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पंजाब बजट सत्र: श्रद्धांजलि से हुई शुरुआत, कैप्टन ने दी अहम जानकारियां, बड़े फैसलों पर एक नजर

Fri, 21 Feb 2020 12:57 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 21 Feb 2020 12:57 AM IST
सार

  • आप और कांग्रेस विधायकों ने सदन में उठाया मामला।
  •  कैप्टन ने मामले की विस्तृत जांच का दिया भरोसा।

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Punjab Assembly Budget Session 2020, Captain Amrinder Singh Government
कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पंजाब विधानसभा के वीरवार को शुरू हुए बजट सत्र की अवधि 28 फरवरी से बढ़ाकर 4 मार्च कर दी गई है। यह फैसला वीरवार सुबह बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लिया गया। विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह ने इस बदलाव की जानकारी दी।
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श्रद्धांजलि देकर शुरू हुआ बजट सत्र
लौंगोवाल हादसे में मारे गए चार बच्चों को श्रद्धांजलि के साथ वीरवार को 15वीं पंजाब विधानसभा का 11वां सत्र (बजट सत्र) शुरू हुआ। सदन के सदस्यों ने पिछले सत्र से अब तक स्वर्ग सिधार गई शख्सियतों को याद किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सदन में संयुक्त पंजाब के पूर्व विधायक चौधरी खुर्शीद अहमद, पूर्व विधायक राज कुमार गुप्ता, सीनियर पत्रकार अश्विनी चोपड़ा, पंजाबी लेखक डा. दलीप कौर टिवाणा और डा. जसवंत सिंह कंवल, पंजाबी गायिका लाची बावा, स्वतंत्रता सेनानी गुरदेव सिंह और दरबारा सिंह को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
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मसीह केस में मजीठिया से हो सकती है पूछताछ

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को सदन को भरोसा दिलाया कि अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के पूर्व सदस्य और सीनियर अकाली नेता अनवर मसीह के घर से बरामद हुई नशों की खेप के मामले की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। कैप्टन ने यह जवाब उस समय दिया जब आप और कांग्रेस विधायकों ने सदन में आरोप लगाया कि अनवर मसीह अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के करीबी हैं और इस मामले में मजीठिया से भी पूछताछ होनी चाहिए। 

कैप्टन ने विधानसभा में कहा कि सदन के सदस्यों द्वारा ड्रग नेटवर्क से संबंधित पेश किए गए दस्तावेज अथवा सामग्री को भी जांच के लिए एसटीएफ के पास भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह बात विधानसभा में कुलबीर सिंह जीरा और कुलतार सिंह संधवा समेत विभिन्न विधायकों द्वारा जताई चिंता के जवाब में कही। मुख्यमंत्री ने सदन को विश्वास दिलाया कि इस संबंध में विस्तार से जांच करवाकर रिपोर्ट सक्षम अथॉरिटी को सौंपी जाएगी। एसटीएफ ने मसीह को बीते दिन गिरफ्तार किया था। 

बीते महीने अमृतसर के सरहदी क्षेत्र में स्थित गांव सुल्तानविंड में मसीह के घर से 194 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। वह घर को किराये पर देने संबंधी कोई भी सबूत पेश नहीं कर सका। कैप्टन ने स्पष्ट किया कि ड्रग रैकेट में शामिल आरोपियों तक पहुंचने के लिए गहराई से जांच की जाएगी। पूरे नेटवर्क  की परतें खोली जाएंगी। इससे पहले सदन में विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने इस ड्रग केस में मजीठिया की भूमिका की जांच की मांग उठाई। उन्होंने मसीह और एक काउंसलर से जुड़े इस ड्रग रैकेट के तार बड़े राजनैतिक लोगों से जुड़े होने की बात कही।

