बजट सत्र : पंजाब विधानसभा में आठ महत्वपूर्ण विधेयक पास, सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षकों की तैनाती का रास्ता साफ
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पंजाब विधानसभा में मंगलवार को बार्डर जिलों में टीचरों की तैनाती संबंधी लाए गए 'द पंजाब एजुकेशन (पोस्टिंग ऑफ टीचर्स इन डिसएडवांटेजियस एरिया) बिल-2021' को आम आदमी पार्टी के विरोध के बीच सदन में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके साथ ही सदन में सात अन्य बिलों को भी मंजूरी दे दी गई।
मंगलवार को स्पीकर राणा केपी सिंह के नेतृत्व में बजट सत्र के दौरान कुल आठ महत्वपूर्ण बिल पास किए गए। शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला द्वारा सदन में 'द पंजाब एजुकेशन बिल 2021' पेश किया गया तो आप के विधायकों ने इसमें सुधार की मांग करते हुए नवविवाहित महिला टीचरों को उनके आवास के 10 किमी के दायरे में पोस्टिंग देने की व्यवस्था करने की मांग की।
इसके साथ ही आप विधायकों ने बिल के उस प्रावधान का विरोध किया, जिसमें नए भर्ती टीचरों का प्रोबेशन पीरियड तीन साल से बढ़ाकर चार साल करने और नए भर्ती टीचरों को डिसएडवांटेजियस यानी बार्डर जिलों में तैनात करने का प्रावधान किया गया है।
आप विधायक बिल को सदन में रोकने की मांग करते हुए वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बावजूद बिल पारित किए जाने के विरोध में आप के सदस्य सदन में वाकआउट करने लगे, तभी स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को बुधवार सुबह 10 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
सदन द्वारा पारित सात अन्य बिल
दि पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन बिल 2021 को बुधवार तक टाल दिया गया। सदन में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा द्वारा एमिटी यूनिवर्सिटी पंजाब बिल 2021, इंडियन पार्टनरशिप (पंजाब संशोधन) बिल 2021 और पंजाब ब्यूरो ऑफ इनवेस्टमेंट प्रमोशन (संशोधन) बिल 2021 पेश किए गए, जिन्हें ध्वनिमत से पास कर दिया गया।
इनके अलावा जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा द्वारा प्रिजनर्स (पंजाब संशोधन) बिल 2021 और पंजाब सहकारी सभाएं (संशोधन) बिल पेश किए गए, जो किसी विशेष आपत्ति के बिना पारित हो गए। इसके बाद वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने पंजाब राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) बिल 2021 पेश किया, जिसे सदन में पारित कर दिया गया। शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला द्वारा लाए गए पंजाब आबकारी (संशोधन) बिल 2021 और पंजाब एजुकेशन बिल 2021 बिल भी सदन में पारित हो गए।
सिंगला की सफाई, प्रोबेशन पीरियड नहीं बढे़गा
इस बीच, शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने सफाई दी है कि नए भर्ती हुए शिक्षकों का प्रोबेशन पीरियड बढ़ाया नहीं जाएगा। उन्होंने सभी अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि सदन में पेश हुए बिल का उद्देश्य नए भर्ती हुए शिक्षकों को उनके घरों के नजदीक तैनात करना है। विभाग ने सरहदी क्षेत्रों में भर्ती किए गए 3,582 शिक्षकों को दो साल की सेवा के बाद ही तबादले के लिए आवेदन देने की मंजूरी दे दी है। बिल का उद्देश्य पंजाब के शिक्षा में पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षकों की उपलब्धता को जरूरी बनाना है।
बिल का मकसद शुरूआती भर्ती के समय अध्यापकों की तैनाती को नियमित करना है, जिससे शैक्षिक तौर पर पिछड़े क्षेत्रों में अध्यापकों की उपलब्धता को जरूरी बनाया जा सके, जहां आम तौर पर अध्यापकों के पद खाली रहते हैं। मंत्री ने कहा कि यह बिल के पास होने से शिक्षा विभाग की तरफ से नए भर्ती अध्यापकों को उनके घरों के नजदीक तैनात करने की पेशकश की जाएगी।