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पंजाब विधानसभा का दूसरा दिन, विपक्ष का हंगामा, सरकार विरोधी नारेबाजी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 09 Sep 2016 09:42 PM IST
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पंजाब विधानसभा सत्र
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब विधानसभा के दूसरे दिन शून्यकाल के दौरान और उसके बाद विपक्षी दल ने जबरदस्त हंगामा किया और सरकार विरोधी नारेबाजी की। सुनील जाखड़ ने डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के खिलाफ ब्रीच ऑफ प्रिविलेज मोशन का नोटिस दिया था, जिसे स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने स्वीकार नहीं किया। इसे लेकर कांग्रेसियों ने जम कर नारेबाजी की। शून्य काल खत्म होने के साथ ही विपक्ष के तेवर तीखे हो गए थे।
सुनील जाखड़ ने कहा कि उन्होंने डिप्टी सीएम के खिलाफ ब्रीच ऑफ प्रिविलेज मोशन का नोटिस दिया था। स्पीकर ने कहा कि उन्होंने वह स्वीकार नहीं किया है। इसकेसाथ ही कांग्रेसियों ने नारेबाजी शुरू कर दी, साथ ही मार्शल बुला लिए गए। कांग्रेसी भी नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। जाखड़ ने कहा कि उनके पास सबूत है।
स्पीकर अटवाल ने कहा कि उन्होंने कभी सबूत देने को कहा ही नहीं था। नियम सबके लिए एक हैं। अगर कुछ बोलना है तो अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान बोल सकते हैं। कांग्रेसियों ने नारेबाजी तेज कर दी। साथ ही शहरों में विकास केनाम पर लोगों को गुमराह करने के आरोप लगाए।
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सुनील जाखड़ ने कहा कि उन्होंने डिप्टी सीएम के खिलाफ ब्रीच ऑफ प्रिविलेज मोशन का नोटिस दिया था। स्पीकर ने कहा कि उन्होंने वह स्वीकार नहीं किया है। इसकेसाथ ही कांग्रेसियों ने नारेबाजी शुरू कर दी, साथ ही मार्शल बुला लिए गए। कांग्रेसी भी नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। जाखड़ ने कहा कि उनके पास सबूत है।
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स्पीकर अटवाल ने कहा कि उन्होंने कभी सबूत देने को कहा ही नहीं था। नियम सबके लिए एक हैं। अगर कुछ बोलना है तो अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान बोल सकते हैं। कांग्रेसियों ने नारेबाजी तेज कर दी। साथ ही शहरों में विकास केनाम पर लोगों को गुमराह करने के आरोप लगाए।
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कई बार स्थगित की गई सदन की कार्यवाही
पंजाब विधानसभा सत्र
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, दलितों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। दोपहर सवा एक बजे तक नारेबाजी चलती रही। आखिर सदन की कार्यवाही पंद्रह मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले भी कार्यवाही दो बार स्थगित की गई। 11.06 बजे माइक खराब होने पर दस मिनट और उसके बाद दोपहर 12.30 बजे तक कार्यवाही स्थगित की गई।
शून्यकाल में रजिंदर कौर भट्ठल ने अकाली हलका इंचार्जों द्वारा चेक बांटने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र के दौरान रणदीप नाभा ने यह मुद्दा उठाया तो सीएम प्रकाश सिंह बादल ने भरोसा दिया था कि कोई हलका इंचार्ज चेक नहीं बांटेगा, लेकिन एक दिन पहले उनके हलके लहरागागा में हलका इंचार्ज की पत्नी ने 18 करोड़ के चेक बांटे हैं, जिसका सबूत भी उनके पास है।
भट्ठल ने मांग की कि इस मुद्दे पर या तो सरकार जवाब दे या फिर स्पीकर कुछ करें। स्पीकर अटवाल ने कहा कि वह शून्यकाल में सरकार को जवाब देने के लिए दबाव नहीं डाल सकते। इस मुद्दे पर भी कांग्रेसियों ने काफी नारेबाजी की।
शून्यकाल में रजिंदर कौर भट्ठल ने अकाली हलका इंचार्जों द्वारा चेक बांटने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले सत्र के दौरान रणदीप नाभा ने यह मुद्दा उठाया तो सीएम प्रकाश सिंह बादल ने भरोसा दिया था कि कोई हलका इंचार्ज चेक नहीं बांटेगा, लेकिन एक दिन पहले उनके हलके लहरागागा में हलका इंचार्ज की पत्नी ने 18 करोड़ के चेक बांटे हैं, जिसका सबूत भी उनके पास है।
भट्ठल ने मांग की कि इस मुद्दे पर या तो सरकार जवाब दे या फिर स्पीकर कुछ करें। स्पीकर अटवाल ने कहा कि वह शून्यकाल में सरकार को जवाब देने के लिए दबाव नहीं डाल सकते। इस मुद्दे पर भी कांग्रेसियों ने काफी नारेबाजी की।