सदन ने स्कूल वैन और तरनतारन पटाखे विस्फोट के मृतकों को किया याद

पंजाब विधानसभा ने पिछले सत्र से अब तक असमायिक निधन होने वाली राजनैतिक शख्सियतों, पत्रकारों और स्वतंत्रता सेनानियों समेत 10 मशहूर शख्सियतों को श्रद्धांजलि भेंट की। 15वीं विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन में साझे पंजाब (पुनर्गठन से पहले) के पूर्व विधायक चौधरी खुर्शीद अहमद और पूर्व विधायक राज कुमार गुप्ता समेत स्वतंत्रता सेनानी गुरदेव सिंह और दरबारा सिंह को श्रद्धांजलि भेंट की गई। 

इसके साथ ही सदन ने सीनियर पत्रकार और पूर्व सांसद अश्वनी कुमार चोपड़ा को भी याद किया। सदन ने प्रसिद्ध पंजाबी लेखिका डॉ. दलीप कौर टिवाना, डॉ. जसवंत सिंह कंवल और प्रसिद्ध पंजाबी लोक गायिका लाची बावा को भी श्रद्धांजलि भेंट की। सदन ने दुखी परिवारों के साथ हमदर्दी प्रकट करते हुए लोंगोवाल में स्कूल वैन अग्निकांड के कारण जान गंवाने वाले चार बच्चे- सिमरनजीत सिंह, सुखजीत कौर, नवजोत कौर और अरुध्या कुमारी को भी श्रद्धांजलि भेंट की। श्रद्धांजलि के दौरान दिवंगत आत्माओं को याद करते हुए दो मिनट का मौन भी रखा गया।

इस दौरान स्पीकर राणा कंवर पाल सिंह ने पिछले सत्र के बाद असमायिक निधन पर सदस्यों को गरिमापूर्ण श्रद्धांजलि देने के लिए प्रस्ताव पेश किया। चार बच्चों और आठ मशहूर शख्सियतों को श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने संबंधित परिवारों के साथ सदन द्वारा हमदर्दी का प्रकट करते हुए प्रस्ताव पास किया। प्रस्ताव सदस्यों के मौखिक वोटों के द्वारा पास किया गया। स्पीकर द्वारा नौजवान पत्रकार अमन बराड़ को श्रद्धांजलि भेंट करने के लिए भी प्रस्ताव पेश किया गया।

सहकारिता मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा की विनती पर तरनतारन में पटाखों के धमाके से मारे गए तीन बच्चों का नाम भी श्रद्धांजलि सूची में शामिल किया गया। विधायक कुलतार सिंह संधवां की विनती पर स्पीकर ने सीनियर पत्रकार दलबीर सिंह के नाम को भी श्रद्धांजलियों की सूची में दर्ज करने की इजाजत दी।

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पंजाब की एसआईटी करेगी बहिबल कलां व बरगाड़ी केस की जांच

बहिबल कलां और बरगाड़ी मामलों की जांच की इजाजत मांगने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) द्वारा दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब इस मामले की जांच राज्य की विशेष जांच टीम (एसआईटी) करेगी। यह जानकारी पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने वीरवार को सदन को दी। सीएम ने सदन में भरोसा दिलाया कि अब एसआईटी इन मामलों के सही निचोड़ निकालेगी।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने वीरवार सुबह बेअदबी मामलों और इसके बाद हुई पुलिस गोलीबारी के मामलों की जांच राज्य सरकार को जारी रखने की इजाजत दे दी। इन मामलों की जांच पिछली अकाली-भाजपा सरकार के समय सीबीआई को सौंपी गई थी। इसे पूरा करने में सीबीआई के नाकाम रहने के कारण कैप्टन सरकार ने इससे पहले सदन में एलान किया था कि यह केस सीबीआई से वापस लिए जाएंगे और इनकी जांच राज्य सरकार करवाएगी।

