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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Budget News: Employees of Punjabi University Disappointed To Punjab budget

बजट से पीयू को मिली निराशा : 400 करोड़ मांगने पर मिले सिर्फ 90 करोड़, वित्तीय संकट से जूझती पटियाला की यूनिवर्सिटी

Tue, 09 Mar 2021 03:07 AM IST
ajay kumar रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 09 Mar 2021 03:07 AM IST
सार

  • मालवा की सबसे बड़ी पंजाबी यूनिवर्सिटी के हाथ बजट में लगी निराशा
  • गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही पीयू पर 400 करोड़ की देनदारियां
  • महीनावार ग्रांट भी नहीं बढ़ाई, नौ करोड़ से 30 करोड़ करने की थी मांग

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Punjab Budget News: Employees of Punjabi University Disappointed To Punjab budget
पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल। - फोटो : फाइल फोटो।

विस्तार

पटियाला में स्थित मालवा की सबसे बड़ी पंजाबी यूनिवर्सिटी के हाथ बजट में निराशा ही लगी। गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही पीयू को जरूरत तो 400 करोड़ के एकमुश्त ग्रांट की थी लेकिन कैप्टन सरकार ने केवल 90 करोड़ की विशेष ग्रांट देकर पल्ला झाड़ लिया। ऐसे में पीयू के सामने करोड़ों की देनदारी व कर्मचारियों के वेतन व पेंशन का सवाल जस का तस है। उधर, सरकार से नाराज पंजाबी यूनिवर्सिटी अध्यापक संघ (पुटा) ने भी रोष जताया है।

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जानकारी के मुताबिक पंजाबी यूनिवर्सिटी पर इस समय 400 करोड़ की देनदारी है। इसमें 150 करोड़ बैंकों का लोन है। इसके अलावा 75 करोड़ नियमित कर्मचारियों का बकाया और 75 करोड़ पेंशनरों का बकाया है। इनमें डीए की किश्तें, जीपीएफ, पेंशन, ग्रेच्युटी, कम्युटेशन व अन्य शामिल है। इसके अलावा भी कई देनदारियां पीयू पर हैं। इनको उतारने और हर माह वेतन व पेंशन जारी करने के लिए पुटा कई माह से यूनिवर्सिटी में वीसी दफ्तर के आगे धरना देकर 400 करोड़ की एकमुश्त ग्रांट जारी करने की मांग कर रहा है। इस संबंध में हाल ही में पुटा का शिष्टमंडल यूनिवर्सिटी के चांसलर व राज्यपाल से भी चंडीगढ़ में मिला। 
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साथ ही पुटा ने हर माह मिलने वाली ग्रांट 9 करोड़ से बढ़ाकर 30 करोड़ करने की मांग थी। खास बात यह है कि इस 9 करोड़ में से करीब दो करोड़ बैंकों को ब्याज चला जाता है। बाकी सात करोड़ में पीयू कैसे खर्च पूरा कर सकती है। बावजूद इसके सोमवार को आए बजट में देनदारी उतारने के नाम पर पीयू को मात्र 90 करोड़ की विशेष ग्रांट ही जारी की गई। इस संबंध में पुटा के प्रधान डॉ. निशान सिंह देओल ने कहा कि यह ग्रांट नाकाफी है। बजट से निराशा हाथ लगी है। मंगलवार को बैठक कर संघर्ष की नई रूपरेखा तैयार की जाएगी। 
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हर माह 30 करोड़ सैलरी कैसे दी जाएगी
निशान सिंह देओल, राजदीप सिंह, बलविंदर सिंह टिवाना ने कहा कि पीयू की वित्तीय हालत इतनी खस्ता है कि अब हर माह 30 करोड़ रुपये का वेतन व पेंशन खर्च मुश्किल हो रहा है। सरकार ने इस बारे में भी कुछ नहीं सोचा, जबकि सीएम पटियाला जिले से हैं।

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