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अकाल तख्त पर पेश हुए मलूका, सुनाई गई 5 दिन की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Sun, 08 Jan 2017 05:34 PM IST
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अकाल तख्त पर पेश हुए मंत्री सिकंदर सिंह मलूका
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पंजाब के कैबिनेट मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने रविवार को श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर माफी मांगी। साथ ही उन्हें सजा सुनाई गई। मलूका ने पिछले दिनों रामपुरा फूल में अरदास करते समय हुई गलती की क्षमा मांगी।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने उन्हें पांच दिन की धार्मिक सजा सुनाई। इसी के साथ ही उन्हें सदैव के लिए धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे इस बारे में सचेत किया गया। मलूका को तीन दिन लंगर व तीन दिन जोड़ा घर की सेवा करने का हुक्म सुनाया गया है।
यह दोनों धार्मिक सजाएं एक साथ चलेंगी। इसी के साथ दो दिन श्री दमदमा साहिब में सेवा करने का फरमान भी सुनाया गया है। मलूका को श्री अकाल तख्त साहिब पर 51 हजार और श्री दमदमा साहिब पर 21 हजार रुपये का शुकराना अदा करने के आदेश जारी किए हैं।
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श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने उन्हें पांच दिन की धार्मिक सजा सुनाई। इसी के साथ ही उन्हें सदैव के लिए धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे इस बारे में सचेत किया गया। मलूका को तीन दिन लंगर व तीन दिन जोड़ा घर की सेवा करने का हुक्म सुनाया गया है।
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यह दोनों धार्मिक सजाएं एक साथ चलेंगी। इसी के साथ दो दिन श्री दमदमा साहिब में सेवा करने का फरमान भी सुनाया गया है। मलूका को श्री अकाल तख्त साहिब पर 51 हजार और श्री दमदमा साहिब पर 21 हजार रुपये का शुकराना अदा करने के आदेश जारी किए हैं।
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सजा सुनाए जाने के बाद बोले मलूका
अकाल तख्त पर पेश हुए मंत्री सिकंदर सिंह मलूका
रविवार को श्री हरिमंदिर साहिब में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच कैबिनेट मंत्री मलूका एक श्रद्धालु के तौर पर श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश हुए। धार्मिक सजा सुनने के लिए उन्हें दोपहर 12 बजे से लेकर सवा तीन बजे तक इंतजार करना पड़ा।
धार्मिक सजा सुनाए जाने के बाद मलूका ने कहा कि इंसान गलती का पुतला होता है, मुझसे यह भूल हुई। अपनी गलती की माफी के लिए श्री अकाल तख्त साहिब में हाजिर हुआ था। मुझे जो भी सजा सुनाई गई है उसे सिख मर्यादा के साथ में पूरा करके श्री हरिमंदिर साहिब में दोबारा शुकराना की अरदास करूंगा।
मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने अरदास के दौरान गलतियां की थीं, जिसका विरोध होने के बाद एसजीपीसी ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। कमेटी ने जांच के बाद उन्हें रविवार को श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने के लिए कहा था।
धार्मिक सजा सुनाए जाने के बाद मलूका ने कहा कि इंसान गलती का पुतला होता है, मुझसे यह भूल हुई। अपनी गलती की माफी के लिए श्री अकाल तख्त साहिब में हाजिर हुआ था। मुझे जो भी सजा सुनाई गई है उसे सिख मर्यादा के साथ में पूरा करके श्री हरिमंदिर साहिब में दोबारा शुकराना की अरदास करूंगा।
मंत्री सिकंदर सिंह मलूका ने अरदास के दौरान गलतियां की थीं, जिसका विरोध होने के बाद एसजीपीसी ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। कमेटी ने जांच के बाद उन्हें रविवार को श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने के लिए कहा था।