदेश को लागू करते हुए धारा 26सी अधीन इंश्योर्ड बैंक की मेंबरशिप पर पाबंदी लगाई गई है। इसी तरह धारा 6 में शहरी सहकारी बैंक (यूसीबी) के मामले में सदस्य के व्यक्तिगत हिस्से को सीमित कर दिया गया है।
यह पूंजीगत हिस्सा किसी भी मामले में अधिक से अधिक पांच प्रतिशत होगा। कर्जों की रिकवरी के लिए अधिकारियों को और समय देने के लिए धारा 22 (1) में भी संशोधन किया गया है।