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नाराजगी: नवजोत सिद्धू के खिलाफ सीएम चन्नी समेत पूरी पंजाब कैबिनेट लामबंद, अगले हफ्ते सोनिया व राहुल से होगी शिकायत
Wed, 03 Nov 2021 09:10 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 03 Nov 2021 09:10 AM IST
सार
सूत्रों के अनुसार, केदारनाथ यात्रा के दौरान सीएम चन्नी और नवजोत सिद्धू के बीच चुप्पी पसरी रही। बिजली दरों की कटौती के बाद सिद्धू के बयान से मंत्री नाराज हैं। दबे सुर में सभी का मानना है कि सिद्धू के ऐसे बयान पंजाब में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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सीएम चरणजीत चन्नी और नवजोत सिद्धू केदारनाथ पहुंचे।
- फोटो : twitter @harishrawatcmuk
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विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू मंगलवार को उत्तराखंड में भगवान केदारनाथ के दर्शन करके चंडीगढ़ लौट आए। उनके साथ पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह और कांग्रेस के पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी भी थे। यात्रा के दौरान चन्नी और सिद्धू के बीच एक गंभीर चुप्पी ने मजबूती से जगह बनाए रखी।
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जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री चन्नी की ओर से पंजाब में बिजली की दरें 3 रुपये सस्ती किए जाने के एलान की कड़ी आलोचना करते हुए सिद्धू ने इसे जनता को महज लॉलीपॉप करार दिया था। अपनी ही सरकार की इस तरह खुली आलोचना ने न सिर्फ मुख्यमंत्री चन्नी बल्कि पंजाब की पूरी कैबिनेट को नाराज कर दिया है। इसके बावजूद मंगलवार को सिद्धू और चन्नी पंजाब मामलों के पूर्व प्रभारी हरीश रावत से मिलने पहुंचे।
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जानकारी के अनुसार चन्नी ने करीब 15 मिनट तक रावत से अकेले में बातचीत की, जिसमें उन्होंने सिद्धू द्वारा बिजली के मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर कराई गई सरकार की किरकिरी का मुद्दा भी उठाया। इस बैठक के बाद रावत ने सिद्धू का नाम लिए बिना कहा कि मौजूदा चुनावी माहौल में किसी भी नेता को अपनी पार्टी के बारे में ऐसी बयानबाजी शोभा नहीं देता और ऐसा कोई बयान नहीं आना चाहिए कि सरकार को स्पष्टीकरण देने पर मजबूर होना पड़े। रावत ने यह भी कहा कि वह इस मामले में हाईकमान को जानकारी देंगे।
वहीं चंडीगढ़ में सिद्धू की बयानबाजी को लेकर कई मंत्री और विधायक नाराज दिखाई दिए। हालांकि ज्यादातर मंत्रियों ने यह कहते हुए नाम न छापने की गुजारिश की कि मुख्यमंत्री इस मामले में अपने स्तर पर कदम उठा रहे हैं और जल्दी ही यह सारा मामला हाईकमान के समक्ष रखा जाएगा, तब पूरी कैबिनेट मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली जाएगी। मंत्रियों ने यह भी बताया कि यह मामला अगले हफ्ते सोनिया गांधी और राहुल गांधी के सामने उठाया जाएगा और सिद्धू को हटाने की मांग की जाएगी।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा कि नवजोत सिद्धू की बयानबाजी सरकार और पार्टी दोनों के लिए ही उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता से किए वादे पूरे करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रधान होने के नाते सिद्धू का कोई भी बयान पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए उन्हें अपने बयानों पर विचार करना चाहिए।
जाखड़ ने चन्नी पर साधा निशाना
पूर्व पंजाब प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मंगलवार को ट्वीट कर चन्नी की केदारनाथ यात्रा पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा- उत्तरांखड पहुंचकर मुख्यमंत्री चन्नी ने आज सियासी धार्मिक यात्रा की है। सभी को यात्रा पर जाने का हक है, लेकिन सबकी अपनी-अपनी श्रद्धा और मंशा होती है। मुख्यमंत्री चन्नी ने उत्तराखंड पहुंचकर अपने राजसी देवता (हरीश रावत) को मनाने की कोशिश की है। अब देखना है कि उनकी यह यात्रा कितनी सफल रहती है।