आप ने सदन में किया स्वागत, अकाली दल करता रहा नारेबाजी
कैप्टन द्वारा सदन में यह जानकारी दिए जाने का आप विधायकों ने स्वागत किया। इसी दौरान अकाली दल के सदस्य बिजली के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग को लेकर वेल में पहुंच गए और देर तक नारेबाजी करते रहे। शोरशराबे के बीच ही आप विधायक अमन अरोड़ा ने कहा कि अब पंजाब सरकार बेअदबी मामले की समयबद्ध जांच व दोषियों को सजा यकीनी बनाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि वह स्पष्ट करें कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से दिया गया फैसला बहिबल कलां, बरगाड़ी और कोटकपूरा गोलीकांड के सभी मामलों से संबंधित है या नहीं क्योंकि ये सभी अलग-अलग केस हैं। अमन अरोड़ा जब बोल रहे थे तो उस समय अकाली दल (बादल) के विधायक जोरदार नारेबाजी कर रहे थे। अमन अरोड़ा ने कहा कि अकाली इस मामले के बारे में बात सुनने के लिए भी तैयार नहीं हैं जबकि यह मसला श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के साथ जुड़ा हुआ है।

अब एसआईटी को जांच करने में नहीं आएगी रुकावट
सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही की विस्तार में जानकारी देते हुए एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने बताया कि जज ने कानून के सवाल को खुला रखते हुए देरी के आधार पर सीबीआई की एसएलपी को खारिज कर दिया। नंदा ने कहा कि सीबीआई से राज्य पुलिस को जांच सौंपने के कार्य को अंतिम रूप मिल गया है। इस कारण अब एसआईटी को जांच करने में कोई रुकावट नहीं आएगी।

किसानों को बिजली टावरों के लिए मुआवजा देने की बनेगी नीति

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सदन को भरोसा दिलाया है कि उनकी सरकार पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कार्पोरेशन लिमिटेड (पीएसटीसीएल) द्वारा टावर लगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली जमीन के लिए किसानों को मुआवजा देने के लिए नीति लेकर आएगी। हालांकि, सीएम ने बिजली की तारों के नीचे की जमीन के लिए किसानों को मुआवजा देने की संभावना को खारिज कर दिया है क्योंकि राज्यभर में इन तारों के नीचे 105 एकड़ कृषि भूमि है।

विधानसभा में तलवंडी साबो से आप विधायक प्रो. बलजिंदर कौर और गढ़शंकर से विधायक जय कृष्ण रोड़ी द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में, पीएसटीसीएल द्वारा किसानों की जमीन पर बिजली के 40 गुना 40 फुट आकार से खंभे लगाने का मामला उठाया गया था। उन्होंने प्रस्ताव में कहा कि पीएसटीसीएल की तरफ से बलांवाली थर्मल प्लांट से तलवंडी साबो रिफाइनरी तक किसानों की जमीनों में बिजली के बड़े खंभे बिना पूर्व सूचना के लगाए गए हैं। इससे किसानों की जमीन खराब हो रही है और उन्हें इस जमीन के इस्तेमाल का कोई मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है।

प्रस्ताव में कहा गया कि यह खंभे लगाने से किसानों की जमीनों के मूल्य में भी गिरावट आ रही है। उन्होंने प्रति खंभा 15 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। सीएम ने जवाब देते हुए कहा कि किसानों को फसलों के नुकसान की भरपाई की जा रही है। यह भी बताया कि बठिंडा जिले में टावरों के नीचे की जमीन एक्वायर नहीं की गई क्योंकि टावरों और ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे आती जमीन पर कृषि कार्यों पर कोई रोक नहीं है। मुख्यमंत्री ने सदन को यह भी बताया कि 23 टावरों की स्टबिंग (नींव) के दौरान किसानों को 6,38,087 रुपये की अदायगी की गई है।

1300 नहीं, सिर्फ 7 स्कूल बंद किए: सिंगला

शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने सरकार द्वारा राज्य में 1300 प्राइमरी स्कूलों को बंद करने की बात से इनकार करते हुए बताया कि केवल सात स्कूलों को बंद किया गया है जबकि 105 प्राइमरी स्कूलों को अन्य स्कूलों में मर्ज किया गया है। शिक्षा मंत्री वीरवार को सदन में विधायक मास्टर बलदेव सिंह, प्रिंसिपल बुधराम और कुलवंत सिंह पंडोरी द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे।

