Punjab Budget: 1,987 करोड़ रुपये से गांव-गांव तक पहुंचेगा शुद्ध जल, ग्रामीण क्षेत्र में बनेंगे 10000 मकान
पंजाब ग्रामीण क्षेत्र पर भी सरकार का पूरा ध्यान है। सरकार ने ग्रामीण विकास के लिए 3319 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बजट में रखा है, जो कि वित्त वर्ष 2022-23 (बजट अनुमान) से 11 फीसदी अधिक है। समार्ट विलेज कैंपेन के तहत कुल 77986 कार्यों में से 68,825 कार्य 4092 करोड़ के निवेश से पूरे किए गए।
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पंजाब सरकार ने जल आपूर्ति और स्वच्छता क्षेत्र के लिए प्राथमिकता के तहत 1,987 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान रखा है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने राज्य के गांव-गांव तक शुद्ध जल की आपूर्ति करने की वचनबद्धता को दोहराया है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में 10,000 घरों का निर्माण होगा। बजट में सरकार ने 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने भूजल से सतह आधारित जल आपूर्ति की नीति अपनाई है। भारी धातुओं और आर्सेनिक की मौजूदगी वाले खराब पानी की गुणवत्ता वाले क्षेत्र और पानी की कमी वाले क्षेत्र प्राथमिकता सूची में हैं। 11,859 गांवों, 146 ब्लॉकों और 20 जिलों में 100% सैचुरेशन सुनिश्चित की गई है और 170 सीमावर्ती गांवों के 20,471 परिवारों को आर्सनिक हटाने के लिए घरेलू शोधक प्रदान किए गए हैं।
जल आपूर्ति और स्वच्छता कार्यों और परियोजनाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1,987 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है। यह वित्त वर्ष 2022-23 (संशोधित अनुमान) की तुलना में 27% अधिक है।
किस योजना को कितना बजट
- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण): 400 करोड़ रुपये
- जल जीवन मिशन: 200 करोड़ रुपये
- जल-आपूर्ति संबंधी अधोसंरचना की मरम्मत एवं संभाल: 20 करोड़ रुपये
- मोहाली में जल भवन का निर्माण: 40 करोड़ रुपये
2,630 करोड़ रुपये से नहरों का रखरखाव
वित्त वर्ष 2023-24 में चल रहे नहरी कार्यों और अन्य नई परियोजनाओं के लिए 2,630 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जो वित्तीय वर्ष 2022-23 (संशोधित अनुमान) से 15% अधिक है। सरहिंद फीडर एवं राजस्थान फीडर की रिलाइनिंग वर्ष 2019-20 से अब तक सरहिंद फीडर के लगभग 84 किलोमीटर और राजस्थान फीडर के 62 किलोमीटर की
रिलाइनिंग और पक्की संरचना का काम क्रमशः 500 करोड़ रुपये और 735 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान शेष 16 किमी और 34 किमी की शेष लंबाई के लिए रीलाइनिंग और पक्की संरचना का काम किया जाएगा। वहीं, श्री आनंदपुर साहिब जिले में सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए तीन लिफ्ट सिंचाई कार्यों में से एक पूरा हो चुका है और दूसरा निर्माणाधीन है। मार्च, 2023 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। इस वित्त वर्ष 2023-24 में तीसरे लिफ्ट सिंचाई कार्य के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
3319 करोड़ से ग्रामीण एरिया का होगा विकास
पंजाब ग्रामीण क्षेत्र पर भी सरकार का पूरा ध्यान है। सरकार ने ग्रामीण विकास के लिए 3319 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बजट में रखा है, जो कि वित्त वर्ष 2022-23 (बजट अनुमान) से 11 फीसदी अधिक है। समार्ट विलेज कैंपेन के तहत कुल 77986 कार्यों में से 68,825 कार्य 4092 करोड़ के निवेश से पूरे किए गए। इसके अलावा वित्त वर्ष 2022-23 में 8.12 लाख परिवारों को 285 लाख दिहाड़ी दिवसों द्वारा रोजगार प्रदान किया गया है। वहीं, सरकार ने गत समय में 9447 एकड़ शामलात जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करवाया है। इस भूमि का उपयोग अब संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा गांवों के विकास कार्यों और राजस्व सृजन के लिए किया जाएगा।
वहीं, सरकार ने रोजगार प्रदान करने के लिए 655 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में 10,000 घरों के निर्माण के लिए 150 करोड़ रुपये, श्यामा प्रसाद मुखर्जी अर्बन मिशन 50 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 20 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।
बुनियादी विकास के लिए 26592 करोड़ का बजट
पंजाब सरकार ने बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण और अपग्रेडन से संबंधित कार्यालयों के लिए 26592 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है, जो कि गत वर्ष से 13 फीसदी अधिक है।