Punjab: विपक्ष की गैरहाजिरी में पंजाब का बजट पारित, वित्त मंत्री बोले- पांच में से चार गारंटियां पूरी कीं
वित्त मंत्री ने कहा कि विरोधी पक्ष के कुछ सदस्यों ने सवाल किया था कि कौन से कौन से विभागों में नौकरियां दीं गई हैं, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा स्पीकर की ओर से विरोधी पक्ष के नेता को सूची भेज दी है।
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पंजाब विधानसभा में बुधवार को वर्ष 2024-25 के बजट पर बहस के दौरान स्पीकर की ओर से नेम किए गए कांग्रेस सदस्यों की गैर-मौजूदगी के बीच वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बहस का जवाब दिया और सदन में पंजाब सरकार का वर्ष 2024-25 का बजट ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। बजट पर बहस में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष की ओर से बजट पर उठाए गए सवालों का सदन में जवाब दिया।
वित्त मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने लोगों को दीं 5 में से 4 गारंटियों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। दो सालों में पूरी होने वाली गारंटियों में 829 आम आदमी क्लीनिक स्थापित करके स्वास्थ्य ढांचे में सुधार, स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित करके शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार, 300 यूनिट मुफ्त बिजली की व्यवस्था के साथ 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देना और शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये का अनुदान शामिल हैं। अन्य गारंटी भी जल्द पूरी की जाएगी।
वित्त मंत्री ने सदन को फिर बताया कि केंद्र सरकार ने नेशनल हेल्थ मिशन और रूरल डेवलपमेंट फंड के 8000 करोड़ रुपये रोके हुए हैं। पंजाब का प्रत्येक नागरिक केंद्रीय करों में सहयोग करता है। हम केंद्र से भीख नहीं मांग रहे हैं बल्कि अपने हक का पैसा मांग रहे हैं। पंजाब सरकार केंद्र की स्कीमों में 60.40 के हिसाब से हिस्सा डालती है, तभी स्कीमें आगे बढ़ती हैं। कांग्रेस के विधायक सरकारी स्कूलों में गए ही नहीं हैं, इसलिए उन्हें दिक्कत आ रही है।
उन्होंने आगे कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार की 6279 करोड़ रुपये की बकाया देनदारियां भगवंत मान सरकार ने अदा की हैं। बिजली सब्सिडी के बकाये 9000 करोड़ रुपये 1000 करोड़ रुपये लिक्वीडेशन योजना के अनुसार जारी किए जा रहे हैं। पावर निगम को 2468 करोड़ रुपये के बकाया जारी किए गए हैं। यूजीसी स्केल और जुडिशियल पे कमीशन जो कि एक जनवरी 2016 से बकाया था। इस सरकार की तरफ से लागू किया गया है।
स्पीकर ने नौकरियों संबंधी सूची नेता प्रतिपक्ष को भेजीः चीमा
वित्त मंत्री ने कहा कि विरोधी पक्ष के कुछ सदस्यों ने सवाल किया था कि कौन से कौन से विभागों में नौकरियां दीं गई हैं, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा स्पीकर की ओर से विरोधी पक्ष के नेता को सूची भेज दी है। कुछ सदस्यों ने कहा कि शिक्षा का बजट कम हुआ है, जबकि शिक्षा के बजट में 11.5 प्रतिशत का विस्तार हुआ है। इसी तरह कृषि के बारे भी चर्चा की गई, जिसमें पिछले साल के संशोधित बजट 13236 करोड़ रुपये के मुकाबले अगले वित्तीय साल के लिए 13784 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह भी सवाल है कि क्या पंजाब सरकार के अलावा सरकार की और कौन सी संस्था ने कर्ज लिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय पर ग्रामीण विकास बोर्ड ने 5450 करोड़ रुपये और मंडी बोर्ड के माध्यम से 4090 करोड़ रुपये समेत कुल 9530 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था जबकि किसानों को कर्ज माफी के तौर पर सिर्फ 4400 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
पीयू को 140 करोड़ की ग्रांट
चीमा ने सदन में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी और पंजाब यूनिवर्सिटी को दी ग्रांटों का स्पष्ट जिक्र करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 के संशोधित बजट अनुमानों के अनुसार पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ और पीएयू लुधियाना को क्रमशः 360 करोड़ रुपये, 101 करोड़ रुपये और 475 करोड़ रुपये अलॉट किए गए थे। आगामी वित्त वर्ष 2024- 25 के बजट अनुमानों में यह राशि क्रमशः 375 करोड़, 140 करोड़ और 471 रुपये अलॉट की गई हैं। यूजीसी स्केल पीएयू में एक अप्रैल 2023 से लागू कर दिए गए हैं और मई 2023 से भुगतान जारी किया जा रहा है।