पंजाब विधानसभा चुनाव: अब तक शुरू नहीं हुआ कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र का काम, मेनिफेस्टो कमेटी को नहीं मिले सदस्य
2017 में कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब के लिए चुनाव मेनिफेस्टो कमेटी की घोषणा करने के साथ ही पार्टी के अनेक सीनियर नेताओं को इसमें शामिल कर दिया था और मेनिफेस्टो तैयार करने का काम तुरंत शुरू हो गया था। उस समय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का भी पंजाब कांग्रेस को मेनिफेस्टो तैयार करने में अहम सहयोग मिला था।
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अंदरूनी खींचतान से निपटने में व्यस्त पंजाब कांग्रेस के लिए आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों संबंधी रूपरेखा तैयार करना भी मुश्किल हो गया है। एक माह पहले कांग्रेस हाईकमान ने चुनाव के लिए विभिन्न कमेटियों के गठन का एलान किया था, जिसके तहत चुनाव घोषणापत्र कमेटी की कमान सांसद प्रताप सिंह बाजवा को सौंपी गई थी, लेकिन एक माह बीतने पर भी इस कमेटी में किसी सदस्य को नामांकित नहीं किया गया, जिसके चलते मेनिफेस्टो तैयार करने का काम शुरू नहीं हो सका है।
छह दिसंबर को पार्टी हाईकमान ने मेनिफेस्टो कमेटी में विभिन्न सीनियर नेताओं को शामिल करने का एलान तो किया, लेकिन अब तक किसी भी नेता का नाम इस कमेटी के लिए घोषित नहीं किया जा सका। इसके चलते प्रताप बाजवा के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है कि वह मेनिफेस्टो तैयार करने के काम को कैसे आगे बढ़ाएं, क्योंकि चुनाव प्रचार शुरू होने से पहले मेनिफेस्टो तैयार करके हाईकमान से इसे मंजूरी भी दिलानी है। वहीं, प्रदेश में आम लोगों से जुड़े मुद्दों की फेहरिस्त तैयार करने के साथ ही चुनाव के दौरान लोगों से किए जाने वाले वादों को मजबूत आधार के साथ सूचीबद्ध करना जरूरी हो चुका है। नए मेनिफेस्टो के साथ ही प्रदेश कांग्रेस को इस बार जनता के सामने यह बात भी रखनी होगी कि 2017 के मेनिफेस्टो में किए कितने वादे पूरे किए गए और पूरे न हो सके वादों के लिए क्या मजबूरी रही।
हाईकमान के निर्देशों का इंतजार कर रहे नेता
प्रताप बाजवा का कहना है कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है और वह कई बार पंजाब कांग्रेस भवन जा चुके हैं ताकि अन्य नेताओं के साथ मिलकर मेनिफेस्टो कमेटी की बैठक कर सकें, लेकिन कमेटी का कोई विधिवत सदस्य घोषित नहीं होने के कारण अन्य नेता भी हाईकमान के निर्देशों का ही इंतजार कर रहे हैं। यही कारण भी है कि चुनाव मेनिफेस्टो तैयार करने का काम अभी तक शुरू भी नहीं हो सका है।
2017 में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने बनवाया था मेनिफेस्टो
उल्लेखनीय है कि 2017 में कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब के लिए चुनाव मेनिफेस्टो कमेटी की घोषणा करने के साथ ही पार्टी के अनेक सीनियर नेताओं को इसमें शामिल कर दिया था और मेनिफेस्टो तैयार करने का काम तुरंत शुरू हो गया था। उस समय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का भी पंजाब कांग्रेस को मेनिफेस्टो तैयार करने में अहम सहयोग मिला था। लेकिन इस बार प्रदेश के नेता ही मेनिफेस्टो को लेकर पसोपेश में हैं और पार्टी का चुनाव प्रचार भी शुरू नहीं हो सका है। फिलहाल मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की ओर से जनता के लिए विभिन्न घोषणाएं करते हुए पार्टी के लिए माहौल बनाया जा रहा है।
2017 के कांग्रेस के मेनिफेस्टो में ये थे खास वादे
1. ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाले को छह करोड़। सिल्वर मेडल जीतने पर चार करोड़ और कांस्य पदक जीतने पर 2.5 करोड़ रुपये। ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले को 15 लाख रुपये मिलेंगे।
2. नया लोकपाल बिल लाया जाएगा। मुख्यमंत्री का पद भी लोकपाल के दायरे में आएगा।
3. पंजाब का मुख्यमंत्री हेलिकॉप्टर प्रयोग नहीं करेगा।
4. शराब ठेके हर साल पांच फीसदी के हिसाब से कम किए जाएंगे।
5. कांग्रेस वीआईपी कल्चर खत्म करेगी।
6. किसानों को न्यूनतम आय मिलेगी।
7. घर विहीन व गरीब लोगों के लिए पांच रुपये में खाना, रेडक्रॉस सोसाइटी की तरफ से दिया जाएगा।
8. बिजली की दर पांच रुपये प्रति यूनिट होगी।
9. 2500 माहवार बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।
10. इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन बनाई जाएगी।
11. पंजाब दा पानी, पंजाब वास्ते: एसवाईएल के मुद्दे को पक्के तौर पर समाप्त करना।
12. नशा सप्लाई, बिक्री व इस्तेमाल चार हफ्ते में बंद करने की वचनबद्धता।
13. घर-घर रोजगार: समयबद्ध रोजगार स्कीम के तहत पांच साल में प्रत्येक परिवार के कम-से-कम एक सदस्य को नौकरी।