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#PunjabPolls: नेताओं ने कह दी अपनी बात आज जनता की बारी
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 04 Feb 2017 10:04 AM IST
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Punjab Election
- फोटो : File Photo
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पंजाब विधानसभा चुनाव-2017 के लिए आखिरकार मतदान की घड़ी आ गई। आज 4 फरवरी को सूबे की 117 विधानसभा सीटों पर मतदान है। पिछले साल फरवरी माह में आप के पंजाब में दस्तक देते ही विधानसभा चुनाव-2017 के लिए चुनावी माहौल बनने लगा था।
शिअद और भाजपा गठबंधन के अलावा कांग्रेस भी आप को जवाब देने के लिए काफी पहले चुनावी अखाड़े में कूद गए थे। हर पार्टी ने जमकर प्रचार किया और सूबे के मतदाताओं को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन इस पूरी समयावधि में मतदाता खामोश रहे और हर सियासी कलाबाजी को गौर से आंकते रहे हैं। आज प्रदेश के करीब दो करोड़ मतदाता अपनी खामोशी ईवीएम का बटन दबाकर तोड़ेंगे। इन मतदाताओं में छह लाख ऐसे युवा मतदाता भी होंगे, जो पहली बार मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
सियासी दलों के लिए मतदाताओं के रुझान का सही अनुमान लगा पाना इसलिए भी कठिन रहा, क्योंकि पहली बार सूबे के विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला हो रहा है। दस साल से सत्ता पर काबिज शिअद-भाजपा गठबंधन ने अपने शासन के दौरान किए गए विकास के भले ही बेशुमार काम गिनाए हैं, लेकिन एंटी इनकमबेंसी के फैक्टर की चिंता से वह अछूता नहीं रहा है। आप ने प्रदेश में किसानों की खुदकुशी, युवाओं में नशे की लत, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सत्ताधारी गठबंधन को इतने जोरदार ढंग से घेरा कि शिअद और भाजपा पलटवार में आप और आप प्रमुख पर व्यक्तिगत आरोप ही लगा सके। इन परिस्थितियों में खुद को पिछड़ते देख कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया और उसके निशाने पर एक तरफ शिअद और दूसरी तरफ आप रहे। कांग्रेस ने सबसे पहले नोटबंदी के लोगों को हुई कठिनाई को मुद्दा बनाया और फिर ड्रग और भ्रष्टाचार के मुद्दों का भी शिअद के खिलाफ इस्तेमाल शुरू कर दिया।
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शिअद और भाजपा गठबंधन के अलावा कांग्रेस भी आप को जवाब देने के लिए काफी पहले चुनावी अखाड़े में कूद गए थे। हर पार्टी ने जमकर प्रचार किया और सूबे के मतदाताओं को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन इस पूरी समयावधि में मतदाता खामोश रहे और हर सियासी कलाबाजी को गौर से आंकते रहे हैं। आज प्रदेश के करीब दो करोड़ मतदाता अपनी खामोशी ईवीएम का बटन दबाकर तोड़ेंगे। इन मतदाताओं में छह लाख ऐसे युवा मतदाता भी होंगे, जो पहली बार मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
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सियासी दलों के लिए मतदाताओं के रुझान का सही अनुमान लगा पाना इसलिए भी कठिन रहा, क्योंकि पहली बार सूबे के विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला हो रहा है। दस साल से सत्ता पर काबिज शिअद-भाजपा गठबंधन ने अपने शासन के दौरान किए गए विकास के भले ही बेशुमार काम गिनाए हैं, लेकिन एंटी इनकमबेंसी के फैक्टर की चिंता से वह अछूता नहीं रहा है। आप ने प्रदेश में किसानों की खुदकुशी, युवाओं में नशे की लत, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सत्ताधारी गठबंधन को इतने जोरदार ढंग से घेरा कि शिअद और भाजपा पलटवार में आप और आप प्रमुख पर व्यक्तिगत आरोप ही लगा सके। इन परिस्थितियों में खुद को पिछड़ते देख कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया और उसके निशाने पर एक तरफ शिअद और दूसरी तरफ आप रहे। कांग्रेस ने सबसे पहले नोटबंदी के लोगों को हुई कठिनाई को मुद्दा बनाया और फिर ड्रग और भ्रष्टाचार के मुद्दों का भी शिअद के खिलाफ इस्तेमाल शुरू कर दिया।
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करीब 20 करोड़ मतदाता 22600 पोलिंग बूथों पर करेंगे मतदान
पंजाब विस चुनाव
- फोटो : File Photo
गत 4 जनवरी को प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने तक चुनाव प्रचार की जो स्थिति बन चुकी थी, उसी के आधार पर सियासी पंडितों ने सूबे में अगली सरकार के बारे में अनुमान लगाने शुरू कर दिए थे। किसी दिन कांग्रेस सबसे आगे दिखाई देती तो अगले दिन ही आप आगे हो जाती। किसी दिन शिअद-भाजपा गठबंधन कांग्रेस व आप के बीच वोट बंटने के कारण फिर से सत्ता में लौटता हुआ दिखाई देता।
पंजाब में इस बार यह हैं हॉट सीटें
त्रिकोणीय चुनावी मुकाबले के बीच सूबे में इस बार सबकी नजरें जिन सीटों के चुनाव पर टिकी रहेंगी, उनमें प्रमुख है - लंबी विधानसभा क्षेत्र जहां से सीएम प्रकाश सिंह बादल पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं और इस सीट पर उन्हें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा आप के प्रत्याशी दिल्ली से विधायक जरनैल सिंह ने चुनौती दी है। यानी इस सीट पर एक मौजूदा और एक पूर्व सीएम तो आमने-सामने हैं, वहीं पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के मुद्दे के साथ बादल को आप प्रत्याशी कड़ी चुनौती दे रहे हैं।
दूसरी हॉट सीट, जलालाबाद है जहां डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को आप के सांसद भगवंत मान और कांग्रेस के लुधियाना से सांसद रवनीत सिंह बिट्टू चुनौती दे रहे हैं। तीसरी हॉट सीट, पटियाला में कैप्टन अमरिंदर सिंह के सामने शिअद के पूर्व सेना प्रमुख जनरल जेजे सिंह को उतारा है। इनके अलावा लहरा सीट पर कांग्रेस की पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्टल और सूबे से मौजूदा वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा आमने-सामने हैं।
पंजाब में इस बार यह हैं हॉट सीटें
त्रिकोणीय चुनावी मुकाबले के बीच सूबे में इस बार सबकी नजरें जिन सीटों के चुनाव पर टिकी रहेंगी, उनमें प्रमुख है - लंबी विधानसभा क्षेत्र जहां से सीएम प्रकाश सिंह बादल पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं और इस सीट पर उन्हें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा आप के प्रत्याशी दिल्ली से विधायक जरनैल सिंह ने चुनौती दी है। यानी इस सीट पर एक मौजूदा और एक पूर्व सीएम तो आमने-सामने हैं, वहीं पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के मुद्दे के साथ बादल को आप प्रत्याशी कड़ी चुनौती दे रहे हैं।
दूसरी हॉट सीट, जलालाबाद है जहां डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को आप के सांसद भगवंत मान और कांग्रेस के लुधियाना से सांसद रवनीत सिंह बिट्टू चुनौती दे रहे हैं। तीसरी हॉट सीट, पटियाला में कैप्टन अमरिंदर सिंह के सामने शिअद के पूर्व सेना प्रमुख जनरल जेजे सिंह को उतारा है। इनके अलावा लहरा सीट पर कांग्रेस की पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्टल और सूबे से मौजूदा वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा आमने-सामने हैं।