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विधानसभा चुनाव: देखिए, किन खूबियों पर मिलेगा अकाली दल का टिकट?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 08 Jul 2016 09:54 AM IST
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पंजाब कैबिनेट बैठक में मौजूद सीएम बादल
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब में विधानसभा चुनाव भले ही अगले साल के आरंभ में होने हैं, लेकिन शिअद में उम्मीदवारों के चयन को लेकर खासी हड़बड़ी के हालात हैं। पार्टी चाहती है कि उम्मीदवारों का चयन जल्द कर उन्हें अपने हलके में तैयारियों का पर्याप्त अवसर दिया जाए। माना जा रहा है कि कुछ हलकों में उम्मीदवार भी चयनित किए जा चुके हैं, हालांकि उनके नामों की घोषणा अभी बाकी है। पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने भी स्वीकार किया है कि उम्मीदवारों के चयन की कवायद जारी है।
सिटिंग एमएलए को मिल सकता है एक और मौका
सुखबीर का दावा है कि उम्मीदवारों के चयन के मामले में उनकी पूरी तैयारी है। वह अन्य सियासी दलों से पहले अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर देंगे। सुखबीर ने यहां तक कहा है कि वह एक माह के अंदर ही उम्मीदवारों के नाम का एलान कर सकते हैं। बताया जाता है कि ऐसे विधानसभा क्षेत्र जहां पार्टी का जनाधार मजबूत है और वहां पहले से ही शिअद विधायक हैं, वहां उम्मीदवार बदलने की संभावनाएं बेहद कम है।
जानकारों के अनुसार ऐसे उम्मीदवारों में ज्यादातर वर्तमान या पिछले 2-3 बार से लगातार जीत दर्ज करने वाले विधायक शामिल हैं। पार्टी के सूत्रों के अनुसार ऐसे उम्मीदवारों को बाकायदा अपने क्षेत्र में पूरा जोर देने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इतना ही नहीं चुनाव की आधिकारिक घोषणा और आचार संहिता लागू होने तक केंद्र और राज्य की विभिन्न योजनाओं का पूरा इस्तेमाल करने को कहा गया है, ताकि लोगों का विश्वास जीता जा सके।
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कांग्रेस की चाल धीमी
दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस की ओर से सूबे में अपने प्रत्याशियों के चयन को लेकर की जा रही तैयारी की स्थिति कुछ अलग है। पार्टी ने प्रत्येक विधानसभा हलके से टिकट के दावेदारों को अपना दावा 15 अगस्त तक पार्टी के समक्ष रखने का निर्देश दिया है। इस आधार पर माना जा रहा है कि कांग्रेस में 15 अगस्त के बाद ही प्रत्याशियों के चयन की कवायद तेज होगी।
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सिटिंग एमएलए को मिल सकता है एक और मौका
सुखबीर का दावा है कि उम्मीदवारों के चयन के मामले में उनकी पूरी तैयारी है। वह अन्य सियासी दलों से पहले अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर देंगे। सुखबीर ने यहां तक कहा है कि वह एक माह के अंदर ही उम्मीदवारों के नाम का एलान कर सकते हैं। बताया जाता है कि ऐसे विधानसभा क्षेत्र जहां पार्टी का जनाधार मजबूत है और वहां पहले से ही शिअद विधायक हैं, वहां उम्मीदवार बदलने की संभावनाएं बेहद कम है।
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जानकारों के अनुसार ऐसे उम्मीदवारों में ज्यादातर वर्तमान या पिछले 2-3 बार से लगातार जीत दर्ज करने वाले विधायक शामिल हैं। पार्टी के सूत्रों के अनुसार ऐसे उम्मीदवारों को बाकायदा अपने क्षेत्र में पूरा जोर देने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इतना ही नहीं चुनाव की आधिकारिक घोषणा और आचार संहिता लागू होने तक केंद्र और राज्य की विभिन्न योजनाओं का पूरा इस्तेमाल करने को कहा गया है, ताकि लोगों का विश्वास जीता जा सके।
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कांग्रेस की चाल धीमी
दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस की ओर से सूबे में अपने प्रत्याशियों के चयन को लेकर की जा रही तैयारी की स्थिति कुछ अलग है। पार्टी ने प्रत्येक विधानसभा हलके से टिकट के दावेदारों को अपना दावा 15 अगस्त तक पार्टी के समक्ष रखने का निर्देश दिया है। इस आधार पर माना जा रहा है कि कांग्रेस में 15 अगस्त के बाद ही प्रत्याशियों के चयन की कवायद तेज होगी।