प्री-प्राइमरी अध्यापकों के 8393 पद भरने की मंजूरी, पढ़ें- पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में पंजाब कैबिनेट की बैठक में 8393 प्री-प्राइमरी अध्यापकों के पद भरने को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा अकादमिक सेशन 2020-21 से विभिन्न नर्सिंग कोर्सों के लिए फीसों में बढ़ोत्तरी समेत कई अन्य फैसले लिए हैं। बुधवार को हुई कैबिनेट की बर्चुअल बैठक में 8393 प्री-प्राइमरी अध्यापकों के पद भरने को मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह नं कहा कि इससे प्री-प्राईमरी सरकारी स्कूलों में दाख़िलों की संख्या बढ़ेगी और वे निजी संस्थाओं का ज्यादा असरदार ढंग से मुकाबला कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने यह भी फ़ैसला किया कि प्री-प्राइमरी अध्यापकों की भर्ती के समय शिक्षा विभाग में काम करते मौजूदा तजुर्बेकार वॉलंटियरों को विशेष प्राथमिकता और उम्र में छूट दी जाएगी। कैबिनेट की तरफ से प्री-प्राइमरी स्कूल अध्यापकों के लिए विभागीय सेवा नियमों को भी मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि हालांकि इस समय कुल 12000 प्री-प्राइमरी अध्यापकों की जरूरत है लेकिन राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए वित्त विभाग इन सभी पदों के लिए भर्ती नहीं कर सकता।
अनुभवियों को प्रति वर्ष 1 अंक की विशेष प्राथमिकता
कैबिनेट की तरफ से स्कूल शिक्षा विभाग के उस प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई, जिसके अंतर्गत वॉलंटियरों जैसे शिक्षा प्रोवाईडरों /एजुकेशन प्रोवाईडरों /एजुकेशन वॉलंटियरों, ईजीएस वॉलंटियरों, एआईई वॉलंटियरों और स्पेशल ट्रेनिंग रिसोर्स (एसटीआर) वॉलंटियरों आदि को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी जो अलग-अलग शिक्षा स्कीमों /प्रोग्रामों के अंतर्गत निश्चित मेहनताने पर काम कर रहे हैं।
विभाग की तरफ से प्री-प्राइमरी अध्यापकों या ईटीटी अध्यापकों की रेगुलर भर्ती के लिए विज्ञापन देने के समय तक काफ़ी ज्यादा तजुर्बा हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा ऐसे वॉलंटियरों को अधिक से अधिक 10 अंकों की सीमा तक 1 अंक प्रति वर्ष के हिसाब से विशेष प्राथमिकता दी जा सकती है।
मंत्रिमंडल ने बुधवार को अकादमिक सेशन 2020-21 से विभिन्न नर्सिंग कोर्सों के लिए फीसों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। हालांकि, फीस में विस्तार केवल 2020-21 से नए सेशन में दाखिल होने वाले नए विद्यार्थियों पर लागू होगा।