तीनों विधायकों ने अपने प्रस्ताव के जरिये सदन का ध्यान राज्य में 1300 सरकारी स्कूलों को बंद करने की ओर दिलाया। उनका कहना था कि अगर सरकार ऐसे ही स्कूलों को बंद करती रहेगी तो बच्चों कि शिक्षा का क्या होगा? सिंगला के जवाब पर अनुपूरक सवाल में मास्टर बलदेव सिंह ने स्कूलों को मर्ज किए जाने पर एतराज जताते हुए इस फैसले को गरीबों के लिए अहितकर करार दिया।

उन्होंने इस फैसले को बदलने की मांग की। उन्होंने स्कूलों में खाली पड़े पदों को भरने मांग की, जिस पर शिक्षा मंत्री ने बताया कि खाली पद भरने के लिए कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है और 31 मार्च तक खाली पदों को भर दिया जाएगा। तीनों आप विधायकों ने एक अन्य ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए सरकारी अस्पतालों में पंजाब सरकार की तरफ से दी जाती मुफ्त दवा की सुविधा बंद करने का मुद्दा भी उठाया।

पंजाब की जेलों में बड़े स्तर पर सुधार लाने की तैयारी

पंजाब के जेल प्रशासन में बड़े सुधारों का रास्ता प्रशस्त करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने वीरवार को सीसीटीवी प्रणाली, करंट वाली तार लगाने और अलग जेल ख़ुफिय़ा विंग बनाने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इससे जेलों को सुरक्षित बनाया जा सकेगा। उन्होंने विधानसभा के जारी सत्र के दौरान पंजाब जेल विकास बोर्ड की स्थापना करने के लिए बिल लाने को भी हरी झंडी दे दी। कैप्टन ने 9 केंद्रीय जेलों, 7 ज़िला जेलों और 2 स्पेशल जेलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस सीसीटीवी सिस्टम स्थापित करने की मंजूरी दे दी।

इसी दौरान उन्होंने जेलों की बाहरी चारदीवारी पर करंट वाली तार (220/440 वोल्ट) लगाने के लिए जेल विभाग के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया। जेल विभाग के कामकाज का जायज़ा लेने के लिए उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने जेल मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा से कहा कि राज्य की जेलों में जेल प्रशासन के बेहतरीन प्रथाओं को यकीनी बनाया जाए। उन्होंने जेल विभाग को जेलों को नया रूप देने के लिए व्यापक योजना चार हफ्ते में सौंपने के हुक्म दिए।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने एडीजीपी (जेल) प्रवीण कुमार सिन्हा को जेलों को नया रूप देने के लिए योजना तैयार करने और कैदियों के सुधारों के लिए ज़रुरी कदम उठाने के लिए नयी स्कीमों की शुरुआत करने को कहा। अदालतों में सुनवाई अधीन कैदियों को पेश करने का खर्चा (प्रतिदिन 40-50 लाख रुपए) घटाने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य की सभी जेलों में वीडियो कॉनफ्रेंसिंग सिस्टम स्थापित करने के लिए विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

जेलों में ज़रुरी स्टाफ के द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम कायम करने के लिए कैप्टन ने ऑफिसर्ज कमेटी और मंत्रीमंडल द्वारा पहले ही मंज़ूर की जा चुकीं वार्डरों के 305 पदों को भरने के अलावा विभाग में वार्डरों के अन्य 448 पदों और मैटरनों के 28 पदों को भरने की मंजूरी भी दे दी है। उन्होंने जेलों में गश्त बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा 37 और वाहनों की माँग को स्वीकार कर लिया।

पटियाला, लुधियाना जेलों की चाहरदीवारी होगी और मजबूत
केंद्रीय जेल लुधियाना में सुरक्षा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने दोहरी कँटीली तार की अंदरूनी चारदीवारी और तीन और निगरानी टावरों के निर्माण की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने पटियाला केंद्रीय जेल की बाहरी चारदीवारी को तबदील करने की मंजूरी भी दे दी, जो इस समय ख़स्ता हालत में है।

