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अकाली विधायक बोले- सिद्धू ने गाली दी; सिद्धू बोले- पढ़ा लिखा आदमी, अनपढ़ों को गाली नहीं देता
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 16 Jun 2017 09:14 AM IST
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पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन अकाली विधायकों द्वारा किसानों के कर्ज के मुद्दे को लेकर शुरू किया गया विरोध आखिरकार इस बात पर आकर अटक गया कि कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू ने अकाली विधायकों को गाली दी है। हालांकि वीरवार को सदन की कार्यवाही के अंतिम समय तक सिद्धू यह कहते रहे कि उन्होंने किसी को गाली नहीं दी है, लेकिन अकाली दल का सिद्धू की गाली के खिलाफ विरोध जारी रहा।
वीरवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अकाली विधायकों ने किसानों के कर्ज के मुद्दे को लेकर हंगामा किया। प्रश्नकाल शुरू होते ही शिअद सदस्यों ने किसानों के कर्ज के मुद्दे पर दिए गए काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की। लेकिन स्पीकर राणा केपी सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव देर से दिया है, इसलिए उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। अकाली विधायक अजीत सिंह कोहाड़, एनके शर्मा व अन्यों ने फिर से किसानों के कर्ज के मुद्दे को उठाते हुए सरकार को घेरा और उन्होंने सदन के भीतर कागज लहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद किसानों को कुर्की के नोटिस आ रहे हैं।
शिअद सदस्य काम रोको प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने की मांग करते हुए वेल में आ गए और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार होती नारेबाजी के बीच सत्तापक्ष के बेंचों पर भी शोरशराबा होने लगा, जिसके बीच नवजोत सिंह सिद्धू ने अकाली सदस्यों पर काफी कटाक्ष किए। हालांकि स्पीकर ने उन्हें सदन की कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए। अकाली विधायकों द्वारा लगातार नारेबाजी कर कार्यवाही में डाले जा रहे व्यवधान को देखते हुए स्पीकर ने 10.15 बजे सदन की कार्यवाही आधे घंटे के ल?िए स्थगित कर दी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर अकालियों ने फिर यही मुद्दा उठाया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री व संसदीय कार्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। स्पीकर ने भी कहा कि वे शून्य काल में समय देंगे, तब अकाली विधायक अपनी बात रख सकते हैं। ब्रह्म मोहिंद्रा की इस बात का समर्थन विपक्ष के नेता एचएस फूलका ने भी किया।
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वीरवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही अकाली विधायकों ने किसानों के कर्ज के मुद्दे को लेकर हंगामा किया। प्रश्नकाल शुरू होते ही शिअद सदस्यों ने किसानों के कर्ज के मुद्दे पर दिए गए काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की। लेकिन स्पीकर राणा केपी सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव देर से दिया है, इसलिए उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। अकाली विधायक अजीत सिंह कोहाड़, एनके शर्मा व अन्यों ने फिर से किसानों के कर्ज के मुद्दे को उठाते हुए सरकार को घेरा और उन्होंने सदन के भीतर कागज लहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद किसानों को कुर्की के नोटिस आ रहे हैं।
