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खुलासाः बॉर्डर पार करने के लिए घुसपैठियों का ‘इजी जोन’ बना पंजाब, स्थानीय लोग करते हैं मदद
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 29 Oct 2018 12:41 PM IST
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पाकिस्तान से बॉर्डर पार कर भारत आने वाले और भारत से बॉर्डर पार कर वापस पाकिस्तान जाने वाले संदिग्ध लोग पंजाब एरिया से बॉर्डर पार करना ज्यादा महफूज मानते हैं। सूत्रों की मानें तो इन संदिग्ध लोगों को पंजाब के बॉर्डर एरिया पर बसे कुछ स्थानीय लोगों का पूरा संरक्षण रहता है, जो उनकी काफी मदद करते हैं।
हालांकि बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ ऐसे घुसपैठियों की धरपकड़ के लिए मुस्तैद रहती है। लेकिन फिर भी कई बार यह घुसपैठिए बॉर्डर पार कर जाते हैं। इन घुसपैठियों में अधिकतर नशीले पदार्थों और हथियारों की स्मगलिंग करने वाले होते हैं । जबकि आईएसआई द्वारा भेजे गए जासूस भी पंजाब एरिया से ही भारत में दाखिल होना ज्यादा आसान मानते हैं।
हालांकि घुसपैठ की कोशिशें जम्मू -कश्मीर, राजस्थान और गुजरात एरिया में मौजूद पाकिस्तान बॉर्डर से भी होती है । लेकिन वर्ष 2015 से 2017 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो घुसपैठ की सबसे ज्यादा घटनाएं पंजाब में ही सामने आई हैं। बीएसएफ ने कई बार घुसपैठियों को अपनी गोलियों से ढेर भी किया है, इसके बावजूद घुसपैठ की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
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हालांकि बॉर्डर पर तैनात बीएसएफ ऐसे घुसपैठियों की धरपकड़ के लिए मुस्तैद रहती है। लेकिन फिर भी कई बार यह घुसपैठिए बॉर्डर पार कर जाते हैं। इन घुसपैठियों में अधिकतर नशीले पदार्थों और हथियारों की स्मगलिंग करने वाले होते हैं । जबकि आईएसआई द्वारा भेजे गए जासूस भी पंजाब एरिया से ही भारत में दाखिल होना ज्यादा आसान मानते हैं।
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हालांकि घुसपैठ की कोशिशें जम्मू -कश्मीर, राजस्थान और गुजरात एरिया में मौजूद पाकिस्तान बॉर्डर से भी होती है । लेकिन वर्ष 2015 से 2017 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो घुसपैठ की सबसे ज्यादा घटनाएं पंजाब में ही सामने आई हैं। बीएसएफ ने कई बार घुसपैठियों को अपनी गोलियों से ढेर भी किया है, इसके बावजूद घुसपैठ की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
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तीन साल में यूं नाकाम की घुसपैठ की कोशिशें
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- फोटो : AMAR UJALA
घुसपैठ की घटनाओं पर नजर डालें तो वर्ष 2015 में कश्मीर से बीएसएफ ने 3, जम्मू से 25 , पंजाब से 85, राजस्थान से 47 और गुजरात से 27 घुसपैठिए काबू किए । इसी तरह वर्ष 2016 में बीएसएफ ने कश्मीर से 4, जम्मू से 33 , पंजाब से 117 , राजस्थान से 63 और गुजरात से 49 घुसपैठिए काबू किए। जबकि वर्ष 2017 में कश्मीर से 2, जम्मू से 25, पंजाब से 100, राजस्थान से 61 व गुजरात से 36 घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया।
33 घुसपैठियों को किया ढेर, सबसे ज्यादा पंजाब में मारे
पिछले 3 साल में घुसपैठ की कोशिश करने के दौरान 33 संदिग्ध बीएसएफ की गोलियों का शिकार बने। बीएसएफ द्वारा इन घुसपैठियों को बॉर्डर पार करते वक्त सरेंडर करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन चेतावनी को दरकिनार कर घुसपैठियों ने जब भागने की कोशिश की तो बीएसएफ को इन पर गोली चलानी पड़ी। वर्ष 2015 में बीएसएफ ने 1 घुसपैठिया जम्मू, 9 घुसपैठिए पंजाब में ढेर किए । जबकि वर्ष 2016 में 2 घुसपैठिए जम्मू और 15 घुसपैठिए पंजाब में बीएसएफ की गोली का शिकार बने । 2017 में भी 2 घुसपैठिए जम्मू और 7 घुसपैठियों को पंजाब में मार गिराया।
33 घुसपैठियों को किया ढेर, सबसे ज्यादा पंजाब में मारे
पिछले 3 साल में घुसपैठ की कोशिश करने के दौरान 33 संदिग्ध बीएसएफ की गोलियों का शिकार बने। बीएसएफ द्वारा इन घुसपैठियों को बॉर्डर पार करते वक्त सरेंडर करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन चेतावनी को दरकिनार कर घुसपैठियों ने जब भागने की कोशिश की तो बीएसएफ को इन पर गोली चलानी पड़ी। वर्ष 2015 में बीएसएफ ने 1 घुसपैठिया जम्मू, 9 घुसपैठिए पंजाब में ढेर किए । जबकि वर्ष 2016 में 2 घुसपैठिए जम्मू और 15 घुसपैठिए पंजाब में बीएसएफ की गोली का शिकार बने । 2017 में भी 2 घुसपैठिए जम्मू और 7 घुसपैठियों को पंजाब में मार गिराया।