बल्बों की माला पहनकर विधानसभा पहुंचे अकाली

पंजाब विधानसभा के वीरवार को शुरू हुए बजट सत्र के पहले दिन अकाली दल के विधायकों में गले में बिजली के बल्बों की हार पहन कर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। अकाली दल के विधायक विक्त्रस्म सिंह मजीठिया के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा के बाहर सत्र शुरू होने से पहले पहुंचे अकाली भाजपा विधायकों ने सरकार द्वारा प्रदेश के लोगों को दी जा रही महंगी बीवी के खिलाफ प्रदर्शन किया। अकाली विधायक सरकार पर बिजली के 4300 करोड रुपए के घोटाले का आरोप लगा रहे थे ।

इन विधायकों ने हाथों में बैनर पकड़े हुए थे। अकाली दल ने कांग्रेस के साथ ही आम आदमी पार्टी पर भी बिजली के मामले में कांग्रेस का सहयोग करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन करते हुए उन्होंने मांग की कि सरकार 4300 करोड़ के कथित घपले का जवाब दे और लोगों को महंगी बिजली से निजात दिलाएं।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक दल के नेता शरणजीत सिंह ढिल्लों और मजीठिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार को बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी तुरंत वापस लेनी चाहिए और चुनाव मेनिफेस्टो में किए वायदे के अनुसार घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ताओं को 5 प्रति यूनिट बिजली देनी चाहिए।

मुख्यमंत्री द्वारा बिजली के मामले पर वाइट के पलाई जाने के ऐलान को सिरे से खारिज करते हुए काली नेताओं ने कहा कि लोगों को वाइट पेपर में कोई दिलचस्पी नहीं है उन्हें 5 प्रति यूनिट बिजली चाहिए। मुझे रिया ने कहा कि अकाली-भाजपा किस आश्रम में 5.25 रुपये प्रति यूनिट बिजली दी जाती थी जबकि अब इसका रेट 9 प्रति यूनिट हो गया है।

इसके बाद अकाली दल ने सदन के भीतर भी उस समय जोरदार नारेबाजी की जब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बहिबलकलां और बरगाड़ी  मामले में राज्य सरकार की सुप्रीम कोर्ट में जीत का उल्लेख कर रहे थे। अकाली दल ने बिजली के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की मांग की और उसे लेकर नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। अकाली दल की नारेबाजी के बीच ही काफी समय तक सदन का कामकाज जारी रहा।

गूंजा असुरक्षित स्कूल भवनों का मुद्दा

बठिंडा देहाती क्षेत्र में किसी भी स्कूल की इमारत असुरक्षित नहीं है बल्कि कुछ स्कूली इमारतों में कमरे असुरक्षित हैं। पंजाब विधानसभा में वीरवार को यह जवाब शिक्षा और पीडब्ल्यूडी मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बठिंडा देहाती की आप विधायक रुपिंदर कौर रूबी द्वारा उठाए गए सवाल पर दिया। रूबी ने प्रश्नकाल में राज्य के असुरक्षित स्कूलों का मुद्दा उठाते हुए शिक्षा मंत्री से पूछा कि बठिंडा देहाती में कितने स्कूलों की इमारतें असुरक्षित हैं?

अनुपूरक सवाल करते हुए सदस्या ने पूछा कि उनसे पहले शिक्षा मंत्री रहे ओपी सोनी ने हर हलके से असुरक्षित स्कूलों की सूची मांगी थी, जिसके तहत बतौर विधायक उन्होंने (रूबी) डीईओ दफ्तर में लोक निर्माण विभाग की तरफ से तैयार असुरक्षित इमारतों वाले 15 स्कूलों की सूची भेजी थी। रूबी ने पूछा कि शिक्षा मंत्री किस आधार पर सभी स्कूलों की इमारतों को सुरक्षित बता रहे हैं? उन्होंने फरीदकोट, कोटली के स्कूल की मिसाल दी जहां इमारत ढही होने के कारण बच्चे बाहर बैठते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि इमारतें असुरक्षित न सही लेकिन वह कमरे तो असुरक्षित हैं, जिनमें बच्चे बैठते हैं। रूबी ने दोबारा सर्वे कराए जाने की मांग करते हुए यह सवाल भी किया कि पंजाब सरकार स्कूली इमारतों के लिए सिर्फ नाबार्ड पर ही क्यों निर्भर है? इसके लिए राज्य सरकार का बजट क्यों नहीं रखा जाता? उन्होंने गहरी बुट्टर के स्कूल के लिए डेढ़ लाख की ग्रांट को न काफी बताया, जिस पर शिक्षा मंत्री ने कहा क?ि ग्रांट कम पड़ने पर और पैसा जारी किया जाएगा।