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शिअद सदस्य काम रोको प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने की मांग करते हुए वेल में आ गए और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार होती नारेबाजी के बीच सत्तापक्ष के बेंचों पर भी शोरशराबा होने लगा, जिसके बीच नवजोत सिंह सिद्धू ने अकाली सदस्यों पर काफी कटाक्ष किए। हालांकि स्पीकर ने उन्हें सदन की कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए। अकाली विधायकों द्वारा लगातार नारेबाजी कर कार्यवाही में डाले जा रहे व्यवधान को देखते हुए स्पीकर ने 10.15 बजे सदन की कार्यवाही आधे घंटे के ल?िए स्थगित कर दी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर अकालियों ने फिर यही मुद्दा उठाया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री व संसदीय कार्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए। स्पीकर ने भी कहा कि वे शून्य काल में समय देंगे, तब अकाली विधायक अपनी बात रख सकते हैं। ब्रह्म मोहिंद्रा की इस बात का समर्थन विपक्ष के नेता एचएस फूलका ने भी किया।
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पढ़ा-लिखा आदमी, अनपढ़ों को गाली नहीं निकाल सकता : सिद्धू
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इस तरह, विरोध कर रहे अकाली सदस्य सदन में अलग-थलग पड़ गए। इस बीच नवजोत सिद्धू के अकालियों पर व्यंग्य बाण जारी रहे। आखिर अकाली दल ने प्रश्नकाल से वाकआउट कर दिया। बाद में बाकी सदस्यों की मांग पर स्पीकर ने प्रश्नकाल का समय बढ़ाया ताकि स्थगन के समय की भरपाई की जा सके। प्रश्नकाल के दौरान ही अकाली सदस्य सदन में लौट आए।
इस दौरान अकाली नेता अजीत सिंह कोहाड़ ने आरोप लगाया कि नवजोत सिंह सिद्धू ने उन्हें गाली दी है। अकाली नेताओं ने सिद्धू से माफी मांगने की मांग की। इस पर सदन में फिर से हंगामा हो गया। सिद्धू यह कहते रहे कि उन्होंने गाली नहीं दी है। विपक्ष के नेता एचएस फूलका ने भी स्पीकर से कहा कि सिद्धू ने कोई गाली नहीं दी है।
इसके बाद कांग्रेस विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कोहाड़ की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वह सदन में श्री हरिमंदिर साहिब की शपथ उठाएं कि सिद्धू ने उन्हें गाली दी है। इसी बीच कांग्रेसी विधायकों ने काफी देर तक अकालियों पर व्यंग कसते हुए पिछली सरकार के समय तत्कालीन राजस्व मंत्री विक्रम मजीठिया के गाली प्रकरण को सदन में उछाल दिया। हंगामे के बीच अंत तक यह साबित नहीं हो सका की सिद्धू ने अकाली विधायकों को गालियां दी हैं या नहीं।
पढ़ा-लिखा आदमी, अनपढ़ों को गाली नहीं निकाल सकता : सिद्धू
सदन में अकाली सदस्य जब नवजोत सिद्धू पर गाली देने का आरोप लगा रहे थे, तब अन्य कांग्रेसी विधायक भी अकालियों पर व्यंग्य कसते रहे। नवजोत सिद्धू जोकि लगातार अकालियों पर कटाक्ष कर रहे थे, गाली देने के आरोप से साफ इंकार करते रहे। इस विषय पर अपने जवाब में भी वे अकाली विधायकों को छेड़ने से नहीं रुके। उन्होंने कहा- ‘पढ़या लिख्या बंदा, अनपढ़ां नूं गाल नहीं कड्ढ सकदा (पढ़ा लिखा आदमी अनपढ़ों को गाली नहीं निकाल सकता।)
इस दौरान अकाली नेता अजीत सिंह कोहाड़ ने आरोप लगाया कि नवजोत सिंह सिद्धू ने उन्हें गाली दी है। अकाली नेताओं ने सिद्धू से माफी मांगने की मांग की। इस पर सदन में फिर से हंगामा हो गया। सिद्धू यह कहते रहे कि उन्होंने गाली नहीं दी है। विपक्ष के नेता एचएस फूलका ने भी स्पीकर से कहा कि सिद्धू ने कोई गाली नहीं दी है।
इसके बाद कांग्रेस विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कोहाड़ की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वह सदन में श्री हरिमंदिर साहिब की शपथ उठाएं कि सिद्धू ने उन्हें गाली दी है। इसी बीच कांग्रेसी विधायकों ने काफी देर तक अकालियों पर व्यंग कसते हुए पिछली सरकार के समय तत्कालीन राजस्व मंत्री विक्रम मजीठिया के गाली प्रकरण को सदन में उछाल दिया। हंगामे के बीच अंत तक यह साबित नहीं हो सका की सिद्धू ने अकाली विधायकों को गालियां दी हैं या नहीं।
पढ़ा-लिखा आदमी, अनपढ़ों को गाली नहीं निकाल सकता : सिद्धू
सदन में अकाली सदस्य जब नवजोत सिद्धू पर गाली देने का आरोप लगा रहे थे, तब अन्य कांग्रेसी विधायक भी अकालियों पर व्यंग्य कसते रहे। नवजोत सिद्धू जोकि लगातार अकालियों पर कटाक्ष कर रहे थे, गाली देने के आरोप से साफ इंकार करते रहे। इस विषय पर अपने जवाब में भी वे अकाली विधायकों को छेड़ने से नहीं रुके। उन्होंने कहा- ‘पढ़या लिख्या बंदा, अनपढ़ां नूं गाल नहीं कड्ढ सकदा (पढ़ा लिखा आदमी अनपढ़ों को गाली नहीं निकाल सकता।)