तीन करोड़ के घाटे में बीआरटीसी : मनप्रीत

वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने अमृतसर से विधायक सुनील दत्ती के सवाल पर कहा कि अमृतसर में बीआरटीसी के तहत चल रही बसें फिलहाल 3 करोड़ के घाटे में चल रही हैं, इसलिए इन बसों के किराए में कमी नहीं की जा सकती। सरकार इस घाटे से उभरने के लिए ठोस उपाय करेगी।

मनप्रीत बादल ने यह भी बताया कि इन बसों में स्कूली बच्चों की यात्रा मुफ्त है जबकि कालेज के विद्यार्थियों को 66 फीसदी छूट है जबकि सीनियर सिटीजन का 50 फीसदी किराया माफ है। इस पर मजीठिया ने कहा कि अमृतसर में हर रोज डेढ़ लाख पर्यटक पहुंचते हैं जिन्हें इन बसों और इनके रूटों के बारे में कोई जानकारी नहीं होती। उन्होंने मांग की कि अमृतसर में प्रमुख स्थलों पर सूचना केंद्र बनाए जाएं जहां से पर्यटकों को इन बसों के बारे में जानकारी मिले और वे इनमें सफर करें ताकि घाटा कम किया जा सके।

अंबेडकर भवन के लिए 7 करोड़ जारी
मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा ने बताया कि मोहाली के विकास भवन में बन रहे अबंडेकर भवन के लिए 7 करोड़ रुपयेजारी कर दिए गए हैं, अब इसका निर्माण कार्य जल्द पूरा हो जाएगा। यह जानकारी उन्होंने विधायक पवन टीनू के सवाल पर दी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अगले दो महीने के अंदर पशु कल्याण बोर्ड का गठन कर दिया जाएगा और काऊ सेस से पशुओं की देखरेख के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

हिंदू कॉपरेटिव बैंक के सभी खाताधारकों को मिलेगा उनका पैसा

सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बताया कि अमृतसर स्थिति हिंदू कॉपरेटिव बैंक में जो नियमों के खिलाफ करोड़ों रुपये के लोन दिए जाए गए है। उनकी आरबीआई के दिशानिर्देशों के तहत रिकवरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन 80,000 खाताधारकों ने इस बैंक में पैसा जमा करवा रखा हैं, उन्हें उनका पैसा लौटाया जाएगा।

इसके साथ ही सभी स्टैलमेंट्स करने के बाद इस बैंक को पंजाब कॉपरेटिव बैंक में मर्ज किया जाएगा ताकि फिर कोई गबन हो। रंधावा विधायक अमित विज के उस सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें पूछा गया था कि हिंदू कोआपरेटिव बैंक को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार ने क्या फैसला लिया है?

गृह विभाग को घनौर थाना नई जगह ले जाने की संभावना तलाशने के आदेश
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गृह विभाग को बस स्टैंड के बिल्कुल साथ स्थित घनौर के पुलिस थाने को खुली जगह पर ले जाने की संभावना तलाशने के आदेश दिए हैं।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक मदन लाल जलालपुर द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस स्टेशन की इमारत वाली जगह एमसी के कार्यालय के साथ पारस्परिक अदला-बदली हेतु व्यावहारिक है और उनकी सरकार इस पर गौर करेगी।

सदन को इस मामले के जल्द हल का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों कार्यालयों की जगह एक ही सी है। ज़िक्त्रस्योग्य है कि घनौर पुलिस स्टेशन का निर्माण वर्ष 2005 में किया गया था।
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